By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
नई दिल्ली/अलीगढ़ | 22 अप्रैल
भारत के पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर एक और बड़ी पहचान मिली है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित Shekha Jheel Bird Sanctuary Ramsar Site (शेखा झील पक्षी अभयारण्य) को भारत के 99वें ‘रामसर स्थल’ के रूप में नामित करने की घोषणा की है।
इस घोषणा के साथ ही भारत अब रामसर स्थलों के मामले में ‘ऐतिहासिक शतक (100)’ लगाने के बेहद करीब पहुंच गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
99वां रामसर स्थल: शेखा झील का पारिस्थितिक महत्व
श्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए कहा कि शेखा झील (Shekha Jheel) को रामसर स्थल का दर्जा मिलने से स्थानीय आजीविका और वैश्विक जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
- प्रवासी पक्षियों का घर: शेखा झील ‘सेंट्रल एशियन फ्लाईवे (Central Asian Flyway)’ पर एक महत्वपूर्ण स्टॉपओवर (ठहराव) के रूप में कार्य करती है।
- सर्दियों के मेहमान: यह सर्दियों के मौसम में बार-हेडेड गूज़ (Bar-headed Goose), पेंटेड स्टॉर्क (Painted Stork) और बत्तखों की विभिन्न प्रजातियों जैसे कई प्रवासी पक्षियों को एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास प्रदान करती है।

📖 Static GK: क्या है ‘रामसर कन्वेंशन‘? (Ramsar Convention in Hindi)
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC/UPPSC/SSC) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए रामसर कन्वेंशन का ऐतिहासिक (Static) ज्ञान होना बेहद आवश्यक है:
1. रामसर कन्वेंशन का इतिहास:
रामसर कन्वेंशन आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण और उनके स्थायी उपयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है। इस संधि पर 2 फरवरी 1971 को ईरान के कैस्पियन सागर के तट पर स्थित ‘रामसर (Ramsar)’ शहर में हस्ताक्षर किए गए थे। इसीलिए इसे रामसर कन्वेंशन कहा जाता है।
(नोट: इसी कारण हर साल 2 फरवरी को ‘विश्व आर्द्रभूमि दिवस’ / World Wetlands Day मनाया जाता है)।
2. भारत और रामसर कन्वेंशन:
यह संधि 1975 में लागू हुई थी। भारत ने इस कन्वेंशन पर 1 फरवरी 1982 को हस्ताक्षर किए थे। भारत में रामसर स्थलों का नेटवर्क दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा है।
3. मोंट्रेक्स रिकॉर्ड (Montreux Record):
यह रामसर सूची का एक रजिस्टर है। इसमें उन आर्द्रभूमियों को शामिल किया जाता है, जिनके पारिस्थितिक स्वरूप (Ecological character) में मानवीय हस्तक्षेप या प्रदूषण के कारण परिवर्तन आ गया है या आने की संभावना है। भारत की ‘केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान)’ और ‘लोकटक झील (मणिपुर)’ मोंट्रेक्स रिकॉर्ड में शामिल रही हैं।

Shekha Jheel Bird Sanctuary Ramsar Site: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: हाल ही में भारत का 99वां रामसर स्थल किसे घोषित किया गया है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित ‘शेखा झील पक्षी अभयारण्य (Shekha Jheel Bird Sanctuary)’ को भारत का 99वां रामसर स्थल घोषित किया गया है।
प्रश्न 2: विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) कब मनाया जाता है?
उत्तर: पूरी दुनिया में हर साल 2 फरवरी को ‘विश्व आर्द्रभूमि दिवस’ मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1971 में ईरान के रामसर शहर में इस संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।
📚 The Exam Hub – पर्यावरण करेंट अफेयर्स (Fact-Check)
आगामी UPSC, UPPSC, CGPSC और अन्य परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- भारत का 99वां रामसर स्थल: शेखा झील पक्षी अभयारण्य (Shekha Jheel Bird Sanctuary)।
- स्थान: अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh, UP)।
- उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की संख्या: 12।
- भारत में कुल रामसर स्थलों की संख्या: 99।
- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री: श्री भूपेंद्र यादव।
- प्रमुख पक्षी (शेखा झील): बार-हेडेड गूज़ और पेंटेड स्टॉर्क।
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