Ishan Verma | Founder & Editor, theexamhub.in
प्रकाशित: 19 जून 2026 | रायपुर
Coal Gasification India — प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 20 जून 2026 को ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में ₹25,016 करोड़ की कोयला गैसीकरण परियोजना का शिलान्यास करेंगे। यह भारत की पहली वाणिज्यिक स्तर की कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट सुविधा है। Coal Gasification India की इस ऐतिहासिक परियोजना का विकास भारत कोयला गैसीकरण और रसायन लिमिटेड (BCGCL) द्वारा किया जा रहा है — जो BHEL और Coal India Limited (CIL) का संयुक्त उद्यम है। यह परियोजना प्रतिदिन 2,000 टन अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करेगी — BHEL द्वारा विकसित स्वदेशी कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी से।
अगर आप UPSC, CGPSC, SSC, CDS या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं — Coal Gasification India का यह विषय ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत, और औद्योगिक नीति से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स है।
⛏️ COAL GASIFICATION INDIA — LAKHANPUR PROJECT 2026
₹25,016 करोड़ | लखनपुर, ओडिशा | पहला कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट | BCGCL (BHEL+CIL) | 2,000 TPD | PM मोदी शिलान्यास | 20 जून 2026
Quick Overview — Coal Gasification India लखनपुर परियोजना
| परियोजना: | कोयला गैसीकरण — कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट |
| लागत: | ₹25,016 करोड़ |
| स्थान: | लखनपुर, झारसुगुड़ा जिला, ओडिशा |
| शिलान्यास: | PM श्री नरेंद्र मोदी — 20 जून 2026 |
| विशेषता: | भारत की पहली वाणिज्यिक स्तर कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट |
| विकासकर्ता: | BCGCL — BHEL + CIL संयुक्त उद्यम |
| क्षमता: | 2,000 टन/दिन अमोनियम नाइट्रेट |
| तकनीक: | BHEL द्वारा विकसित स्वदेशी कोयला गैसीकरण |
| भूमि: | ~350 एकड़ — MCL के अधीन — लीज समझौता अप्रैल 2026 |
| सहायता: | ₹1,350 करोड़ — कोयला मंत्रालय प्रोत्साहन योजना |
Coal Gasification India — कोयला गैसीकरण क्या है?
कोयला गैसीकरण (Coal Gasification) — कोयले को सिंथेसिस गैस (सिनगैस) में परिवर्तित करने की प्रक्रिया है। इस सिनगैस से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद बनाए जा सकते हैं।
Coal Gasification India — सिनगैस से बनने वाले उत्पाद
- मेथनॉल (Methanol)
- यूरिया (Urea)
- अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate)
- सिंथेटिक प्राकृतिक गैस (SNG)
- अन्य रासायनिक फीडस्टॉक
भारत — विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक
Coal Gasification India का महत्व समझने के लिए — भारत की कोयला स्थिति:
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कोयला उत्पादन | विश्व में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता |
| CIL | विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी |
| कोयला भंडार | विश्व का पांचवां सबसे बड़ा — 400 अरब टन+ |
| आयात | रासायनिक उत्पाद — ₹2.7 लाख करोड़/वर्ष |
₹46,000 करोड़ प्रोत्साहन योजना — सरकार की प्रतिबद्धता
भारत सरकार ने कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए ₹46,000 करोड़ तक की प्रोत्साहन योजनाओं को मंजूरी दी है।
Coal Gasification India — सरकारी प्रोत्साहन
- कुल प्रोत्साहन: ₹46,000 करोड़ तक
- लक्ष्य: सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाएं
- उद्देश्य: घरेलू कोयले से रणनीतिक औद्योगिक और रासायनिक उत्पादन
- आयात कमी: प्राकृतिक गैस, मेथनॉल, अमोनिया और अन्य महत्वपूर्ण फीडस्टॉक
₹2.5-3 लाख करोड़ निवेश, 50,000 रोज़गार
Coal Gasification India की कोयला गैसीकरण पहल से अपेक्षित प्रभाव:
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| निवेश | ₹2.5 — 3 लाख करोड़ का निवेश उत्प्रेरित |
| रोज़गार | ~50,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार |
| परियोजनाएं | 25 परियोजनाएं — कोयला वहन क्षेत्रों में |
| विदेशी मुद्रा बचत | ₹2.7 लाख करोड़ वार्षिक आयात में कमी |
BCGCL — BHEL + CIL संयुक्त उद्यम
Coal Gasification India की लखनपुर परियोजना — BCGCL द्वारा विकसित:
BCGCL — विवरण
- पूरा नाम: भारत कोयला गैसीकरण और रसायन लिमिटेड
- संयुक्त उद्यम: BHEL (भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) + CIL (कोल इंडिया लिमिटेड)
- तकनीक: BHEL द्वारा विकसित स्वदेशी कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी
- उत्पादन: 2,000 टन/दिन अमोनियम नाइट्रेट
- भूमि: ~350 एकड़ — MCL के अधीन
- लीज: BCGCL और MCL के बीच अप्रैल 2026 में हस्ताक्षरित
- सहायता: ₹1,350 करोड़ — कोयला मंत्रालय प्रोत्साहन योजना
Coal Gasification India — आयात प्रतिस्थापन और आत्मनिर्भरता
लखनपुर परियोजना — भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आयात प्रतिस्थापन और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
| लक्ष्य | विवरण |
|---|---|
| ऊर्जा सुरक्षा | घरेलू कोयले से रणनीतिक उत्पादन |
| आयात प्रतिस्थापन | ₹2.7 लाख करोड़ वार्षिक रासायनिक आयात में कमी |
| मूल्यवर्धन | घरेलू कोयले का मूल्यवर्धन — उच्च मूल्य उत्पाद |
| डाउनस्ट्रीम उद्योग | डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास को समर्थन |
| स्वच्छ कोयला | स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी को बढ़ावा |
| Aatmanirbhar Bharat | आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि — लचीला औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र |
“भविष्य की कोयला गैसीकरण परियोजनाओं का मॉडल”
लखनपुर परियोजना — भविष्य में आने वाली कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगी।
लखनपुर — ऐतिहासिक महत्व
- पहली: भारत की पहली वाणिज्यिक स्तर कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट सुविधा
- मॉडल: भविष्य की कोयला गैसीकरण परियोजनाओं का मॉडल
- प्रतिबद्धता: स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी और घरेलू संसाधनों से अधिकतम मूल्य
- Aatmanirbhar Bharat: लचीला औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र
Coal Gasification India: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- Q: परियोजना क्या? → भारत की पहली वाणिज्यिक स्तर कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट सुविधा
- Q: कहां? → लखनपुर, झारसुगुड़ा, ओडिशा
- Q: लागत? → ₹25,016 करोड़
- Q: कौन शिलान्यास? → PM नरेंद्र मोदी — 20 जून 2026
- Q: विकासकर्ता? → BCGCL — BHEL + CIL संयुक्त उद्यम
- Q: क्षमता? → 2,000 टन/दिन अमोनियम नाइट्रेट
- Q: तकनीक? → BHEL द्वारा विकसित स्वदेशी कोयला गैसीकरण
- Q: प्रोत्साहन योजना? → ₹46,000 करोड़ — सतही कोयला गैसीकरण
- Q: निवेश अपेक्षा? → ₹2.5-3 लाख करोड़ — 25 परियोजनाएं
- Q: रोज़गार? → ~50,000 प्रत्यक्ष + अप्रत्यक्ष
- Q: कोयला भंडार? → विश्व का पांचवां — 400 अरब टन+
- Q: वार्षिक आयात? → ₹2.7 लाख करोड़ — रासायनिक उत्पाद
निष्कर्ष: Coal Gasification India — “कोयले से रसायन, आयात से आत्मनिर्भरता”
Coal Gasification India — ₹25,016 करोड़ की लखनपुर परियोजना — कोयले को अमोनियम नाइट्रेट में बदलने वाली भारत की पहली वाणिज्यिक सुविधा — यह सिर्फ एक प्लांट नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक भविष्य की दिशा है।
400 अरब टन कोयला भंडार + ₹46,000 करोड़ प्रोत्साहन + ₹2.5-3 लाख करोड़ निवेश + 50,000 रोज़गार — Coal Gasification India — “कोयले से रसायन, आयात से आत्मनिर्भरता” की कहानी है।
स्रोत: PIB दिल्ली, 19 जून 2026 | अधिक जानकारी के लिए कोयला मंत्रालय देखें