“मोदी निर्मित महंगाई राष्ट्रीय आपदा बन चुकी है”: ऑक्सफैम रिपोर्ट और 255 लाख करोड़ के कर्ज पर कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा हमला

मोदी निर्मित महंगाई

By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर | 3 जून


देश में बेतहाशा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता और किसानों की बदहाली को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि देश की आम जनता महंगाई से बुरी तरह त्रस्त है, लेकिन सत्ता में बैठे ‘भाजपाई मस्त हैं’ और अपनी जवाबदेही से भाग रहे हैं। कांग्रेस ने आवश्यक वस्तुओं की अनियंत्रित मूल्यवृद्धि को सीधे तौर पर ‘मोदी निर्मित महंगाई’ और एक ‘राष्ट्रीय आपदा’ करार दिया है।

गैस, पेट्रोल और डीजल: आसमान छूते दाम

कांग्रेस प्रवक्ता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे पिछले कुछ सालों में आम आदमी की जेब खाली की गई है:

  • रसोई गैस: साल 2014 में जो गैस सिलेंडर 410 रुपए का मिलता था, आज वह 984 रुपए के पार हो गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम तो सीधे तीन गुना बढ़ा दिए गए हैं।
  • पेट्रोल-डीजल: पिछले 15 दिनों में ईंधन के दामों में 12 रुपए की भारी बढ़ोत्तरी हुई है।
  • जो पेट्रोल पहले 70 रु. प्रति लीटर था, वह आज 105 रु. के पार है।
  • जो डीजल 55 रु. प्रति लीटर था, वह आज 100 रु. प्रति लीटर के पार बिक रहा है।

ऑक्सफैम रिपोर्ट: ‘धन्ना सेठों को मौका, गरीब को धोखा’

सुरेंद्र वर्मा ने अर्थव्यवस्था की खतरनाक तस्वीर पेश करने के लिए विश्व प्रसिद्ध ‘ऑक्सफैम’ (Oxfam) रिपोर्ट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश को असमानता की आग में झोंक दिया है।

रिपोर्ट के चौंकाने वाले तथ्य:

  1. देश के शीर्ष 5 प्रतिशत अमीर लोगों के पास देश की 60 प्रतिशत से ज्यादा संपत्ति है।
  2. वहीं, नीचे के 50 प्रतिशत गरीब आबादी के पास देश की मात्र 3 प्रतिशत संपत्ति बची है।
  3. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जीएसटी (GST) कलेक्शन में इन 50% गरीबों की हिस्सेदारी 64% है, जबकि 70-80% संपत्ति रखने वाले शीर्ष 10% अमीरों की जीएसटी में हिस्सेदारी मात्र 3% है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कोरोना महामारी की विभीषिका में जहां 12 करोड़ मेहनतकश लोगों ने अपना रोजगार खो दिया और 84 करोड़ लोगों की आमदनी घट गई, वहीं देश के 100 बड़े पूंजीपतियों ने 13 लाख करोड़ रुपए कमाए। मोदी जी के कई ‘मित्रों’ की आय तो 1,000 रुपए करोड़ प्रतिदिन के हिसाब से बढ़ रही है।

मोदी निर्मित महंगाई: 255 लाख करोड़ का कर्ज और बैंक फ्रॉड

सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि देश भारी कर्ज के दलदल में धंस चुका है।

  • देश पर कर्ज: आजादी के बाद से मई 2014 तक देश पर कुल कर्ज 55 लाख करोड़ रुपए था। मोदी सरकार के बीते 12 साल के कार्यकाल में यह कर्ज बढ़कर 255 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
  • बैंक फ्रॉड: मोदी सरकार की सरपरस्ती में 5,35,000 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड हुए। विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, ऋषि अग्रवाल और संदेसरा बंधु जैसे डिफाल्टरों को नियोजित रूप से देश से भगा दिया गया।
  • कर्ज माफी: धन्नासेठों का 16.6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का बैंक कर्ज बट्टे खाते (Write-off) में डाल दिया गया।

हंगर इंडेक्स और किसानों की बदहाली: प्रतिदिन आय सिर्फ 27 रुपए

प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस ने देश की भूखी आबादी और किसानों के दर्द को सामने रखा।

  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स: भारत भुखमरी के मामले में 116 देशों की सूची में 102वें पायदान पर लुढ़क गया है और अब हम पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से भी पिछड़ गए हैं।
  • किसानों की दुर्दशा: NSO की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस ने बताया कि देश में किसानों की औसत आय घटकर मात्र 27 रुपए प्रतिदिन रह गई है, जो मनरेगा की मजदूरी से भी कम है।

हर किसान पर औसतन 74,000 रुपए का कर्ज है। सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं करती, लेकिन कॉर्पोरेट टैक्स घटाकर देश को 1,84,000 करोड़ का नुकसान पहुंचाती है। महंगी खाद, कीटनाशक पर जीएसटी और महंगे डीजल ने खेती की लागत को 25,000 रुपए प्रति हेक्टेयर तक बढ़ा दिया है, जिससे मोदी निर्मित महंगाई ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है।


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