By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर | 8 मई
छत्तीसगढ़ के घने वनांचलों में रहने वाले लाखों आदिवासियों और वनोपज संग्राहकों को ‘डिजिटल’ रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब वनोपज बेचने वाले ग्रामीणों को बाजार का सही भाव जानने के लिए किसी बिचौलिए या बाजार के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से Chhattisgarh Vanopaj Sanrakshan Vani (छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी) और आईवीआरएस (IVRS) आधारित ‘सूचना एवं संवाद तंत्र’ का आधिकारिक शुभारंभ किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC/Vyapam) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह ‘वन एवं जनजातीय विकास’ का एक बेहद महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स है।
कैसे काम करेगी यह मिस्ड कॉल (Missed Call) सेवा?
राज्य सरकार ने इस तकनीक को इतना सरल बनाया है कि इसके लिए किसी स्मार्टफोन या इंटरनेट की जरूरत नहीं है:
- टोल-फ्री नंबर: संग्राहकों को जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल फ्री नंबर +91-9811125813 पर अपने मोबाइल से सिर्फ एक ‘मिस्ड कॉल’ करना होगा।
- कॉल बैक (Call Back): मिस्ड कॉल करने के कुछ ही सेकंड बाद, 911 से शुरू होने वाले एक नंबर से उपयोगकर्ता के पास ‘कॉल बैक’ आएगा।
- जानकारी और सुझाव: कॉल रिसीव करते ही संग्राहक जंगल, वनोपज संरक्षण, सतत संग्रहण, बाजार भाव (Market Rates) और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी सुन सकेंगे। इसके साथ ही वे अपनी राय, अनुभव और सुझाव भी रिकॉर्ड करा सकेंगे।

स्थानीय बोलियों (हल्बी, गोंडी) में मिलेगी जानकारी
इस योजना की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि यह पूरी प्रणाली ‘स्थानीय बोलियों’ पर आधारित है। फोन कॉल पर जानकारी हिंदी के अलावा बस्तर और राज्य की अन्य स्थानीय बोलियों जैसे— हल्बी (Halbi) और गोंडी (Gondi) में उपलब्ध होगी।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि इस नवाचार से राज्य के 13 लाख से अधिक वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। बाजार का सही भाव पता होने से बिचौलियों (Middlemen) पर उनकी निर्भरता कम होगी और उनकी आय (Income) में सीधा इजाफा होगा।
यह पूरी पहल ‘छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित’, रायपुर द्वारा संचालित की जा रही है।

📚 The Exam Hub – वन एवं जलवायु परिवर्तन (Fact-Check)
आगामी CGPSC, Forest Guard और Vyapam परीक्षाओं के लिए ‘वनोपज संरक्षण वाणी’ से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- योजना/सेवा का नाम: छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी (आईवीआरएस आधारित सूचना तंत्र)।
- टोल-फ्री मिस्ड कॉल नंबर: +91-9811125813
- मुख्य उद्देश्य: वनोपज के बाजार भाव (Market Rates) और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना।
- उपलब्ध भाषाएं: स्थानीय बोलियां जैसे हल्बी, गोंडी आदि।
- लाभार्थी: राज्य के 13 लाख से अधिक वनोपज संग्राहक परिवार।
- संचालक संस्था: छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित (CG MFP Fed)।
- संबंधित मंत्री: श्री केदार कश्यप (वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री)।
Chhattisgarh Vanopaj Sanrakshan Vani: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: ‘छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी’ क्या है और यह कैसे काम करती है?
उत्तर: ‘छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी’ राज्य के वनोपज संग्राहकों के लिए शुरू की गई एक IVRS मिस्ड कॉल सेवा है। टोल फ्री नंबर (+91-9811125813) पर मिस्ड कॉल देकर ग्रामीण अपनी स्थानीय भाषा (हल्बी, गोंडी) में वनोपज के बाजार भाव और योजनाओं की जानकारी सुन सकते हैं।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ में ‘लघु वनोपज’ का संचालन और क्रय किस संस्था द्वारा किया जाता है?
उत्तर: छत्तीसगढ़ में लघु वनोपजों (Minor Forest Produce) का व्यापार, विकास और संचालन ‘छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित’ (CG MFP Fed) द्वारा किया जाता है।
(छत्तीसगढ़ की वन संपदा, सरकारी योजनाओं और एग्जाम से जुड़े सटीक करेंट अफेयर्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
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