Ishan Verma Founder & Editor, theexamhub.in प्रकाशित: 10 जून 2026
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh — ये शब्द आज छत्तीसगढ़ के विकास की नई दिशा तय कर रहे हैं। 10 जून 2026 को दो महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं — पहली, छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की प्रमुख सुश्री सीमा कुमार ने सौजन्य भेंट की। दूसरी, श्री मिश्रा ने “अंजोर विजन-2047” के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाने का संकल्प दोहराया।
अगर आप CGPSC, UPSC या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं — Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh से जुड़ी यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ एक बैठक नहीं — यह बस्तर के बच्चों, माताओं और परिवारों के भविष्य का रोडमैप है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ + बस्तर को सबसे विकसित आदिवासी संभाग
साझेदार:
UNICEF + UNDP + राज्य नीति आयोग
कार्यक्रम स्थल:
छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग, नवा रायपुर
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh: यूनिसेफ से भेंट — किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
10 जून 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की प्रमुख सुश्री सीमा कुमार ने अपने सहयोगी श्री बाल परितोष दास के साथ सौजन्य भेंट की। Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh के तहत इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई:
1. बस्तर अंजोर — विशेष अभिसरण योजना
श्री मिश्रा ने “बस्तर अंजोर — विशेष अभिसरण योजना” की अवधारणा और उद्देश्यों से यूनिसेफ को अवगत कराया। यह योजना बस्तर संभाग के समग्र एवं समावेशी विकास के लिए तैयार एक अभिनव मॉडल है।
यह योजना तीन प्रमुख पहलों को जोड़ती है:
पहल
क्षेत्र
नियद नेल्लानार 2.0
समग्र विकास
बस्तर मुन्ने
बाल विकास
स्वस्थ बस्तर
स्वास्थ्य
इन तीनों पहलों को राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों से जोड़ा गया है:
सतत विकास लक्ष्य (SDGs) 2030
विकसित छत्तीसगढ़ @2047
आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम
सबसे महत्वपूर्ण बात: यह पूरी प्रक्रिया अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों के बिना, विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के प्रभावी समन्वय के माध्यम से संचालित की जा सकती है।
2. मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण
श्री मिश्रा ने कहा कि बस्तर के बच्चों, माताओं और परिवारों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
यूनिसेफ की तकनीकी विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में मदद करेगी:
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य
पोषण
प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास (ECD)
सामुदायिक सहभागिता
3. विकसित छत्तीसगढ़ @2047
बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ @2047 की दीर्घकालिक विकास परिकल्पना और मानव विकास सूचकांकों में सुधार पर भी विचार-विमर्श किया गया।
श्री मिश्रा ने कहा:
“स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम बच्चे तथा माताएं विकसित छत्तीसगढ़ की मज़बूत नींव हैं और इस दिशा में सभी साझेदार संस्थाओं के सहयोग से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।”
4. यूनिसेफ की प्रतिबद्धता
यूनिसेफ छत्तीसगढ़ प्रमुख सुश्री सीमा कुमार ने बस्तर अंजोर सहित विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निरंतर तकनीकी सहयोग एवं संस्थागत समर्थन प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
“यूनिसेफ राज्य के बच्चों एवं महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करता रहेगा।”
यूनिसेफ, छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग का एक दीर्घकालिक तकनीकी सहयोगी रहा है और स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं बाल विकास से संबंधित अनेक पहलों में सहयोग प्रदान करता रहा है।
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh के दूसरे हिस्से में श्री मिश्रा ने “अंजोर विजन-2047” का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:
“मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘अंजोर विजन-2047’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
यह राज्य के दीर्घकालिक विकास का व्यापक रोडमैप है जिसमें शामिल हैं:
आर्थिक विकास — कृषि उत्पादकता, औद्योगिक विकास
सुशासन — डेटा आधारित नीति निर्माण
सामाजिक प्रगति — महिला सशक्तिकरण, शिक्षा
निवेश संवर्धन — डिजिटल अर्थव्यवस्था
मानव विकास — स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार सृजन
3 नई इकाइयां गठित — SSM, PIU, M&E
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh के क्रियान्वयन के लिए राज्य नीति आयोग में 3 नई विशेष इकाइयां गठित की गई हैं:
इकाई
पूरा नाम
काम
SSM
स्टेट सपोर्ट मिशन
विभागों को तकनीकी सहयोग
PIU
प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट
परियोजनाओं का क्रियान्वयन
M&E
मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन
निगरानी एवं मूल्यांकन
श्री मिश्रा ने कहा कि इन इकाइयों को विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर KPI आधारित समीक्षा, नीति विश्लेषण, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा साक्ष्य आधारित सुझावों के माध्यम से विकास की गति को तेज़ करना होगा।
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh: SDGs और अंजोर विजन — एक-दूसरे के पूरक
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh में श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सतत विकास लक्ष्य (SDGs) और अंजोर विजन-2047 एक-दूसरे के पूरक हैं।
SDGs + अंजोर विजन-2047 = विकसित छत्तीसगढ़
दोनों का मूल उद्देश्य: अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना
छत्तीसगढ़ ने नीति आयोग के SDG इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अब लक्ष्य केवल सूचकांकों में सुधार तक सीमित नहीं — बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है।
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh: बस्तर — सर्वोच्च प्राथमिकता
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh में बस्तर संभाग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। श्री मिश्रा ने कई महत्वपूर्ण बातें बताईं:
31 मार्च 2026 — छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हुआ
श्री मिश्रा ने कहा कि 31 मार्च 2026 राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्री का संकल्प
श्री मिश्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के उस संकल्प का उल्लेख किया जिसमें बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की बात कही गई थी।
बस्तर अंजोर — 7 प्रमुख नवाचार
“बस्तर अंजोर” पहल के तहत सात प्रमुख नवाचारों के माध्यम से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को मूर्त रूप दिया जाएगा। इससे बस्तर इन क्षेत्रों में नई पहचान स्थापित करेगा:
विकास
सुशासन
शिक्षा
स्वास्थ्य
रोजगार
बुनियादी सुविधाएं
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh: UNDP भी साथ — विकसित छत्तीसगढ़ का रास्ता
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh में सिर्फ यूनिसेफ ही नहीं — संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) भी साझेदार है।
श्री मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि:
“राज्य सरकार, UNDP और राज्य नीति आयोग के संयुक्त प्रयासों से अंजोर विजन-2047 के लक्ष्य निर्धारित समयावधि में प्राप्त किए जा सकेंगे तथा छत्तीसगढ़ समावेशी, सतत और विकसित राज्य के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।”
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
अगर आप CGPSC, UPSC, SSC या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh से जुड़े ये तथ्य ज़रूर याद रखें:
Q: बस्तर अंजोर योजना क्या है? → बस्तर संभाग के समग्र विकास के लिए विशेष अभिसरण योजना — नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को जोड़ती है
Q: अंजोर विजन-2047 क्या है? → छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार 2047 तक विकसित राज्य बनने का व्यापक रोडमैप
Q: SSM, PIU, M&E क्या हैं? → राज्य नीति आयोग में गठित 3 विशेष इकाइयां — स्टेट सपोर्ट मिशन, प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट, मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन
Q: यूनिसेफ छत्तीसगढ़ प्रमुख कौन हैं? → सुश्री सीमा कुमार
Q: राज्य नीति आयोग उपाध्यक्ष कौन हैं? → श्री गणेश शंकर मिश्रा
Q: छत्तीसगढ़ कब नक्सलवाद से मुक्त हुआ? → 31 मार्च 2026
Q: SDGs और अंजोर विजन-2047 का क्या संबंध है? → दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं — दोनों का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना
Q: बस्तर को क्या बनाने का लक्ष्य है? → देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग (केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का संकल्प)
निष्कर्ष: Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh — अंधेरे से उजाले तक
Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh — “अंजोर” का अर्थ ही है “उजाला”। और यह उजाला सिर्फ बिजली या सड़क का नहीं — यह शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और सुशासन का उजाला है जो बस्तर के हर गांव, हर परिवार, हर बच्चे तक पहुंचना है।
31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्त हुआ बस्तर — अब विकास की नई राह पर चल पड़ा है। यूनिसेफ और UNDP जैसी वैश्विक संस्थाओं का साथ, राज्य नीति आयोग की विशेषज्ञ टीम, और “अंजोर विजन-2047” का रोडमैप — ये सब मिलकर एक ऐसी नींव बना रहे हैं जिस पर विकसित छत्तीसगढ़ @2047 का भवन खड़ा होगा।
जैसा कि श्री मिश्रा ने कहा — “स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम बच्चे तथा माताएं विकसित छत्तीसगढ़ की मज़बूत नींव हैं।” और Bastar Anjor Vision 2047 Chhattisgarh इसी नींव को मज़बूत करने का अभियान है।
यह बस्तर संभाग के समग्र विकास और 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का व्यापक रोडमैप है — जिसमें बस्तर अंजोर योजना, अंजोर विजन-2047, यूनिसेफ और UNDP की साझेदारी शामिल है।