Ishan Verma | Founder & Editor, theexamhub.in
प्रकाशित: 18 जून 2026 | रायपुर
Exercise Khan Quest — भारतीय सेना का दल आज बहुपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास “खान क्वेस्ट” में भाग लेने के लिए मंगोलिया के लिए रवाना हुआ। यह अभ्यास 20 जून से 3 जुलाई 2026 तक मंगोलिया की राजधानी उलानबतार स्थित फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में आयोजित होगा। Exercise Khan Quest में विश्वभर की सैन्य शक्तियां संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत शांति समर्थन अभियानों में अंतरसंचालनीयता बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगी। भारतीय सेना का दल जाट रेजिमेंट की एक बटालियन के 40 जवानों सहित अन्य शस्त्रों और सेवाओं के कर्मियों से मिलकर बना है।
अगर आप UPSC, CDS, NDA, CGPSC, SSC या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं — Exercise Khan Quest बेहद महत्वपूर्ण रक्षा करेंट अफेयर्स है। यह अभ्यास 2003 में शुरू हुआ और 2026 में इसका 23वां संस्करण है।
🎖️ EXERCISE KHAN QUEST — MONGOLIA 2026
20 जून — 3 जुलाई 2026 | उलानबतार, मंगोलिया | JAT रेजिमेंट — 40 जवान | 23वां संस्करण | UN चार्टर अध्याय VII | बहुपक्षीय शांति अभ्यास
Quick Overview — Exercise Khan Quest
| अभ्यास: | Exercise KHAAN QUEST |
| तारीख: | 20 जून — 3 जुलाई 2026 |
| स्थान: | फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया, उलानबतार, मंगोलिया |
| संस्करण: | 23वां |
| प्रकार: | बहुपक्षीय संयुक्त सैन्य शांति अभ्यास |
| आधार: | UN चार्टर — अध्याय VII — शांति समर्थन अभियान |
| भारतीय दल: | 40 जवान — जाट रेजिमेंट + अन्य शस्त्र/सेवाएं |
| शुरुआत: | 2003 — अमेरिका-मंगोलिया द्विपक्षीय |
| बहुपक्षीय: | 2006 से |
| पिछला संस्करण: | 14-28 जून 2025 — मंगोलिया |
Exercise Khan Quest — 2003 से 2026 तक का सफर
Exercise Khan Quest की शुरुआत 2003 में अमेरिका और मंगोलिया रक्षा बलों के बीच एक द्विपक्षीय कार्यक्रम के रूप में हुई थी। 2006 से यह बहुपक्षीय शांति सैन्य अभ्यास में परिवर्तित हो गया।
| वर्ष | मील का पत्थर |
|---|---|
| 2003 | शुरुआत — अमेरिका-मंगोलिया द्विपक्षीय |
| 2006 | बहुपक्षीय शांति अभ्यास में परिवर्तित |
| 2025 | 22वां संस्करण — 14-28 जून 2025 |
| 2026 | 23वां संस्करण — 20 जून – 3 जुलाई 2026 |
भारतीय दल — JAT रेजिमेंट के 40 जवान
Exercise Khan Quest में भाग लेने वाला भारतीय सेना का दल — 40 कर्मियों से मिलकर बना है।
भारतीय दल — विवरण
- संख्या: 40 कर्मी
- मुख्य: जाट रेजिमेंट की एक बटालियन के जवान
- अन्य: अन्य शस्त्रों और सेवाओं के कर्मी
- महत्व: भारत की वैश्विक शांति और मंगोलिया के साथ रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता
अभ्यास का उद्देश्य — UN चार्टर अध्याय VII
Exercise Khan Quest का उद्देश्य — भाग लेने वाले रक्षा बलों के दलों को बहुपक्षीय वातावरण में शांति समर्थन मिशनों के लिए तैयार करना है।
Exercise Khan Quest — प्रमुख गतिविधियां
- संयुक्त योजना: Joint Planning
- स्थिर और मोबाइल चेक प्वाइंट: Static & Mobile Check Points
- घेरा और तलाश अभियान: Cordon and Search Operations
- गश्ती: Patrolling
- नागरिक निकासी: शत्रुतापूर्ण क्षेत्र से नागरिकों की निकासी
- IED ड्रिल: Counter Improvised Explosive Device
- युद्ध प्राथमिक चिकित्सा: Combat First Aid
- हताहत निकासी: Casualty Evacuation
अंतरसंचालनीयता — वैश्विक शांति में भारत की भूमिका
Exercise Khan Quest भाग लेने वाले देशों को रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम बनाएगा।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| अंतरसंचालनीयता | संयुक्त अभियानों में सहयोग बढ़ाना |
| ऑपरेशनल रेडीनेस | परिचालन तत्परता |
| सौहार्द | भाग लेने वाले देशों के सैनिकों के बीच सौहार्द और सहयोग |
| सर्वोत्तम प्रथाएं | साझा करना — तकनीक और प्रक्रियाएं |
भारत की भागीदारी — वैश्विक शांति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और मंगोलिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।
Exercise Khan Quest: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- Q: अभ्यास का नाम? → Exercise KHAAN QUEST
- Q: कब और कहां? → 20 जून — 3 जुलाई 2026 — फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया, उलानबतार, मंगोलिया
- Q: कौन सा संस्करण? → 23वां
- Q: भारतीय दल? → 40 जवान — जाट रेजिमेंट + अन्य शस्त्र/सेवाएं
- Q: कब शुरू हुआ? → 2003 — अमेरिका-मंगोलिया द्विपक्षीय
- Q: बहुपक्षीय कब बना? → 2006 से
- Q: पिछला संस्करण? → 14-28 जून 2025 — मंगोलिया
- Q: आधार? → UN चार्टर — अध्याय VII — शांति समर्थन अभियान
- Q: उद्देश्य? → बहुपक्षीय वातावरण में शांति समर्थन मिशनों के लिए तैयार करना
- Q: जाट रेजिमेंट? → भारतीय सेना की प्रसिद्ध रेजिमेंट — दल का प्रतिनिधित्व
निष्कर्ष: Exercise Khan Quest — वैश्विक शांति में भारत की प्रतिबद्धता
Exercise Khan Quest — 2003 में द्विपक्षीय शुरुआत से 2026 में 23वें बहुपक्षीय संस्करण तक — इस अभ्यास ने वैश्विक शांति समर्थन में एक लंबा सफर तय किया है।
जब JAT रेजिमेंट के 40 जवान उलानबतार के फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में विश्वभर की सेनाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे — तो यह भारत की “वैश्विक शांति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता” का सबसे मज़बूत प्रमाण होगा।
स्रोत: PIB दिल्ली, 18 जून 2026 | अधिक जानकारी के लिए Indian Army देखें