By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
मूल आलेख: दीपक कुमार यादव (PRO, पर्यटन विभाग, छत्तीसगढ़)
रायपुर/बस्तर | 30 अप्रैल
बस्तर, छत्तीसगढ़ का वह अंचल जो कभी नक्सल प्रभाव और चुनौतियों के कारण सुर्खियों में रहता था, आज तेजी से अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान गढ़ रहा है। प्राकृतिक संपदा, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता से बस्तर अब पूरे देश में ‘पर्यटन (Tourism)’ के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन को विकास के प्रमुख आधार के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC/Vyapam) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘बस्तर पर्यटन (Bastar Tourism Chhattisgarh)’ के इस बदलते स्वरूप को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।
सबसे बड़ा फैसला: ‘पर्यटन को उद्योग का दर्जा’
साय सरकार द्वारा लिया गया सबसे ऐतिहासिक निर्णय “पर्यटन को उद्योग का दर्जा (Tourism as Industry)” देना है। इस निर्णय ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में निवेशकों के लिए संभावनाओं का एक नया द्वार खोल दिया है।
- इससे न केवल पर्यटन के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का तेजी से विकास हो रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
- ‘छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल‘ द्वारा बस्तर क्षेत्र में ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism), एडवेंचर टूरिज्म, जल पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

धुड़मारास और मांझीपाली: बस्तर का अनूठा ‘ग्रामीण पर्यटन’
घने जंगल, मनोहारी झरने, शांत नदियां और समृद्ध जैव विविधता बस्तर को एक अनूठा सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र (Cultural Tourism Hub) बनाते हैं।
बस्तर के धुड़मारास (Dhudmaras) और मांझीपाली (Manjhipali) जैसे गांवों में पर्यटक न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं, बल्कि स्थानीय जीवनशैली, जनजातीय लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों से भी रूबरू हो रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने श्रमदान और आपसी सहयोग से ‘उयधीर नाले’ जैसे स्थानों को स्वयं विकसित कर एक शानदार पिकनिक स्पॉट बना दिया है। यह सामूहिक प्रयास साबित करता है कि जब समुदाय और शासन साथ मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव निश्चित है।
होम-स्टे (Home-stay) योजना और युवाओं को रोजगार
बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं:
- होम-स्टे (Home-Stay) योजना: पर्यटकों को स्थानीय घरों में रुकने की सुविधा देना।
- कौशल विकास: स्थानीय गाइड प्रशिक्षण और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन।
इन प्रयासों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है और वे अपनी पारंपरिक कला एवं संस्कृति (Art & Culture) को वैश्विक पटल पर आगे बढ़ा रहे हैं। बेहतर सड़क संपर्क और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार ने पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि की है।

📚 The Exam Hub – पर्यटन करेंट अफेयर्स (Fact-Check)
आगामी CGPSC, Vyapam और अन्य परीक्षाओं के लिए इस लेख से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- ऐतिहासिक निर्णय: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘पर्यटन’ को ‘उद्योग’ (Industry) का दर्जा दिया गया है।
- चर्चित पर्यटन गांव: धुड़मारास और मांझीपाली (बस्तर)।
- चर्चित पिकनिक स्पॉट: उयधीर नाला (ग्रामीणों द्वारा विकसित)।
- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री: श्री राजेश अग्रवाल (छत्तीसगढ़)।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्र: ईको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, और ग्रामीण (रूरल) टूरिज्म।
Bastar Tourism Chhattisgarh: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने किस क्षेत्र को ‘उद्योग’ (Industry) का दर्जा प्रदान किया है?
उत्तर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ‘पर्यटन (Tourism)’ को उद्योग का दर्जा प्रदान किया है।
प्रश्न 2: बस्तर के कौन से गांव अपने ‘ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism)’ के लिए पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध हो रहे हैं?
उत्तर: बस्तर के ‘धुड़मारास’ और ‘मांझीपाली’ जैसे गांव अपने प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी जनजातीय जीवनशैली के कारण ग्रामीण पर्यटन के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं।
(छत्तीसगढ़ के पर्यटन, कला-संस्कृति और एग्जाम से जुड़े सटीक करेंट अफेयर्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
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