By: Ishan Verma (Founder & Editor, theexamhub.in)
Date – 29-06-2026
Aarogya Setu 2.0: भारत के डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र (Digital Health Ecosystem) को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा (J.P. Nadda) 29 जून, 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों का शुभारंभ करेंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और ‘नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर EHR स्टैंडर्ड्स’ (NRCeS) के सहयोग से तैयार की गई इन पहलों का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच को आसान बनाना, तकनीकी अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ावा देना और देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को मजबूत करना है।
1. आरोग्य सेतु 2.0 (Aarogya Setu 2.0): नए और आधुनिक फीचर्स के साथ वापसी
कोविड-19 महामारी के दौरान करोड़ों भारतीयों की मदद करने वाले ‘आरोग्य सेतु’ ऐप को अब एक व्यापक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (PHR) एप्लीकेशन के रूप में पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया गया है। यह अब नागरिकों के लिए कई डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का एकल मंच (Single Platform) बनेगा।
- ABHA का प्रबंधन: इसके जरिए यूजर आसानी से अपना आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) बना और प्रबंधित कर सकेंगे।
- डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड: उपयोगकर्ता अपने मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रख सकेंगे और सहमति के आधार पर डॉक्टरों के साथ साझा कर सकेंगे।
- AI-संचालित स्मार्ट रिपोर्ट्स: ऐप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्वास्थ्य अंतर्दृष्टि और वियरेबल्स (जैसे स्मार्टवॉच) का एकीकरण शामिल है।
- सुविधाजनक भुगतान और रजिस्ट्रेशन: अस्पताल ओपीडी में ‘स्कैन और रजिस्टर’ (Scan & Register) तथा भुगतान के लिए ‘स्कैन और पे’ (Scan & Pay) की सुविधा मिलेगी।
- दवाइयों के रिमाइंडर और सर्च: इस ऐप के जरिए दवाइयों के रिमाइंडर सेट किए जा सकेंगे। साथ ही पास के अस्पतालों, डॉक्टरों, एम्बुलेंस सेवाओं, ब्लड बैंकों और जन औषधि केंद्रों का पता लगाया जा सकेगा।
- PM-JAY सेवाओं तक पहुंच: इसके माध्यम से आयुष्मान भारत योजना के तहत लिस्टेड अस्पतालों की खोज और आयुष्मान CAPF पॉलिसी विवरण आसानी से देखा जा सकेगा।
2. आयुष्मान ऐप और आयुष्मान सारथी (WhatsApp Chatbot)
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के लाभार्थियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए दो प्रमुख तकनीकी समाधान पेश किए जा रहे हैं:
- अपग्रेडेड आयुष्मान ऐप: इसके माध्यम से लाभार्थी अपनी पात्रता की जांच, आयुष्मान कार्ड डाउनलोड, उपचार का इतिहास और शिकायत दर्ज करने जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकेंगे।
- आयुष्मान सारथी चैटबॉट: यह व्हाट्सएप (WhatsApp) पर आधारित एक चैटबॉट है, जो आम नागरिकों को उनकी स्थानीय भाषा में संवाद के जरिए PM-JAY से जुड़ी आवश्यक जानकारियां प्रदान करेगा।
3. नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX) और अन्य स्वास्थ्य समाधान
स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी और बीमा दावों की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई एडवांस प्लेटफॉर्म भी राष्ट्र को समर्पित किए जा रहे हैं:
यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI)
यह एक ओपन और इंटरऑपरेबल नेटवर्क है जो मरीजों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं (अस्पतालों, डॉक्टरों और लैब) से जोड़ेगा। इसके जरिए देश के किसी भी कोने से डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं को खोजना और उनसे संपर्क करना आसान हो जाएगा.
नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX)
यह डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बीमा दावों (Health Claims) के प्रसंस्करण को आसान और पारदर्शी बनाएगा। इसके माध्यम से अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच दावों की जानकारी का मानकीकृत आदान-प्रदान होगा, जिससे दावों के निपटान में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
ई-सुश्रुत क्लिनिक (e-Sushrut Clinic)
यह डॉक्टरों और क्लीनिकों के लिए एक ‘प्लग-एंड-प्ले’ मैनेजमेंट सॉल्यूशन है। इसकी मदद से छोटे क्लिनिक भी अपने कामकाज को डिजिटल बना सकेंगे, मरीजों के इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड रख सकेंगे और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़ सकेंगे।
4. चिकित्सा डेटा का मानकीकरण (Data Standardization)
देश भर के अस्पतालों और लैब के बीच मेडिकल रिपोर्ट और डेटा को समझने में कोई विसंगति न हो, इसके लिए तीन नए मानक लॉन्च किए जा रहे हैं:
- ड्रग रजिस्ट्री (Drug Registry): देश भर में दवाओं की कोडिंग को मानकीकृत करने के लिए, जिससे दवाओं के विवरण में स्पष्टता आएगी।
- कॉमन लॉइंक कोड्स फॉर इंडिया (CLCI): भारतीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए प्रयोगशाला मानक, जो लैब रिपोर्ट के डेटा को पूरे देश में समान रूप से पढ़ने योग्य बनाएंगे।
- भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (BHTS): यह विभिन्न स्वास्थ्य प्रणालियों के बीच चिकित्सा शब्दावलियों की सटीक व्याख्या और सुचारू आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा।
डिजिटल पहलों से जुड़ी मुख्य जानकारियां (Quick Overview)
| पहल का नाम | मुख्य उद्देश्य / कार्य |
|---|---|
| आरोग्य सेतु 2.0 | पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड ऐप, ABHA प्रबंधन, AI स्मार्ट रिपोर्ट्स, स्कैन और पे। |
| आयुष्मान सारथी | व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से PM-JAY सेवाओं की आसान पहुंच। |
| NHCX | अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच दावों के त्वरित निपटान के लिए साझा मंच। |
| e-Sushrut Clinic | छोटे और मध्यम क्लीनिकों को डिजिटल बनाने के लिए प्लग-एंड-प्ले समाधान। |
| CLCI और BHTS | प्रयोगशाला रिपोर्टों और चिकित्सा शब्दावलियों का राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकरण। |
निष्कर्ष
ये सभी डिजिटल पहलें मिलकर भारत के ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर हेल्थ’ को एक नया आयाम देंगी। इन तकनीकों के व्यापक इस्तेमाल से न केवल मरीजों के लिए इलाज और बीमा का दावा करना आसान होगा, बल्कि डॉक्टरों, अस्पतालों और बीमा कंपनियों के काम में भी पारदर्शिता और तेजी आएगी। यह कदम भारत सरकार के ‘सभी के लिए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा’ के विज़न को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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