By Ishan Verma | TheExamHub.in | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स
मुख्य बिंदु एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| संस्था | नीति आयोग (NITI Aayog) |
| नए उपाध्यक्ष | डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी |
| पूर्व उपाध्यक्ष | सुमन के. बेरी |
| पद का स्वरूप | कैबिनेट मंत्री स्तर |
| नियुक्ति का आधार | नीति आयोग का पुनर्गठन |
| प्रधानमंत्री का संदेश | सोशल मीडिया पर शुभकामनाएँ |
| लक्ष्य | विकसित भारत @2047 की दिशा में योगदान |
परिचय: नीति आयोग का पुनर्गठन
भारत सरकार ने नीति आयोग (NITI Aayog) का पुनर्गठन करते हुए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को आयोग का नया उपाध्यक्ष (Vice Chairperson) नियुक्त किया है। वे वर्तमान उपाध्यक्ष श्री सुमन के. बेरी का स्थान लेंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से डॉ. लाहिड़ी और सभी नवनियुक्त सदस्यों को शुभकामनाएँ दी हैं और कहा है कि नीति आयोग भारत की नीति-निर्माण संरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।
नीति आयोग में नई नियुक्तियाँ
🔹 उपाध्यक्ष
- डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी – प्रसिद्ध अर्थशास्त्री
🔹 पूर्णकालिक सदस्य (Full-Time Members)
- श्री राजीव गौबा — पूर्व कैबिनेट सचिव
- प्रो. के. वी. राजू — अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विशेषज्ञ
- प्रो. गोवर्धन दास — अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं नीति विशेषज्ञ
- डॉ. एम. श्रीनिवास — स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ
- प्रो. अभय करंदीकर — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ
डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी: एक परिचय
व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- पेशा: अर्थशास्त्री, नीति विशेषज्ञ
- विशेषज्ञता: सार्वजनिक वित्त, राजकोषीय नीति, मौद्रिक अर्थशास्त्र
प्रमुख पूर्व पद
- मुख्य आर्थिक सलाहकार , वित्त मंत्रालय, भारत सरकार (2002–2007)
- 15वें वित्त आयोग के सदस्य
- एशियाई विकास बैंक (ADB) में कार्यकारी निदेशक
- National Institute of Public Finance and Policy (NIPFP) के पूर्व निदेशक
- कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से जुड़े रहे
विशिष्टता
- भारतीय अर्थव्यवस्था, राजकोषीय संघवाद और सार्वजनिक नीति पर गहन शोध एवं लेखन ।
- आर्थिक सुधारों, कर नीति एवं केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों पर प्रामाणिक विचारक।
प्रधानमंत्री से मुलाकात
नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से भेंट की।
प्रधानमंत्री ने कहा: > “डॉ. लाहिड़ी का अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में समृद्ध अनुभव भारत की सुधार यात्रा और विकसित भारत के लक्ष्य को और अधिक मज़बूती देगा।”
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके प्रयासों से देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया को नई ऊर्जा मिलेगी।
प्रधानमंत्री का सोशल मीडिया संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि नीति आयोग:
- ✅ भारत की नीति-निर्माण संरचना का महत्वपूर्ण स्तंभ है।
- ✅ सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को बढ़ावा देता है।
- ✅ देश में सुधारों को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
- ✅ जीवन सुगमता (Ease of Living) को बढ़ाने में सहायक है।
- ✅ नवाचार एवं दीर्घकालिक रणनीतिक सोच का गतिशील मंच है।
नीति आयोग: एक संक्षिप्त परिचय (परीक्षा हेतु)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | National Institution for Transforming India |
| स्थापना | 1 जनवरी 2015 |
| प्रतिस्थापित संस्था | योजना आयोग (Planning Commission, 1950) |
| प्रकृति | गैर-सांविधिक (Non-statutory), गैर-संवैधानिक निकाय |
| अध्यक्ष (Chairperson) | प्रधानमंत्री (पदेन) |
| CEO | भारत सरकार द्वारा नियुक्त |
| मुख्यालय | नई दिल्ली |
नीति आयोग की संरचना
- अध्यक्ष — प्रधानमंत्री
- उपाध्यक्ष — प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त
- गवर्निंग काउंसिल — सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल
- क्षेत्रीय परिषद — विशिष्ट क्षेत्रीय मुद्दों के लिए
- विशेष आमंत्रित सदस्य — विशेषज्ञ
- पूर्णकालिक संगठनात्मक ढाँचा: उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक सदस्य, अंशकालिक सदस्य, पदेन सदस्य, CEO
प्रमुख कार्य
- 🎯 सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना।
- 🎯 राष्ट्रीय विकास एजेंडा तैयार करना।
- 🎯 नीति एवं कार्यक्रमों का मूल्यांकन ।
- 🎯 राज्यों एवं केंद्र के बीच समन्वय ।
- 🎯 थिंक टैंक के रूप में दीर्घकालिक सोच।
- 🎯 विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति।
नीति आयोग के अब तक के उपाध्यक्ष (कालक्रमानुसार)
| क्रम | उपाध्यक्ष | कार्यकाल |
|---|---|---|
| 1 | अरविंद पनगढ़िया | 2015–2017 |
| 2 | राजीव कुमार | 2017–2022 |
| 3 | सुमन के. बेरी | 2022–2026 |
| 4 | डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी | 2026 से |
इस नियुक्ति का महत्त्व
1. आर्थिक नीति को नई दिशा
डॉ. लाहिड़ी का राजकोषीय नीति एवं सार्वजनिक वित्त में अनुभव केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों को मज़बूत करेगा।
2. विकसित भारत @2047
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में उनकी विशेषज्ञता रणनीतिक योजना में सहायक होगी।
3. सुधार एजेंडा
कर सुधार, GST, राजकोषीय अनुशासन और निवेश नीति में नए विचार आने की संभावना।
4. सहकारी संघवाद
15वें वित्त आयोग के सदस्य रहने का अनुभव राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक।
5. विशेषज्ञों की टीम
नए सदस्यों की विविध पृष्ठभूमि — प्रशासन, स्वास्थ्य, विज्ञान-तकनीक, शिक्षा — एक समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित करेगी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य (UPSC, SSC, CGPSC, बैंकिंग)
संभावित प्रश्न:
प्रश्न 1: नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष कौन हैं? उत्तर: डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी
प्रश्न 2: डॉ. लाहिड़ी ने किसका स्थान लिया है? उत्तर: सुमन के. बेरी
प्रश्न 3: नीति आयोग की स्थापना कब हुई? उत्तर: 1 जनवरी 2015
प्रश्न 4: नीति आयोग का पदेन अध्यक्ष कौन होता है? उत्तर: भारत के प्रधानमंत्री
प्रश्न 5: डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी किस वित्त आयोग के सदस्य रहे? उत्तर: 15वें वित्त आयोग
प्रश्न 6: नीति आयोग ने किस संस्था का स्थान लिया था? उत्तर: योजना आयोग (Planning Commission)
प्रश्न 7: नीति आयोग का पूर्ण रूप क्या है? उत्तर: National Institution for Transforming India
प्रश्न 8: नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष कौन थे? उत्तर: डॉ. अरविंद पनगढ़िया
मेन्स के लिए विश्लेषणात्मक प्रश्न:
“नीति आयोग ने भारत में सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद को किस प्रकार बढ़ावा दिया है? इसके पुनर्गठन का देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा?” (250 शब्द)
योजना आयोग बनाम नीति आयोग: एक तुलनात्मक दृष्टि
| विशेषता | योजना आयोग (1950–2014) | नीति आयोग (2015–वर्तमान) |
|---|---|---|
| दृष्टिकोण | टॉप-डाउन (केंद्रीकृत) | बॉटम-अप (विकेंद्रीकृत) |
| राज्यों की भूमिका | सीमित | सक्रिय भागीदारी |
| वित्तीय शक्ति | धन आवंटन की शक्ति | केवल सलाहकार भूमिका |
| दृष्टि | पंचवर्षीय योजना | विज़न डॉक्यूमेंट / कार्य योजना |
| संघवाद | सहकारी संघवाद कमज़ोर | सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद |
| थिंक टैंक भूमिका | नहीं | हाँ |
निष्कर्ष
डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी की नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक नीति यात्रा में एक नया अध्याय है। उनके दशकों के अनुभव और राजकोषीय नीति में गहरी समझ के कारण, यह उम्मीद की जा रही है कि विकसित भारत @2047 की दिशा में नीति आयोग और अधिक सक्रिय एवं प्रभावशाली भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री का यह विश्वास कि “डॉ. लाहिड़ी के प्रयासों से देश की नीति-निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी” — यह दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में नीति आयोग भारत के आर्थिक एवं सामाजिक विकास का रणनीतिक केंद्र बना रहेगा।
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लेखक: ईशान वर्मा श्रेणी: राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | अर्थव्यवस्था | शासन
