By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
नारायणपुर/रायपुर | 2 जून
“जब शिक्षा, समाज और प्रकृति संरक्षण का संकल्प एक साथ आगे बढ़ता है, तब परिवर्तन की नई इबारत लिखी जाती है।” इसी विचार को सच साबित करते हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग (Environment Champion Award 2026) ने पूरे देश में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि और जल संवर्धन में उत्कृष्ट कार्यों के लिए ‘इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV)’, रायपुर के अधीनस्थ लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित Environment Champion Award 2026 (पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026) से सम्मानित किया गया है। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण क्षण है।
देहरादून में मिला सम्मान: जल शक्ति मंत्रालय और WII की बड़ी पहल
देहरादून (उत्तराखंड) में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवार्ड को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ‘नमामि गंगे परियोजना (Namami Gange Project)’ और ‘भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India – WII)’, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
कितनी बड़ी है यह उपलब्धि?
देशभर से 100 से अधिक नामांकन (Nominations) प्राप्त हुए थे। कठोर मूल्यांकन के बाद पूरे देश से केवल 9 संस्थाओं को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया, जिनमें नारायणपुर का यह कृषि महाविद्यालय भी शामिल था। चयनित संस्थाओं में उत्तराखंड का सुप्रसिद्ध सामुदायिक रेडियो “रेडियो केदार” भी सम्मिलित रहा।
क्यों मिला यह अवार्ड और किन दिग्गजों ने किया सम्मानित?
लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय, नारायणपुर ने विगत वर्षों में जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने, व्यापक वृक्षारोपण, नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रमों और किसानों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किया है। समारोह के दौरान जब इन कार्यों का वीडियो दिखाया गया, तो देश के सभी पर्यावरणविदों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।
यह सम्मान ट्रॉफी एवं प्रशस्ति-पत्र के रूप में बेहद खास और दिग्गज हस्तियों के हाथों प्रदान किया गया:
- पद्मश्री कल्याण सिंह रावत: प्रख्यात पर्यावरणविद् और पहाड़ों में पर्यावरण बचाने वाले प्रसिद्ध ‘मैती आंदोलन (Maiti Movement)’ के प्रणेता।
- पद्मश्री माधुरी बर्थवाल: सुप्रसिद्ध लोकगायिका और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की संवाहक।
इस कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान की ‘फैकल्टी ऑफ वाइल्डलाइफ साइंसेज’ की डीन और नोडल अधिकारी डॉ. रुचि बडोला भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।
📚 The Exam Hub – पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Fact-Check)
आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए इस खबर का ‘निचोड़’ (Quick Revision):
- पुरस्कार का नाम: पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026 (Environment Champion Award 2026)।
- छत्तीसगढ़ की विजेता संस्था: लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर।
- सम्मान देने वाली संस्थाएं: नमामि गंगे परियोजना (जल शक्ति मंत्रालय) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून।
- स्टेटिक जीके (मैती आंदोलन): ‘मैती आंदोलन’ उत्तराखंड में पेड़ लगाने का एक प्रसिद्ध पर्यावरण आंदोलन है, जिसके प्रणेता ‘पद्मश्री कल्याण सिंह रावत’ हैं।
- WII का मुख्यालय कहाँ है: देहरादून (उत्तराखंड)।
Environment Champion Award 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: हाल ही में छत्तीसगढ़ के किस महाविद्यालय को देहरादून में ‘पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है?
उत्तर: पर्यावरण और जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्यों के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ ‘लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर’ को ‘पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है।
प्रश्न 2: ‘पर्यावरण चैंपियन अवार्ड’ किन राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा प्रदान किया जाता है?
उत्तर: यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान भारत सरकार के ‘जल शक्ति मंत्रालय’ के अंतर्गत संचालित नमामि गंगे परियोजना और ‘भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून’ के संयुक्त तत्वावधान में प्रदान किया जाता है।
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