रायपुर | 11 अप्रैल
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष 2026 के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार की योजनाएं अब जमीनी स्तर पर कैसे प्रभावी परिणाम दे रही हैं, इसका स्पष्ट प्रतिबिंब हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों में दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया है कि यह वर्ष महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। राज्य सरकार ने अपने बजट में महिलाओं और बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़ रुपए, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपए तथा कुपोषण मुक्ति व पोषण अभियान के लिए 235 करोड़ रुपए का भारी भरकम प्रावधान किया है।
महतारी वंदन योजना और नई ‘रानी दुर्गावती योजना’
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ मील का पत्थर साबित हुई है। 10 मार्च 2024 को शुरू हुई इस योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए मिल रहे हैं। अब तक 26 किस्तों में 16,881 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बांटी जा चुकी है। इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपए का नया बजट प्रावधान सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार एक नई ‘रानी दुर्गावती योजना’ का प्रस्ताव लाई है। इसके तहत बेटियों के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए बजट में 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मातृत्व सुरक्षा, न्योता भोज और सखी वन स्टॉप सेंटर
महिलाओं के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। 75 करोड़ रुपए की लागत से ‘महतारी सदनों’ का निर्माण हो रहा है, जिसमें से 137 सदन पूरे हो चुके हैं।
- मातृत्व सुरक्षा: ‘प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना‘ के तहत प्रदेश में 3 लाख 73 हजार से अधिक महिलाओं का पंजीयन हुआ है और उन्हें 235 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
- पोषण माह में अव्वल: पोषण अभियान में भी छत्तीसगढ़ ने परचम लहराया है। ‘पोषण माह 2024’ में प्रति केंद्र प्रदर्शन के मामले में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है।
- न्योता भोज: स्कूलों और आंगनबाड़ियों में ‘न्योता भोज’ जैसे शानदार नवाचार के तहत 9,700 से अधिक कार्यक्रम हुए हैं, जिससे 1.83 लाख बच्चों को लाभ मिला है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि लखपति दीदी योजना और उज्ज्वला योजना (38 लाख लाभार्थी) ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘सखी वन स्टॉप सेंटरों’ की संख्या 27 से बढ़ाकर 34 कर दी गई है।
📚 The Exam Hub – छत्तीसगढ़ योजनाएं (Current Affairs Fact-Check)
आगामी CGPSC और Vyapam जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस लेख के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- वर्ष 2026 की थीम: महतारी गौरव वर्ष 2026
- महतारी वंदन योजना की शुरुआत: 10 मार्च 2024 (लगभग 70 लाख लाभार्थी)।
- रानी दुर्गावती योजना (प्रस्तावित): 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर बेटियों को 1.50 लाख रुपये की सहायता।
- पोषण माह 2024: प्रति केंद्र प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ को देश में पहला (1st) स्थान।
- सखी वन स्टॉप सेंटर: राज्य में इनकी संख्या बढ़ाकर 34 कर दी गई है।
- विभागीय मंत्री: श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े (महिला एवं बाल विकास मंत्री)।
(छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाओं, बजट और शिक्षा जगत की ऐसी ही प्रामाणिक खबरों के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
