By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
कोरबा/रायपुर | 21 अप्रैल
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। लेकिन प्रशासन के संवेदनशील प्रयासों से अब इन दुर्गम इलाकों में भी बदलाव की बयार बहने लगी है। कोरबा जिले के अत्यंत दुर्गम लेमरू क्षेत्र में राज्य शासन की Sanjeevani 108 Ambulance CG (संजीवनी 108 एंबुलेंस) सेवा अब ग्रामीणों के लिए सही मायनों में जीवनदायिनी साबित हो रही है।
जिला मुख्यालय से लगभग 80 से 90 किलोमीटर दूर स्थित लेमरू क्षेत्र में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में इस आपातकालीन सेवा की तैनाती की गई है, जिससे मरीजों को त्वरित उपचार मिलना संभव हो पाया है।
‘पहाड़ी कोरवा’ और ‘बिरहोर’ जनजातियों (PVTGs) को मिला बड़ा लाभ
प्रतियोगी छात्रों को इस क्षेत्र की भौगोलिक और जनांकिकीय (Demographic) स्थिति के बारे में जानना चाहिए। लेमरू वनांचल क्षेत्र में विशेष रूप से संरक्षित पिछड़ी जनजातियां (PVTGs) जैसे पहाड़ी कोरवा और बिरहोर की बड़ी आबादी निवास करती है।
लंबे समय तक यह इलाका स्वास्थ्य सुविधाओं से कटा हुआ था। अस्पताल पहुँचने में 5 से 6 घंटे लग जाते थे। लेकिन अब ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू’ के अंतर्गत आने वाले लगभग 20 गांवों की 16,000 से अधिक आबादी को इस संजीवनी एंबुलेंस का सीधा लाभ मिल रहा है। इनमें 1,700 से अधिक लोग विशेष पिछड़ी जनजातियों से संबंधित हैं। पिछले एक वर्ष में ही इस सेवा के माध्यम से लगभग 1,200 मरीजों को समय पर उपचार मिल चुका है।
Sanjeevani 108 Ambulance CG: चलती-फिरती जीवनरक्षक इकाई
यह एंबुलेंस केवल मरीजों को ढोने का साधन नहीं है, बल्कि एक आधुनिक जीवनरक्षक इकाई (Life-saving unit) है।
- सुविधाएं: इसमें व्हीलचेयर, ऑक्सीजन सिलिंडर, पल्स ऑक्सीमीटर, बीपी-शुगर जांच उपकरण, बर्न किट और डिलीवरी किट उपलब्ध हैं।
- गंभीर मरीजों के लिए (ALS): गंभीर मरीजों के लिए एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) के तहत वेंटिलेटर की सुविधा भी दी गई है। साथ ही प्रशिक्षित ईएमटी (EMT) स्टाफ हर समय मौजूद रहता है।
यह जानना भी बहुत महत्वपूर्ण है कि उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण ‘लेमरू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र’ पहले ही राष्ट्रीय स्तर का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुका है। कोरबा जिले को हाल ही में 12 नई संजीवनी 108 एंबुलेंस प्राप्त हुई हैं, जिससे जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत हुई है।
Sanjeevani 108 Ambulance CG: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ में ‘संजीवनी एक्सप्रेस’ के लिए कौन सा टोल-फ्री नंबर डायल किया जाता है?
उत्तर: आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए छत्तीसगढ़ में ‘संजीवनी एक्सप्रेस 108’ (टोल-फ्री) डायल किया जाता है। गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए ‘महतारी एक्सप्रेस 102’ संचालित है।
प्रश्न 2: कोरबा के लेमरू क्षेत्र में मुख्य रूप से कौन सी विशेष पिछड़ी जनजातियां (PVTGs) निवास करती हैं?
उत्तर: लेमरू वनांचल क्षेत्र में मुख्य रूप से ‘पहाड़ी कोरवा’ और ‘बिरहोर’ जैसी केंद्र सरकार द्वारा घोषित विशेष पिछड़ी जनजातियां (PVTGs) निवास करती हैं।
📚 The Exam Hub – स्वास्थ्य एवं जनजाति करेंट अफेयर्स (Fact-Check)
आगामी CGPSC, Vyapam और स्वास्थ्य विभाग की परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- योजना का नाम: संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस (Sanjeevani 108 Ambulance)।
- लाभान्वित क्षेत्र: लेमरू (जिला – कोरबा, दूरी 80-90 किमी)।
- निवास करने वाली प्रमुख जनजातियां: पहाड़ी कोरवा और बिरहोर (विशेष पिछड़ी जनजातियां – PVTGs)।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की उपलब्धि: लेमरू PHC को ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS)’ प्रमाण पत्र मिल चुका है।
- जिले के कलेक्टर: श्री कुणाल दुदावत।
(छत्तीसगढ़ की जनजातियों, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और एग्जाम से जुड़े सटीक करेंट अफेयर्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
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