By: Ishan Verma (Founder & Editor, theexamhub.in) पणजी/नई दिल्ली | 28 जून
ICGS Akshay Commissioned Indian Coast Guard: भारत की समुद्री सीमाओं की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और तटीय रक्षा को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में भारतीय तटरक्षक बल ने एक नया और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण अभियान के तहत भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में ‘आईसीजीएस अक्षय’ (ICGS Akshay) नामक एक नए युग के फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) को शामिल कर लिया गया है।
27 जून 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में आयोजित एक विशेष आधिकारिक समारोह के दौरान इस युद्धपोत को देश की समुद्री सेवा में समर्पित किया गया। ‘अक्षय’ का शाब्दिक अर्थ है ‘जिसे कभी नष्ट न किया जा सके’ (Indestructible)। यह नया गश्ती जहाज भारत के विशाल समुद्री क्षेत्र की रक्षा करने और सुरक्षित, स्वच्छ व संकटमुक्त समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के प्रति भारतीय तटरक्षक बल के संकल्प को साकार करता है।
भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल हुआ नया फास्ट पेट्रोल वेसल ‘अक्षय’
आईसीजीएस अक्षय को भारतीय तटरक्षक बल (Bharatiya Tatrakshak) की परिचालन क्षमताओं को कई गुना बढ़ाने के उद्देश्य से बेड़े में शामिल किया गया है। यह पोत समुद्र में होने वाली विभिन्न अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और देश की जलीय सीमाओं की चौबीसों घंटे निगरानी करने में सक्षम है।
क्यों कहा जाता है आईसीजीएस अक्षय को ‘अभेद्य’ महायोद्धा?
फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) श्रेणी का यह जहाज अपनी अनूठी गति, त्वरित एक्शन क्षमता और आधुनिक प्रणालियों के कारण भारतीय समुद्री सीमा का नया रक्षक बनकर उभरा है:
1. अत्याधुनिक सुरक्षा और खोज प्रणालियों से लैस
यह गश्ती जहाज नेविगेशन, संचार और युद्ध प्रणालियों के क्षेत्र में अत्यधिक उन्नत और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। इसके जरिए समुद्र में विपरीत परिस्थितियों और खराब मौसम के दौरान भी दुश्मनों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सकेगी।
2. बहुउद्देशीय परिचालन क्षमता
आईसीजीएस अक्षय को विभिन्न प्रकार के जटिल कोस्ट गार्ड ऑपरेशन्स को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके प्रमुख कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- समुद्री कानून प्रवर्तन (Maritime Law Enforcement) और तस्करी पर नियंत्रण।
- तटीय सुरक्षा व्यवस्था (Coastal Security) को सुदृढ़ बनाना।
- समुद्र में संकट के समय खोज और बचाव अभियान (Search and Rescue) चलाना।
- समुद्री पर्यावरण का संरक्षण (Marine Environmental Protection) और तेल रिसाव जैसी आपदाओं को रोकना।
- समुद्र में फंसे नाविकों और मछुआरों को त्वरित सहायता प्रदान करना।
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आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी जहाज निर्माण का एक और गौरवशाली प्रतीक
आईसीजीएस अक्षय का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह से ‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ (GSL) द्वारा स्वदेशी रूप से किया गया है। यह देश की घरेलू जहाज निर्माण क्षमताओं और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Aatmanirbhar Bharat) के प्रति भारत सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस महत्वपूर्ण युद्धपोत को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की अतिरिक्त सचिव (कार्मिक) श्रीमती परमा सेन (Smt. Parama Sen) द्वारा औपचारिक रूप से कमीशन किया गया। इस ऐतिहासिक समारोह के दौरान कोस्ट गार्ड रीजन (वेस्ट) के कमांडर आईजी भीशम शर्मा (IG Bhisham Sharma) और उप महानिदेशक (HRD) आईजी ज्योतिंद्र सिंह (IG Jyotindra Singh) सहित केंद्र और राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ प्रशासनिक व सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
द एग्जाम हब – रक्षा व राष्ट्रीय करंट अफेयर्स (Fact-Check)
आगामी यूपीएससी (UPSC), एनडीए (NDA), सीडीएस (CDS) और राज्य पीएससी (जैसे CGPSC) परीक्षाओं के लिए इस रक्षा इंडक्शन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
- युद्धपोत का नाम: आईसीजीएस अक्षय (ICGS Akshay) [अक्षय का अर्थ – अभेद्य या जिसे नष्ट न किया जा सके]।
- प्रकार: नए युग का फास्ट पेट्रोल वेसल (Fast Patrol Vessel – FPV)।
- कमीशन की तिथि व स्थान: 27 जून 2026, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (गोवा)।
- कमीशन करने वाली मुख्य अतिथि: श्रीमती परमा सेन (अतिरिक्त सचिव, व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय)।
- निर्माणकर्ता शिपयार्ड: गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL)।
- परिचालन भूमिका: तटीय सुरक्षा, समुद्री कानून प्रवर्तन, खोज और बचाव, और पर्यावरण संरक्षण।
- संबद्ध कोस्ट गार्ड अधिकारी: आईजी भीशम शर्मा (कमांडर, वेस्टर्न रीजन) और आईजी ज्योतिंद्र सिंह (डिप्टी डीजी, एचआरडी)।
- राष्ट्रीय नीति संबंद्धता: आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 100% स्वदेशी डिजाइन और निर्माण।
FAQs
प्रश्न 1: हाल ही में भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल किए गए ‘आईसीजीएस अक्षय’ (ICGS Akshay) का निर्माण किस शिपयार्ड द्वारा किया गया है?
उत्तर: आईसीजीएस अक्षय का निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक के आधार पर ‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ (Goa Shipyard Limited – GSL) द्वारा किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की बड़ी सफलता है।
प्रश्न 2: आईसीजीएस अक्षय किस श्रेणी का जहाज है और इसके मुख्य परिचालन कार्य क्या हैं?
उत्तर: यह नए युग का ‘फास्ट पेट्रोल वेसल’ (FPV) श्रेणी का जहाज है, जिसका मुख्य कार्य तटीय सुरक्षा बढ़ाना, समुद्री कानूनों को लागू करना, खोज व बचाव अभियान चलाना और संकट में फंसे नाविकों की रक्षा करना है।
(देश के रक्षा परिदृश्य, भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण, नए राष्ट्रीय सुरक्षा निर्णयों और परीक्षाओं से जुड़े प्रामाणिक करंट अफेयर्स अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
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