सुकमा/रायपुर | 13 अप्रैल
नक्सल आतंक से लंबे समय तक प्रभावित रहे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में अब शांति, विश्वास और विकास की एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। राज्य सरकार की ‘नक्सल पुनर्वास नीति’ (Sukma Naxal Rehabilitation) के सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखने लगे हैं।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। उन्होंने वहां संचालित कौशल विकास (Skill Development) गतिविधियों का जायजा लिया और मुख्यधारा में लौट चुके लोगों से आत्मीय संवाद कर उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
2392 नक्सलियों ने छोड़ी हिंसा, 313 युवाओं को मिल रहा स्टाइपेंड
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि भटके हुए नागरिकों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और समाज में बराबरी का अवसर देना है। राज्य सरकार की प्रभावी नीति के चलते सुकमा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है:
- मुख्यधारा में वापसी: अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया है। इनमें से 361 पुनर्वासितों ने अपना नया जीवन शुरू कर दिया है।
- स्टाइपेंड (Stipend): मुख्यधारा में लौटे 313 युवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का स्टाइपेंड (आर्थिक सहायता) प्रदान किया जा रहा है।
- कौशल विकास: पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, सिलाई, कृषि और ड्राइविंग जैसे ट्रेडों में 307 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 115 महिलाएं शामिल हैं।
डिजिटल संचार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 107 हितग्राहियों को मोबाइल फोन भी बांटे गए हैं।

अनुकंपा नियुक्ति और ‘पुनर्वास से विकास तक’ पुस्तक का विमोचन
नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में 20 और जिला प्रशासन में 95 लोगों को ‘अनुकंपा नियुक्ति’ दी है। कार्यक्रम के दौरान सीएम साय ने मौसम संजना और भरत कुमार हेमला सहित कई हितग्राहियों और 10 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। साथ ही 25 हितग्राहियों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत आवास की चाबियां और पूर्णता प्रमाण पत्र भी दिए गए।
इस अवसर का सबसे मुख्य आकर्षण ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ नामक ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किताब नक्सल पुनर्वास की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाती है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप भी उपस्थित रहे।
📚 The Exam Hub – करेंट अफेयर्स (Fact-Check)
आगामी CGPSC, Vyapam और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस खबर से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण तथ्य (Short Notes):
- कॉफी टेबल बुक का नाम: ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ (विमोचन: सीएम विष्णुदेव साय)।
- आर्थिक सहायता: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को प्रतिमाह 10,000 रुपये का स्टाइपेंड।
- नक्सल पुनर्वास डेटा (2026 तक): 2392 नक्सलियों का आत्मसमर्पण/वापसी।
- आयोजन स्थल: पुनर्वास केंद्र, सुकमा (Sukma)।
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