Space on Wheels ISRO: जशपुर के बच्चों के लिए अंतरिक्ष ज्ञान का चलता-फिरता विद्यालय, सीएम साय ने जाना चंद्रयान का मॉडल

Space on Wheels ISRO

By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
जशपुर/रायपुर | 17 अप्रैल


अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जशपुर जिले में एक बहुत ही खास कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। जशपुर के रणजीता स्टेडियम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस Space on Wheels ISRO का आगमन हुआ, जिसने स्कूली बच्चों में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस ‘अंतरिक्ष गाड़ी’ का अवलोकन किया और इसमें प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रह (Satellites) तथा विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों के मॉडलों को बेहद करीब से देखा। इस दौरान उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी वैज्ञानिक समझ की खूब सराहना की।


12वीं की छात्राओं ने सीएम को समझाया चंद्रयान और मंगलयान

इस कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पल तब आया जब शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जशपुर की 12वीं कक्षा की छात्राओं (कुमारी अंशु पासवान, भूमिका डाहरे और सारिका साहनी) ने आगे बढ़कर मुख्यमंत्री को चंद्रयान और मंगलयान की कार्यप्रणाली समझाई।

बच्चों के इस आत्मविश्वास से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में विज्ञान और तकनीक ही विकास की असली आधारशिला है। ऐसी पहल विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों में विज्ञान (STEM) के प्रति रुचि विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सीएम ने 17 बच्चों को प्रशस्ति पत्र और “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” नामक पुस्तिका भी वितरित की।


‘स्पेस ऑन व्हील्स’ बस में क्या-क्या मौजूद है?

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को इस मोबाइल बस के बारे में जानना चाहिए। यह बस ISRO की एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है।

  • मॉडल्स: इस बस के अंदर पीएसएलवी (PSLV), जीएसएलवी (GSLV), चंद्रयान, मंगलयान, आरएलवी (RLV), रिमोट सेंसिंग और नेविगेशन सैटेलाइट के बेहतरीन मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं।
  • कार्यक्रम का संचालन: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने वाले ‘अन्वेषण’ कार्यक्रम के तहत ‘विज्ञान भारती’ के सहयोग से इसे आयोजित किया जा रहा है।
  • समय और लाभ: 7 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान 14 दिनों तक चलेगा और प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक स्कूलों में जाएगा। इससे जशपुर जिले के 10,000 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

Space on Wheels ISRO: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम क्या है?
उत्तर: ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ इसरो (ISRO) की एक मोबाइल एग्जीबिशन (प्रदर्शनी) बस है, जिसके जरिए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को चंद्रयान, मंगलयान और रॉकेट तकनीक की जानकारी दी जा रही है।

प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ में यह प्रदर्शनी हाल ही में कहाँ आयोजित की गई?
उत्तर: छत्तीसगढ़ में यह कार्यक्रम जशपुर जिले के ‘रणजीता स्टेडियम’ से शुरू किया गया, जो जिले के विभिन्न स्कूलों में 14 दिनों तक चलेगा।


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आगामी CGPSC, Vyapam और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ‘Space on Wheels’ से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:

  • प्रदर्शनी का नाम: स्पेस ऑन व्हील्स (Space on Wheels)।
  • आयोजक संस्था: इसरो (ISRO) और विज्ञान भारती।
  • छत्तीसगढ़ में आयोजन स्थल: जशपुर जिले के सभी विकासखंड।
  • मुख्य उद्देश्य: STEM (Science, Technology, Engineering, and Mathematics) के क्षेत्र में युवाओं को करियर बनाने के लिए प्रेरित करना।
  • वितरित पुस्तिका का नाम: द मैजिक ऑफ नाइट स्काई (The Magic of Night Sky)।

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