By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
नई दिल्ली | 22 मई
BSF All Women Everest Expedition: भारतीय सुरक्षा बलों की ‘नारी शक्ति (Women Empowerment)’ ने आज पूरी दुनिया को अपनी अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का लोहा मनवा दिया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) की पहली ‘ऑल-वूमेन माउंट एवरेस्ट एक्सपेडिशन टीम’ ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह कर इतिहास रच दिया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, NDA, CDS, SSC) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘डिफेंस करेंट अफेयर्स (Defence Current Affairs)’ का यह सबसे नया और 100% पूछा जाने वाला टॉपिक है। BSF All Women Everest Expedition ने न केवल देश का मान बढ़ाया है, बल्कि बर्फीली चोटी पर भारत की देशभक्ति का सबसे बड़ा सुबूत भी पेश किया है। आइए डिकोड करते हैं इस ऐतिहासिक फतह के एग्जाम फैक्ट्स!
‘मिशन वंदे मातरम’: BSF के डायमंड जुबली वर्ष का ऐतिहासिक कारनामा
यह साल BSF के लिए बहुत खास है क्योंकि बल अपना ‘डायमंड जुबली वर्ष (Diamond Jubilee Year)’ मना रहा है।
- मिशन का नाम: इस महा-अभियान को #MissionVandeMataram (मिशन वंदे मातरम) नाम दिया गया था।
- आज, 22 मई 2026 को सुबह ठीक 8:00 बजे (IST), इन ‘महिला सीमा प्रहरियों’ ने अपने असाधारण साहस का परिचय देते हुए माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) के शिखर पर सफलतापूर्वक कदम रखा और तिरंगा लहराया।

कौन हैं ये 4 जांबाज बेटियां? (UPSC/NDA Fact)
परीक्षा की दृष्टि से इस टीम की चारों महिला कांस्टेबलों के नाम और उनके राज्य याद रखना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। BSF की इस पहली ऑल-वूमेन माउंटेनियरिंग (पर्वतारोहण) टीम में शामिल थीं:
- कांस्टेबल कौसर फातिमा (Kouser Fatima): लद्दाख (Ladakh) से।
- कांस्टेबल मुनमुन घोष (Munmun Ghosh): पश्चिम बंगाल (West Bengal) से।
- कांस्टेबल रबेका सिंह (Rabeka Singh): उत्तराखंड (Uttarakhand) से।
- कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल (Tsering Chorol): करगिल (Kargil) से।
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“जहां खड़े होना मुश्किल, वहां एक स्वर में गाया वंदे मातरम”
इस फतह का सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाला पल चोटी पर पहुंचने के बाद का था।
माउंट एवरेस्ट की उस जानलेवा ऊंचाई पर, जहां ज्यादातर लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट की सख्त जरूरत होती है और सीधी तरह से खड़ा होना भी एक बहुत बड़ी चुनौती है, वहां इन चारों महिला जवानों ने एक अदम्य स्वर में ‘वंदे मातरम’ का गान किया।
बीएसएफ (BSF) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि यह असाधारण उपलब्धि महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment), राष्ट्रीय गौरव और उत्कृष्टता के प्रति BSF की दृढ़ प्रतिबद्धता का एक गर्वित प्रतीक है।
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आगामी UPSC, NDA, CDS और AFCAT परीक्षाओं के लिए ‘BSF महिला एवरेस्ट अभियान’ के महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- अभियान का नाम: BSF All Women Mt. Everest Expedition (मिशन वंदे मातरम)।
- माउंट एवरेस्ट की आधिकारिक ऊंचाई: 8848.86 मीटर (8848.86 M)।
- फतह का समय: 22 मई 2026, सुबह 8:00 बजे (IST)।
- शामिल जवानों की संख्या: 4 महिला कांस्टेबल (कौसर फातिमा, मुनमुन घोष, रबेका सिंह, त्सेरिंग चोरोल)।
- किसके उपलक्ष्य में: BSF का डायमंड जुबली वर्ष (Diamond Jubilee Year)।
BSF All Women Everest Expedition: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: हाल ही में BSF की पहली ‘ऑल-वूमेन माउंट एवरेस्ट एक्सपेडिशन टीम’ ने किस अभियान के तहत एवरेस्ट फतह किया है?
उत्तर: BSF की 4 महिला कांस्टेबलों की टीम ने बल के डायमंड जुबली वर्ष के अवसर पर ‘#MissionVandeMataram (मिशन वंदे मातरम)’ के तहत माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह किया है।
प्रश्न 2: माउंट एवरेस्ट की वर्तमान आधिकारिक ऊंचाई (Official Height) कितनी है?
उत्तर: नेपाल और चीन द्वारा जारी नए आंकड़ों के अनुसार, माउंट एवरेस्ट की वर्तमान आधिकारिक ऊंचाई 8848.86 मीटर है।

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