By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
महासमुंद/रायपुर | 22 मई
सरकारी योजनाएं फाइलों से निकलकर जमीन पर कैसा असर दिखा रही हैं, इसे जानने के लिए अब प्रशासन खुद गांव की पगडंडियों पर उतर आया है। छत्तीसगढ़ में चल रहे ‘सुशासन तिहार 2026’ (Sushasan Tihar Mahasamund) के तहत आज एक बेहद ही पारंपरिक और भावनात्मक नजारा देखने को मिला।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद (Mahasamund) जिले के बागबाहरा विकासखंड स्थित ग्राम कमरौद (Kamraud) का दौरा किया। यहाँ उन्होंने किसी बड़े मंच से नहीं, बल्कि एक विशाल ‘बरगद के पेड़’ की छांव में बैठकर चौपाल लगाई। प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC, Vyapam, Patwari) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘भूगोल और अर्थव्यवस्था’ के नजरिए से इस Sushasan Tihar Mahasamund की चौपाल में कई बड़े ‘एग्जाम फैक्ट्स’ सामने आए हैं।
सिकासेर-कोडार सिंचाई परियोजना: महासमुंद के लिए 3200 करोड़ की संजीवनी
भूगोल (Geography of CG) के छात्रों के लिए चौपाल में हुई चर्चा का यह हिस्सा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। महासमुंद जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने एक ‘मेगा इरिगेशन प्रोजेक्ट’ की जानकारी दी।
- परियोजना का रूट: गरियाबंद जिले के ‘सिकासेर बांध (Sikaser Dam)’ से महासमुंद के ‘शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय (कोडार डैम – Kodar Dam)’ तक पानी पहुंचाया जाएगा।
- प्रोजेक्ट की लागत: इस जीवनदायिनी परियोजना पर लगभग 3200 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। यह महासमुंद के किसानों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी।
🔗 इसे भी पढ़ें: Sushasan Tihar Baloda Bazar: गांव-गांव पहुंची सरकार, सीएम साय ने करहीबाजार से किए ‘अटल डिजिटल केंद्र’ और ‘तत्काल नामांतरण’ के बड़े ऐलान
‘पीएम सूर्यघर योजना’ का कमाल: 3500 का बिजली बिल हुआ ‘शून्य’
चौपाल में शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आई। ग्राम कमरौद के निवासी श्री मोहन कुलदीप ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सोलर पैनल लगवाया था।
- सब्सिडी और फायदा: उन्हें सरकार से 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। जो बिजली का बिल पहले 3500 रुपये आता था, वह अब पूरी तरह से ‘शून्य (Zero)’ हो गया है।

18 लाख आवास, 6000 डिजिटल केंद्र और ‘लखपति दीदी’
- बिहान (Bihan) योजना: ‘बिहान योजना’ से जुड़ी महिला परी साहू ने बताया कि वह स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं और अब उन्हें गांव में “लखपति दीदी” के नाम से जाना जाता है।
- पीएम आवास: मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 10 लाख का निर्माण शुरू हो गया है।
- अटल डिजिटल सेवा केंद्र: पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं (प्रमाण-पत्र आदि) की पहुंच बढ़ाने के लिए अब तक लगभग 6000 ‘अटल डिजिटल सेवा केंद्र’ स्थापित किए जा चुके हैं। बहुत जल्द ‘ऑनलाइन शिकायत समाधान व्यवस्था (टोल-फ्री नंबर)’ भी शुरू होने वाली है।
चौपाल में एक आत्मीय क्षण तब आया जब 5वीं कक्षा के छात्र पूर्वांश साहू ने मुख्यमंत्री से पूछा— “सेल्फी लेंगे क्या?” और उत्साहपूर्वक उनके साथ सेल्फी ली।
📚 The Exam Hub – छत्तीसगढ़ भूगोल व योजनाएं (Fact-Check)
आगामी CGPSC, ADEO, Patwari और अन्य प्रशासनिक परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- चर्चित चौपाल स्थल: ग्राम कमरौद (बागबाहरा विकासखंड, महासमुंद)।
- विशाल सिंचाई परियोजना: सिकासेर बांध (गरियाबंद) से कोडार डैम (महासमुंद) तक पानी लाना।
- प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत: 3200 करोड़ रुपये।
- चर्चित योजना (बिजली बिल शून्य): प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना।
- चर्चित आजीविका मिशन: बिहान योजना (लखपति दीदी)।
- राजस्व मंत्री (CG): श्री टंकराम वर्मा।
Sushasan Tihar Mahasamund: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: सिकासेर-कोडार सिंचाई परियोजना (Sikaser-Kodar Irrigation Project) छत्तीसगढ़ के किन जिलों को लाभान्वित करेगी?
उत्तर: 3200 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना गरियाबंद जिले के ‘सिकासेर बांध’ के अतिरिक्त जल को महासमुंद जिले के ‘शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय (कोडार डैम)’ तक पहुंचाएगी, जिससे महासमुंद के किसानों को बड़ी सिंचाई सुविधा मिलेगी।
प्रश्न 2: हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महासमुंद जिले के किस गांव में ‘बरगद के पेड़’ के नीचे सुशासन तिहार की चौपाल लगाई?
उत्तर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड स्थित ‘ग्राम कमरौद (Kamraud)’ में विशाल बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर ग्रामीणों की जन-चौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं।
(छत्तीसगढ़ के भूगोल, सरकारी योजनाओं और एग्जाम से जुड़े सटीक करेंट अफेयर्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
🎯 CGPSC व State PSC एस्पिरेंट्स के लिए ‘गेम चेंजर’ (Bonus Study Material):
क्या आप भी ‘छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और भूगोल’ के ऐसे ही सवालों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं? अपनी तैयारी को स्मार्ट बनाने के लिए The Exam Hub लाया है पिछले वर्षों के ओरिजिनल प्रश्न पत्र!
📥 [यहाँ क्लिक करें: CGPSC Pre और Mains (2020-2024) के Previous Year Question Papers PDF में निःशुल्क डाउनलोड करें]

One thought on “Sushasan Tihar Mahasamund: बरगद के पेड़ के नीचे सीएम साय की चौपाल, 3200 करोड़ के ‘सिकासेर-कोडार’ प्रोजेक्ट पर बड़ा ऐलान”