ढोलकल ट्रैकिंग रूट लोकार्पण: दंतेवाड़ा के घने जंगलों में पहाड़ी पर बसे रहस्यमय गणेश मंदिर तक अब ₹61 लाख से बना सुरक्षित रास्ता

ढोलकल ट्रैकिंग रूट दंतेवाड़ा ₹61 लाख लोकार्पण Dholkal trekking route Ganesha temple Dantewada 2026 ढोलकल ट्रैकिंग रूट दंतेवाड़ा ₹61 लाख लोकार्पण Dholkal trekking route Ganesha temple Dantewada 2026

Ishan Verma | Founder & Editor, theexamhub.in
प्रकाशित: 21 जून 2026 | रायपुर


ढोलकल ट्रैकिंग रूट — दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित ढोलकल — जहां एक पहाड़ी की चोटी पर सैकड़ों वर्ष पुराना रहस्यमय गणेश मंदिर स्थित है — वहां तक पहुंचने का रास्ता अब पहले से कहीं आसान और सुरक्षित हो गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के तहत ₹61.05 लाख की लागत से विकसित ढोलकल ट्रैकिंग रूट का लोकार्पण किया। इस ट्रैक से साहसिक पर्यटन, स्थानीय रोज़गार और दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

अगर आप CGPSC, UPSC, SSC या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं — ढोलकल ट्रैकिंग रूट बेहद महत्वपूर्ण छत्तीसगढ़ पर्यटन और DMF करेंट अफेयर्स है। और अगर आप दंतेवाड़ा घूमने की सोच रहे हैं — तो यह खबर आपके लिए है।

Table of Contents

🏔️ ढोलकल ट्रैकिंग रूट — दंतेवाड़ा का नया पर्यटन आकर्षण

₹61 लाख | DMF फंड | रहस्यमय गणेश मंदिर | घने जंगल | पहाड़ी चोटी | साहसिक पर्यटन | रोज़गार | मंत्री केदार कश्यप


ढोलकल क्या है — पहाड़ी पर बसा रहस्यमय गणेश मंदिर

ढोलकल ट्रैकिंग रूट का महत्व समझने के लिए — ढोलकल के बारे में जानना ज़रूरी है:

ढोलकल — दंतेवाड़ा का रहस्य

  • स्थान: दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों में — एक पहाड़ी की चोटी पर
  • मंदिर: सैकड़ों वर्ष पुराना गणेश मंदिर — प्राचीन मूर्ति
  • रहस्य: इतनी ऊंचाई पर — घने जंगलों के बीच — किसने बनाया, कैसे पहुंचा — रहस्य
  • प्राकृतिक सौंदर्य: पहाड़, जंगल, घाटियां — अद्भुत दृश्य
  • पर्यटन: साहसिक पर्यटन और धार्मिक पर्यटन — दोनों

Quick Overview — ढोलकल ट्रैकिंग रूट

परियोजना:ढोलकल ट्रैकिंग रूट — लोकार्पण
तारीख:21 जून 2026
स्थान:ढोलकल, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़
लागत:₹61.05 लाख
फंड:जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF)
लोकार्पण:मंत्री श्री केदार कश्यप — वन, जलवायु परिवर्तन, प्रभारी मंत्री
उद्देश्य:साहसिक पर्यटन, रोज़गार, राष्ट्रीय पहचान

मंत्री केदार कश्यप ने क्या कहा?

मंत्री श्री केदार कश्यप ने ढोलकल ट्रैकिंग रूट के लोकार्पण पर कहा:

“दंतेवाड़ा प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और धार्मिक-आध्यात्मिक स्थलों से समृद्ध जिला है। ढोलकल ट्रैकिंग रूट के विकसित होने से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार और स्वरोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे।”

मंत्री कश्यप — प्रमुख बिंदु

  • साहसिक पर्यटन: ढोलकल ट्रैक — साहसिक पर्यटन को बढ़ावा
  • रोज़गार: स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार और स्वरोज़गार
  • राष्ट्रीय पहचान: सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
  • सुरक्षा: पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन

पर्यटकों के लिए क्या बदला — “पहले से आसान और सुरक्षित”

ढोलकल ट्रैकिंग रूट बनने के बाद — ढोलकल तक पहुंचना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान और सुरक्षित हो गया है:

पहलेअब
घने जंगलों में बिना रास्ते के चढ़ाईसुरक्षित और चिन्हित ट्रैकिंग रूट
जोखिमभरा — केवल अनुभवी लोगपर्यटक, प्रकृति प्रेमी, श्रद्धालु — सभी के लिए
सीमित पर्यटनसाहसिक + धार्मिक पर्यटन — दोनों

DMF फंड — ₹61 लाख से विकसित

ढोलकल ट्रैकिंग रूटजिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के तहत ₹61.05 लाख की लागत से विकसित किया गया।

DMF — खनिज न्यास से पर्यटन विकास

  • DMF क्या: जिला खनिज संस्थान न्यास — खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए
  • फंड: ₹61.05 लाख
  • उपयोग: पर्यटन विकास — ट्रैकिंग रूट निर्माण
  • लाभ: स्थानीय समुदाय — रोज़गार — पर्यटन

“दंतेवाड़ा बनेगा प्रमुख पर्यटन केंद्र”

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ढोलकल ट्रैकिंग रूट — दंतेवाड़ा को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

दंतेवाड़ा — पर्यटन विकास

  • साहसिक पर्यटन: ट्रैकिंग — पहाड़, जंगल, प्रकृति
  • धार्मिक पर्यटन: रहस्यमय गणेश मंदिर — प्राचीन मूर्ति
  • रोज़गार: स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, होमस्टे, परिवहन
  • राष्ट्रीय मानचित्र: दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान

प्रकृति संरक्षण और पर्यटन का समन्वय

ढोलकल ट्रैकिंग रूट — पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

पहलूलाभ
प्रकृति संरक्षणप्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा
समुदायस्थानीय समुदाय की भागीदारी
क्षेत्रीय विकासदंतेवाड़ा के विकास को गति
राष्ट्रीय पहचानराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान

कौन-कौन उपस्थित रहे?

उपस्थित जनप्रतिनिधि और अधिकारी

श्री केदार कश्यपवन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, प्रभारी मंत्री
श्री चैतराम अटामीविधायक
श्री नंदलाल मुड़ामीजिला पंचायत अध्यक्ष
श्री अरविंद कुंजामजिला पंचायत उपाध्यक्ष
श्रीमती पायल गुप्तानगर पालिका अध्यक्ष
श्रीमती सुनीता भास्करजनपद पंचायत अध्यक्ष
श्री गौरव रायपुलिस अधीक्षक
श्री रामकृष्णा रंगनाथा वायDFO

ढोलकल ट्रैकिंग रूट: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • Q: क्या हुआ? → ढोलकल ट्रैकिंग रूट का लोकार्पण
  • Q: कहां? → ढोलकल, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़
  • Q: लागत? → ₹61.05 लाख — DMF फंड
  • Q: DMF क्या? → जिला खनिज संस्थान न्यास — खनिज प्रभावित क्षेत्रों का विकास
  • Q: किसने लोकार्पण किया? → मंत्री श्री केदार कश्यप — वन, जलवायु परिवर्तन, प्रभारी मंत्री
  • Q: ढोलकल क्या? → पहाड़ी चोटी पर रहस्यमय गणेश मंदिर — सैकड़ों वर्ष पुराना
  • Q: लाभ? → साहसिक पर्यटन, रोज़गार, राष्ट्रीय पहचान, प्रकृति संरक्षण

निष्कर्ष: ढोलकल ट्रैकिंग रूट — “घने जंगलों से पहाड़ी चोटी तक — अब आसान रास्ता”

ढोलकल ट्रैकिंग रूट — ₹61 लाख से बना — DMF फंड से — दंतेवाड़ा के घने जंगलों के बीच — पहाड़ी चोटी पर बसे रहस्यमय गणेश मंदिर तक — अब हर कोई पहुंच सकता है।

यह सिर्फ एक ट्रैकिंग रूट नहीं है — यह दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने, स्थानीय युवाओं को रोज़गार देने, और सैकड़ों वर्ष पुरानी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

स्रोत: PIB दिल्ली, 21 जून 2026 | अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देखें

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