By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायगढ़/रायपुर | 9 मई
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, CGPSC) की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए आज छत्तीसगढ़ के जंगलों से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो साबित करती है कि ‘प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है।’
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सम्बलपुरी ग्राम के एक साधारण तेंदूपत्ता और महुआ संग्राहक परिवार के बेटे Ajay Gupta IFS Officer (अजय गुप्ता) ने ‘भारतीय वन सेवा’ (Indian Forest Service – IFS) में 91वीं रैंक हासिल कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। जो जंगल कभी उनके परिवार की रोजी-रोटी का साधन था, अब अजय उसी जंगल के बड़े अधिकारी बनने जा रहे हैं।

गरीबी से NIT और फिर ‘भारतीय वन सेवा’ (IFS) तक का सफर
अजय का बचपन जंगलों के बीच वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी करते हुए बीता। स्कूल की छुट्टियों के दौरान अजय स्वयं जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने में अपने माता-पिता की मदद करते थे।
- शानदार एकेडमिक रिकॉर्ड: अभावों के बीच भी अजय ने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत का शानदार स्कोर हासिल कर अपनी योग्यता साबित कर दी थी।
- बदला नजरिया: इसके बाद उनका चयन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT Raipur) में हुआ। अजय बताते हैं कि पहले उनकी दुनिया सिर्फ गांव तक सीमित थी, लेकिन NIT में एडमिशन लेने के बाद उनका नजरिया बदला और उन्होंने UPSC क्रैक कर कुछ बड़ा करने की ठानी।
‘लघु वनोपज’ और ‘पोस्ट मैट्रिक’ छात्रवृत्ति ने दी सपनों को उड़ान
अजय की इस लंबी और कठिन उड़ान में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी एक मजबूत आर्थिक संबल (Support) का काम किया। प्रतियोगी छात्रों को इन योजनाओं को जरूर नोट करना चाहिए:
- लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति: इस स्कॉलरशिप ने स्कूल से लेकर कॉलेज (NIT) तक की पढ़ाई के दौरान अजय के परिवार का आर्थिक बोझ कम किया।
- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना: राज्य शासन की इस योजना से उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी UPSC की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके।
सीएम विष्णुदेव साय और वन मंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अजय गुप्ता को भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि, “अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि जिस युवा ने स्वयं तेंदूपत्ता संग्रहित किया, आज वह उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है।”
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी अजय को फोन कर बधाई दी और उनकी उपलब्धि को हजारों वनाश्रित परिवारों के सपनों का प्रतीक बताया।

📚 The Exam Hub – करेंट अफेयर्स व प्रेरणा (Fact-Check)
आगामी परीक्षाओं के लिए इस प्रेरणादायक खबर से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- चर्चित अधिकारी: अजय गुप्ता (Ajay Gupta)।
- परीक्षा और रैंक: भारतीय वन सेवा (UPSC IFS) में 91वीं रैंक (91st Rank)।
- मूल निवासी: ग्राम सम्बलपुरी, जिला – रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: तेंदूपत्ता और महुआ संग्राहक परिवार।
- मददगार सरकारी योजनाएं: छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति।
Ajay Gupta IFS Officer: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: हाल ही में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के ‘अजय गुप्ता’ ने किस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है?
उत्तर: रायगढ़ जिले के सम्बलपुरी गांव के निवासी अजय गुप्ता ने हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित ‘भारतीय वन सेवा (IFS)’ परीक्षा में 91वीं रैंक हासिल की है।
प्रश्न 2: अजय गुप्ता की इस सफलता में छत्तीसगढ़ सरकार की किन योजनाओं का अहम योगदान रहा?
उत्तर: अजय गुप्ता को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ और ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ से निरंतर वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।
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