By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर | 15 मई
भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास के इतिहास में एक ऐसा फैसला लिया गया है, जो करोड़ों ग्रामीणों की तकदीर और प्रतियोगी छात्रों (UPSC/CGPSC) की किताबों का सिलेबस दोनों बदल देगा। दशकों से देश के गांवों में रोजगार की गारंटी देने वाली ‘मनरेगा (MGNREGA)‘ योजना अब बंद होने जा रही है।
भारत सरकार ने ग्रामीण आजीविका को नई ऊंचाई देने के लिए Viksit Bharat G RAM G Act 2025 (विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025) को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। यह नया और क्रांतिकारी कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा और वर्तमान ‘मनरेगा’ का स्थान ले लेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस नई व्यवस्था को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है।
100 की जगह अब 125 दिनों के रोजगार की ‘वैधानिक गारंटी’
प्रतियोगी छात्रों को इस नए कानून के प्रावधान (Provisions) रट लेने चाहिए। नई व्यवस्था के तहत सबसे बड़ा बदलाव ‘काम के दिनों’ में किया गया है:
- रोजगार के दिन: अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 100 की जगह 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की ‘वैधानिक गारंटी’ मिलेगी। (यह वर्तमान सीमा से 25% अधिक है)।
- रिकॉर्ड बजट: केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस नई योजना हेतु 95 हजार 692.31 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट प्रावधान किया है। राज्यों के अंशदान को मिलाकर कुल बजट 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।
- भुगतान और जुर्माना: मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के खातों में (DBT) साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। भुगतान में देरी होने पर श्रमिक ‘विलंब क्षतिपूर्ति’ के हकदार होंगे। यदि समय पर काम नहीं मिला, तो सरकार ‘बेरोजगारी भत्ता’ देगी।
पुराने ‘मनरेगा जॉब कार्ड’ का क्या होगा?
गांवों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुराने जॉब कार्ड्स का क्या होगा? सरकार ने इसके लिए सुगम व्यवस्था (Smooth Transition) बनाई है:
- वर्तमान ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापित ‘मनरेगा जॉब कार्ड’ तब तक पूरी तरह मान्य रहेंगे, जब तक कि ‘नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी नहीं हो जाते।
- 30 जून 2026 तक मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे और 1 जुलाई 2026 से ये सभी कार्य अपने आप नई व्यवस्था (VB-G RAM G) में समाहित हो जाएंगे।
सीएम विष्णुदेव साय: “ग्रामीण छत्तीसगढ़ का नया सवेरा”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अधिनियम को ग्रामीण समृद्धि का एक बड़ा आधार बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को पूरा करने में यह कानून मील का पत्थर साबित होगा। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी ग्रामीण भाई-बहनों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और खुशहाली का नया सवेरा लेकर आएगी।
📚 The Exam Hub – ग्रामीण विकास एवं अर्थव्यवस्था (Fact-Check)
आगामी CGPSC, ADEO, Patwari और UPSC परीक्षाओं के लिए इस नए कानून के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- नए कानून का नाम: विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G Act, 2025)।
- किस योजना की जगह लेगा: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा / MGNREGA)।
- पूरे देश में लागू होने की तिथि: 1 जुलाई 2026।
- रोजगार की नई गारंटी: प्रति परिवार 125 दिन का अकुशल श्रम (पहले 100 दिन था)।
- बजट 2026-27 (केंद्रांश): ₹95,692.31 करोड़।
Viksit Bharat G RAM G Act 2025: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025’ पूरे देश में कब से लागू होगा?
उत्तर: ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025’ पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से प्रभावी (लागू) होगा और यह पुरानी मनरेगा (MGNREGA) योजना का स्थान लेगा।
प्रश्न 2: नए ‘VB-G RAM G’ कानून के तहत ग्रामीणों को एक साल में कितने दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है?
उत्तर: इस नए क्रांतिकारी कानून के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के बजाय ‘125 दिनों’ के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।
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