प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव: CM विष्णु देव साय | सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर, 11 मई 2026:
भारत का स्वर्णिम इतिहास आज अपनी गौरवशाली परंपराओं के साथ एक नई अंगड़ाई ले रहा है। देश भर में मनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के ऐतिहासिक अवसर पर, रायपुर के प्रसिद्ध महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं के साथ हिस्सा लिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री और उपस्थित लोगों ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पूजा-अर्चना का सजीव प्रसारण देखा और उनका ओजस्वी संबोधन सुना।

75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन हुआ था सोमनाथ का नवनिर्माण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बताया कि ठीक 75 वर्ष पूर्व, आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में पूरे देश में यह स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सोमनाथ मंदिर पर बाहरी आक्रांताओं ने अनेक बार क्रूर हमले किए, लेकिन वे हमारी सनातन आस्था और परंपरा को कभी नहीं मिटा सके। पहली बार जब आक्रमण हुआ था, तब मंदिर के पुजारियों और निहत्थे श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा और अपने प्राणों का अमर बलिदान दिया। उनका यह त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।”

उन्होंने याद दिलाया कि देश की स्वतंत्रता के बाद देश के पहले गृह मंत्री, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने इस मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। तमाम राजनीतिक विरोधों के बावजूद देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने नवनिर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

पीएम मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री जी के सशक्त नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को एक नया गौरव मिला है।”

आज देश में धार्मिक पर्यटन और आस्था के केंद्रों का जिस तेजी से विकास हो रहा है, वह अभूतपूर्व है:

  • काशी विश्वनाथ कॉरिडोर (वाराणसी)
  • महाकाल लोक (उज्जैन)
  • भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर (अयोध्या)
  • सोमनाथ मंदिर का कायाकल्प (गुजरात)

छत्तीसगढ़ में भी आस्था के केंद्रों का हो रहा कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में चल रहे प्रमुख कार्यों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया:

  1. शक्तिपीठ योजना: प्रदेश में स्थित सभी प्रमुख देवी माताओं के मंदिरों को इस योजना के माध्यम से भव्य रूप दिया जा रहा है।
  2. भोरमदेव मंदिर का विकास: कबीरधाम जिले में स्थित ऐतिहासिक भोरमदेव महादेव मंदिर को ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। यहाँ पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
  3. श्री रामलला दर्शन योजना: छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। राज्य सरकार की इस योजना के तहत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु सरकारी खर्च पर अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

एकता और सामाजिक समरसता का आह्वान

कार्यक्रम के दौरान राज्य के अन्य दिग्गज मंत्रियों ने भी अपने विचार रखे:

  • वन मंत्री श्री केदार कश्यप: “हमारे मुखिया प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही लोगों को आस्था से जोड़ने का भगीरथी कार्य कर रहे हैं।”
  • राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा: “प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को एक नई और तेज गति मिली है।”
  • कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम: “हजार वर्षों में कई आक्रमण हुए, लेकिन सनातन संस्कृति की नींव को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा कर पाएगा।”

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने सभी नागरिकों से समाज में भाईचारा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।

इस भव्य आयोजन में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व क्यों मनाया जा रहा है?
उत्तर: 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन गुजरात स्थित ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था। इसी गौरवशाली दिन की याद में देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है।

Q2. हाटकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में किसने हिस्सा लिया?
उत्तर: राजधानी रायपुर के हाटकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हिस्सा लिया और पीएम मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना।

Q3. छत्तीसगढ़ में भोरमदेव मंदिर के विकास के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई है?
उत्तर: ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के अंतर्गत कबीरधाम जिले के भोरमदेव महादेव मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है।

Q4. श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक कितने लोगों ने अयोध्या के दर्शन किए हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।

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