By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
नई दिल्ली | 19 मई
भारत में वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी और दुनिया का पहला ‘इंटरकॉन्टिनेंटल लार्ज कार्निवोर ट्रांसलोकेशन’ प्रोजेक्ट (Project Cheetah India) अब अपनी सफलता के चरम पर पहुँच रहा है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में आज Project Cheetah (प्रोजेक्ट चीता) की प्रगति का आकलन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक (Review Meeting) आयोजित की गई। प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, CGPSC, SSC) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Ecology)’ के दृष्टिकोण से इस बैठक के आंकड़े (Data) और नए स्थानों के नाम बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
🐆 भारत में चीतों का ‘शतक’ करीब: संख्या पहुंची 53
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत भारत से विलुप्त (Extinct) हो चुके चीतों को वापस लाने के लिए की गई थी। इसके तहत नामीबिया (Namibia) और दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से 20 चीतों की एक ‘संस्थापक आबादी’ भारत लाई गई थी, जिसमें बाद में बोत्सवाना (Botswana) से 9 चीते और जोड़े गए।
- वर्तमान आंकड़ा: बैठक में जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है।
- ‘मेड इन इंडिया’ चीते: सबसे गर्व और सफलता की बात यह है कि इन 53 चीतों में से 33 चीते भारतीय धरती पर जन्मे (Indian-born) हैं!
यह आंकड़ा दर्शाता है कि चीते न केवल भारतीय जलवायु के अनुकूल (Acclimatise) हो चुके हैं, बल्कि उनका प्रजनन और सर्वाइवल रेट वैश्विक मानकों से भी बेहतर चल रहा है।

🗺️ कुनो के बाद अब इन 3 नए ठिकानों की तैयारी (UPSC Fact)
चीतों की बढ़ती आबादी को देखते हुए अब उन्हें मध्य प्रदेश के ‘कुनो नेशनल पार्क (Kuno National Park)’ से बाहर नए जंगलों में शिफ्ट करने की तैयारी जोरों पर है।
आगामी परीक्षाओं के लिए आपको इन तीन नए स्थानों (Habitats) के नाम जरूर याद रखने चाहिए:
- गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य (Gandhisagar Wildlife Sanctuary): मध्य प्रदेश में स्थित इस अभयारण्य को चीतों के दूसरे घर के रूप में पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।
- नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य (Nauradehi Wildlife Sanctuary): मध्य प्रदेश के ही इस विशाल अभयारण्य को भी चीतों के विस्तार (Expansion) के लिए विकसित किया जा रहा है।
- बन्नी ग्रासलैंड्स (Banni Grasslands): यह गुजरात के कच्छ में स्थित है। यहाँ चीतों के लिए रहने का माहौल और उनके शिकार (Prey base) की व्यवस्था संतोषजनक स्तर पर पहुंच गई है।
भविष्य में आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) बनाए रखने के लिए अफ़्रीकी देशों से और चीते लाए जाने की योजना है।
📚 The Exam Hub – पर्यावरण व पारिस्थितिकी (Fact-Check)
आगामी UPSC, SSC, Railway और State PSC परीक्षाओं के लिए ‘प्रोजेक्ट चीता’ के महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- योजना का नाम: प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah)।
- कुल वर्तमान आबादी: 53 चीते (मई 2026 तक)।
- भारत में जन्मे शावकों की संख्या: 33 चीते।
- चीते किन देशों से लाए गए हैं: नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना।
- प्राथमिक (पहला) निवास स्थल: कुनो नेशनल पार्क (मध्य प्रदेश)।
- चीतों के लिए नए तैयार हो रहे घर: गांधीसागर (MP), नौरादेही (MP) और बन्नी ग्रासलैंड्स (गुजरात)।
Project Cheetah India Current Affairs: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: भारत में वर्तमान (मई 2026) में चीतों की कुल संख्या कितनी हो गई है?
उत्तर: केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है, जिनमें से 33 शावक भारतीय धरती पर ही पैदा हुए हैं।
प्रश्न 2: कुनो नेशनल पार्क के अलावा भारत में चीतों को किन नए स्थानों पर बसाने की तैयारी चल रही है?
उत्तर: कुनो नेशनल पार्क (MP) के अलावा चीतों की बढ़ती आबादी को बसाने के लिए गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य (MP), नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य (MP) और गुजरात के ‘बन्नी ग्रासलैंड्स (Banni Grasslands)’ को तैयार किया जा रहा है।
(देश-दुनिया के पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और एग्जाम से जुड़े सटीक करेंट अफेयर्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
🎯 UPSC व State PSC एस्पिरेंट्स के लिए ‘गेम चेंजर’ (Bonus Study Material):
क्या आप भी ‘पर्यावरण और पारिस्थितिकी (Ecology)’ के ऐसे ही सवालों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं? अपनी तैयारी को स्मार्ट बनाने के लिए The Exam Hub लाया है पिछले वर्षों के ओरिजिनल प्रश्न पत्र!
📥 [यहाँ क्लिक करें: CGPSC Pre और Mains (2020-2024) के Previous Year Question Papers PDF में निःशुल्क डाउनलोड करें]

2 thoughts on “Project Cheetah India: भारत में चीतों का कुनबा बढ़कर हुआ 53, अब कुनो के बाद इन 3 नए ठिकानों पर बसाए जाएंगे चीते, पढ़ें UPSC पर्यावरण नोट्स”