छत्तीसगढ़ में स्कूल परीक्षा फीस दोगुनी: भड़की कांग्रेस, भाजपा सरकार के फैसले को बताया ‘तुगलकी फरमान’

छत्तीसगढ़ स्कूल फीस वृद्धि

By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर, 21 मई 2026
छत्तीसगढ़ स्कूल फीस वृद्धि ने राज्य के लाखों गरीब छात्रों और उनके माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार द्वारा 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुल्क सहित 22 अन्य मदों की फीस में भारी बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस कदम को शिक्षा विरोधी और गरीब छात्रों पर ‘कुठाराघात’ करार दिया है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की जोरदार मांग की है।

छत्तीसगढ़ स्कूल फीस वृद्धि: कितनी बढ़ी फीस? देखें कांग्रेस के आंकड़े

कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा और नामांकन शुल्क में बेतहाशा वृद्धि की है। छत्तीसगढ़ स्कूल फीस वृद्धि के इस फैसले से गरीब, एससी (SC) और एसटी (ST) वर्ग के छात्र भारी आर्थिक दबाव और तनाव में आ गए हैं।

फीस में की गई वृद्धि का पूरा विवरण इस प्रकार है:

  • नियमित परीक्षा फीस: पहले 460 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है।
  • नामांकन शुल्क (Enrollment): 80 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है।
  • अतिरिक्त विषय फीस: 110 रुपये से बढ़ाकर सीधा 250 रुपये कर दिया गया है।
  • सम्पूर्ण विषय (10वीं-12वीं): 1230 रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये कर दिया गया है।
  • एक विषय का शुल्क: 280 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये तय किया गया है।
  • दो विषय का शुल्क: 340 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है।
  • परीक्षा केंद्र परिवर्तन: 240 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है।
  • स्वाध्यायी (Private) विलम्ब शुल्क: 770 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये किया गया।
  • विशेष विलम्ब शुल्क: 1540 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने शिक्षा मंत्री से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि आखिर राज्य के गरीब माता-पिता पर इतना अतिरिक्त व्यय भार डालने और इस भारी फीस वृद्धि की आवश्यकता क्यों पड़ी?

‘डबल इंजन की सरकार अब बनी ट्रबल इंजन’

कांग्रेस ने भाजपा सरकार के पिछले ढाई साल के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकार पर सीधा वार करते हुए कहा:

“यह ‘डबल इंजन’ की सरकार अब आम जनता के लिए ‘ट्रबल इंजन’ बन गई है। बिजली, राशन, पेट्रोल-डीजल, खाद और रसोई गैस पहले ही महंगी है, और अब छत्तीसगढ़ स्कूल फीस वृद्धि करके सरकार अपनी खाली तिजोरी भरना चाहती है।”

शिक्षा विभाग की अव्यवस्थाओं पर कांग्रेस के आरोप:

  1. स्कूल खुलने के कई महीनों बाद भी छात्रों को अध्ययन के लिए पुस्तकें नहीं मिल रही हैं।
  2. स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल भवन जर्जर हो चुके हैं।
  3. राज्य में 10,000 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
  4. पेपर लीक की घटनाएं आम हो रही हैं और गरीब बच्चों को समय पर छात्रवृत्ति (Scholarship) नहीं मिल पा रही है।

“कांग्रेस की सभी जनहितैषी योजनाएं कर दीं बंद”

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा आम जनता और छात्रों को दी गई सारी रियायतें इस सरकार ने धीरे-धीरे छीन ली हैं। उन्होंने बताया कि बिजली बिल हाफ योजना के तहत मिलने वाली 400 यूनिट की छूट अब खत्म कर दी गई है। इसके अलावा, गरीबों को छोटी जमीन खरीदने पर रजिस्ट्री में मिलने वाली 30 प्रतिशत की छूट भी बंद हो गई है, और जमीन की गाइडलाइन दरों में बेतहाशा वृद्धि की गई है।

उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार में प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले छात्रों से कोई फीस नहीं ली जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने फिर से फीस वसूली शुरू कर दी है। यह पूरी तरह से मुनाफाखोरी की नीति है।

निष्कर्ष: कर्ज का बोझ गरीब छात्रों पर डाल रही सरकार

अंत में धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य की वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। केंद्र सरकार से जो आर्थिक मदद का वादा किया गया था, वह राज्य को नहीं मिल रहा है। ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करने के लिए राज्य सरकार लगातार कर्ज के दलदल में फंसती जा रही है। इसी कर्ज और आर्थिक कुप्रबंधन का सीधा प्रभाव अब शिक्षा विभाग में देखने को मिल रहा है, जहाँ छत्तीसगढ़ स्कूल फीस वृद्धि के जरिए गरीब छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह फीस वृद्धि तुरंत वापस नहीं ली गई, तो पार्टी इसके खिलाफ सड़क पर उतरेगी।

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