By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर | 20 अप्रैल
छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने आईसीडीएस (ICDS) के अंतर्गत संचालित Poshan 2.0 Chhattisgarh (सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0) कार्यक्रमों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक ली।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को कुपोषण उन्मूलन, फंड के सही उपयोग और आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए इस बैठक के अहम बिंदु जानना बहुत जरूरी है।
100 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण और खाली पदों पर भर्ती
समीक्षा बैठक के दौरान संचालक डॉ. श्रीवास्तव ने राज्य में 100 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण और संचालन कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए।
इसके साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के स्वीकृत, भरे गए और रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी ली गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जमीनी स्तर पर काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी ‘रिक्त पदों’ को जल्द से जल्द भरा जाए।


कुपोषण मुक्ति कार्ययोजना और महिलाओं की स्वच्छता पर फोकस
कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम के तहत आवंटित राशि के उपयोग की समीक्षा करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक ठोस कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन के लिए सभी जिलों को ‘लक्ष्य आधारित (Target-based)’ कार्य करना होगा।
इसके अलावा महिलाओं और किशोरियों की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए, केंद्रों में ‘सैनिटरी वेंडिंग मशीन’ (Sanitary Vending Machine) और ‘इंसिनरेटर मशीन’ (Incinerator Machine) की स्थापना और सुधार कार्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। साथ ही बच्चों के सटीक वजन के लिए ‘वजन मशीनों’ की मरम्मत के निर्देश भी दिए गए।

कार्यकर्ताओं के भत्ते का भुगतान और पोर्टल एंट्री
सुपोषण योजना के तहत पोर्टल पर डेटा एंट्री (Portal Entry) के कार्य को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। बैठक में सेक्टर पर्यवेक्षकों (Supervisors), आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के यात्रा भत्ता (Travel Allowance) के भुगतान की स्थिति पर भी चर्चा की गई। संचालक ने निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी के मानदेय या भत्ते के भुगतान में कोई देरी न हो।
Poshan 2.0 Chhattisgarh: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: ‘सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0’ योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती और धात्री माताओं में कुपोषण (Malnutrition) को खत्म करना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक (सक्षम) व सुविधाओं से युक्त बनाना है।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग की वर्तमान संचालक (Director) कौन हैं?
उत्तर: वर्तमान में डॉ. रेणुका श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक हैं।
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आगामी CGPSC, Vyapam और ‘महिला पर्यवेक्षक’ भर्ती परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- योजना का नाम: सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 (Poshan 2.0)।
- विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग (ICDS), छत्तीसगढ़।
- विभागीय संचालक (Director): डॉ. रेणुका श्रीवास्तव।
- विशेष लक्ष्य: प्रदेश में 100 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण।
- स्वच्छता उपकरण: केंद्रों पर सैनिटरी वेंडिंग मशीन और इंसिनरेटर मशीन की स्थापना।
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