By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
नई दिल्ली/भुवनेश्वर | 8 मई
क्या कोई साधारण और ‘अनगाइडेड (बिना दिशा वाला)’ बम हवा में ही एक स्मार्ट और अचूक हथियार में बदल सकता है? भारतीय सेना की मारक क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाते हुए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना (IAF) ने यह कारनामा कर दिखाया है।
ओडिशा के तट पर 7 मई 2026 को TARA Weapon System DRDO (टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन) का पहली बार सफल उड़ान परीक्षण (Maiden flight-trial) किया गया। प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, NDA, CDS) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘डिफेंस टेक्नोलॉजी (Defence Tech)’ का यह सबसे नया और अहम टॉपिक है, क्योंकि यह भारत का पहला स्वदेशी ग्लाइड वेपन सिस्टम है।
क्या है ‘TARA’ (टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन) वेपन?
परीक्षाओं में अक्सर रक्षा उपकरणों की तकनीक और उनके फुल-फॉर्म पूछे जाते हैं।
- TARA का पूरा नाम: टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन (Tactical Advanced Range Augmentation)।
- कैसे करता है काम: यह एक ‘मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट (Modular Range Extension Kit)’ है। इसका मुख्य काम उन पुराने और अनगाइडेड (Unguided) बमों या हथियारों को अत्याधुनिक और सटीक ‘प्रिसिजन गाइडेड (Precision Guided)’ हथियारों में बदलना है।
- सस्ती और अचूक तकनीक: यह भारत का पहला ऐसा ग्लाइड हथियार (Glide Weapon) है जो बेहद कम लागत (Low-cost) वाले सिस्टम का उपयोग करके जमीनी लक्ष्यों (Ground-based targets) को पूरी सटीकता के साथ नेस्तनाबूत कर सकता है।
RCI हैदराबाद ने किया डिजाइन, शुरू हुआ उत्पादन
इस घातक ‘TARA’ वेपन सिस्टम को DRDO की महत्वपूर्ण लैब रिसर्च सेंटर इमारत (RCI), हैदराबाद ने अन्य प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर डिजाइन और विकसित किया है।
आत्मनिर्भर भारत (Make in India) के लिए यह एक बड़ी सफलता इसलिए है क्योंकि इस किट का विकास ‘डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर्स’ (DcPP) और अन्य भारतीय उद्योगों के साथ मिलकर किया गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसका उत्पादन (Production) भी शुरू हो चुका है।
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने इस ऐतिहासिक और स्वदेशी सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी है।
📚 The Exam Hub – डिफेंस करेंट अफेयर्स (Fact-Check)
आगामी UPSC, SSC, NDA, CDS और AFCAT परीक्षाओं के लिए ‘TARA वेपन सिस्टम’ के महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- हथियार का नाम: TARA (टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन)।
- इसकी खासियत: भारत का पहला स्वदेशी ‘ग्लाइड वेपन सिस्टम’ (India’s first indigenous glide weapon system)।
- मुख्य कार्य: अनगाइडेड (साधारण) बमों को ‘प्रिसिजन गाइडेड (सटीक)’ हथियारों में बदलना।
- डिज़ाइन और विकासकर्ता: RCI (रिसर्च सेंटर इमारत), हैदराबाद (DRDO लैब)।
- परीक्षण स्थल: ओडिशा का तट (7 मई 2026)।
TARA Weapon System DRDO: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: DRDO द्वारा हाल ही में टेस्ट किए गए ‘TARA’ (तारा) वेपन सिस्टम का फुल-फॉर्म क्या है?
उत्तर: ‘TARA’ का फुल-फॉर्म ‘टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन’ (Tactical Advanced Range Augmentation) है। यह डीआरडीओ द्वारा विकसित एक रेंज एक्सटेंशन किट है।
प्रश्न 2: TARA वेपन सिस्टम का मुख्य उपयोग (Use) क्या है?
उत्तर: यह भारत का पहला स्वदेशी ‘ग्लाइड वेपन’ है, जिसका मुख्य उपयोग बिना दिशा वाले (Unguided) वारहेड्स या बमों को सटीक (Precision-guided) और घातक हथियारों में बदलना है, ताकि वे जमीन पर मौजूद लक्ष्यों को अचूक तरीके से भेद सकें।
(देश की रक्षा प्रणाली, DRDO के नवाचार और एग्जाम से जुड़े सटीक करेंट अफेयर्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
🎯 UPSC व NDA/CDS एस्पिरेंट्स के लिए ‘गेम चेंजर’ (Bonus Study Material):
क्या आप भी ‘डिफेंस और टेक्नोलॉजी’ के ऐसे ही सवालों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं? अपनी तैयारी को स्मार्ट बनाने के लिए The Exam Hub लाया है पिछले वर्षों के ओरिजिनल प्रश्न पत्र!
📥 [यहाँ क्लिक करें: CGPSC Pre और Mains (2020-2024) के Previous Year Question Papers PDF में निःशुल्क डाउनलोड करें]
