By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
नई दिल्ली | 23 अप्रैल
भारतीय शतरंज (Indian Chess) के लिए एक और गर्व का क्षण आ गया है। 22 वर्षीय युवा शतरंज खिलाड़ी आरोन्यक घोष ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ग्रैंडमास्टर (GM) का प्रतिष्ठित टाइटल अपने नाम कर लिया है। इसी के साथ Aronyak Ghosh 95th Grandmaster (भारत के 95वें ग्रैंडमास्टर) बन गए हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC/UPSC/State PSC) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह ‘स्पोर्ट्स करेंट अफेयर्स (Sports Current Affairs)’ का एक बेहद महत्वपूर्ण सवाल है। आइए जानते हैं आरोन्यक घोष की इस शानदार उपलब्धि और उनके संघर्ष की कहानी।
Aronyak Ghosh 95th Grandmaster: बैंकॉक में हासिल किया फाइनल ‘GM Norm’
वर्ष 2003 में जन्मे आरोन्यक घोष पश्चिम बंगाल (West Bengal) राज्य से आते हैं। वह इस राज्य से ग्रैंडमास्टर बनने वाले 12वें खिलाड़ी हैं।
- फाइनल नॉर्म: आरोन्यक ने अपना अंतिम और तीसरा ‘जीएम नॉर्म (GM Norm)’ हाल ही में आयोजित ‘बैंकॉक चेस क्लब ओपन 2026’ (Bangkok Chess Club Open 2026) में हासिल किया। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 9 में से 7.0 का शानदार स्कोर बनाकर कई अन्य खिलाड़ियों के साथ पहला स्थान साझा किया।
- पिछले नॉर्म्स: इससे पहले उन्होंने अपना पहला जीएम नॉर्म 2023 में ‘सैंट्स ओपन (Sants Open)’ में और दूसरा नॉर्म 2024 में ‘एनेमासे मास्टर्स (Annemasse Masters)’ जीतकर हासिल किया था।

पिता का संघर्ष और 2555 की Elo रेटिंग
आरोन्यक का यहां तक का सफर आसान नहीं था। उनके पिता मृणाल घोष (Mrinal Ghosh) पूर्व शतरंज खिलाड़ी और अब ‘चेस आर्बिटर (Chess Arbiter)’ हैं। एक साधारण परिवार से आने वाले मृणाल घोष ने अपने बेटे के जुनून को जिंदा रखने के लिए कई पारिवारिक सामान तक बेच दिए, ताकि आरोन्यक टूर्नामेंट्स में हिस्सा ले सकें। उनकी मां एक वकील हैं, जो अक्सर टूर्नामेंट में उनके साथ यात्रा करती हैं। ‘हेल्पचेस फाउंडेशन’ (HelpChess Foundation) ने भी उन्हें कई छात्रवृत्तियां देकर सपोर्ट किया।
आरोन्यक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह भारत के ओपन टूर्नामेंट्स में ‘लोअर-रेटेड (Lower rated)’ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने से नहीं कतराते। उन्होंने लोअर-रेटेड खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने की कला में महारत हासिल कर ली है और वह शायद ही कभी गेम हारते हैं। यही कारण है कि उनकी करियर की सर्वोच्च Elo रेटिंग 2555 तक पहुंच गई (वर्तमान लाइव रेटिंग 2541 है)।

FIDE वर्ल्ड कप और नेशनल रैपिड चैंपियन
हाल ही में आयोजित FIDE वर्ल्ड कप 2025 में आरोन्यक ने पहले ही राउंड में पोलैंड के मजबूत ग्रैंडमास्टर माटुस्ज़ बार्टेल (Mateusz Bartel) को हराकर अपनी ताकत दिखाई थी। दूसरे राउंड में उनका सामना दिग्गज लेवोन अरोनियन (Levon Aronian) से हुआ था। इसके अलावा, आरोन्यक वर्ष 2026 में भारत के ‘नेशनल रैपिड चैंपियन’ (National Rapid Champion of India) भी बन चुके हैं। अब उनका अगला लक्ष्य 2600 की रेटिंग और ‘सुपर जीएम (2700+)’ का मार्क हासिल करना है।
Aronyak Ghosh 95th Grandmaster: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: भारत के 95वें शतरंज ग्रैंडमास्टर (95th Chess Grandmaster) कौन बने हैं?
उत्तर: 22 वर्षीय आरोन्यक घोष (Aronyak Ghosh) भारत के 95वें शतरंज ग्रैंडमास्टर बन गए हैं।
प्रश्न 2: 95वें ग्रैंडमास्टर आरोन्यक घोष का संबंध भारत के किस राज्य से है?
उत्तर: आरोन्यक घोष मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल (West Bengal) राज्य के रहने वाले हैं और वह इस राज्य से निकलने वाले 12वें ग्रैंडमास्टर हैं।
📚 The Exam Hub – स्पोर्ट्स करेंट अफेयर्स (Fact-Check)
आगामी SSC, UPSC, Bank और State PSC परीक्षाओं के लिए ‘आरोन्यक घोष’ से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण तथ्य (Short Notes):
- भारत के 95वें शतरंज ग्रैंडमास्टर (95th GM): आरोन्यक घोष (Aronyak Ghosh)।
- राज्य (State): पश्चिम बंगाल (West Bengal – राज्य के 12वें ग्रैंडमास्टर)।
- फाइनल नॉर्म कहाँ हासिल किया: बैंकॉक चेस क्लब ओपन 2026 (Bangkok Chess Club Open 2026)।
- राष्ट्रीय उपलब्धि: भारत के नेशनल रैपिड चैंपियन 2026।
- उम्र (Age): 22 वर्ष (जन्म: 2003)।
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