By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर | 26 अप्रैल
छत्तीसगढ़ के पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात‘ (133वीं कड़ी) में छत्तीसगढ़ के Barnawapara Wildlife Sanctuary Blackbuck (बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों के संरक्षण) की जमकर सराहना की है।
राजधानी रायपुर के भाटागांव में ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे जमीनी स्तर पर काम कर रहे लोगों का मनोबल बढ़ा है। प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC/Forest Guard) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह ‘पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment & Ecology)’ का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन गया है।

5 दशकों का वनवास खत्म: विलुप्ति से 200 तक का सफर
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित ‘बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य’ लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला है। 1970 के दशक के बाद प्राकृतिक आवास के नुकसान और अतिक्रमण के कारण काले हिरण (Blackbuck) इस क्षेत्र से लगभग विलुप्त (Extinct) हो गए थे।
करीब पांच दशकों तक यह क्षेत्र सूना रहा। लेकिन अप्रैल 2018 में आयोजित ‘राज्य वन्यजीव बोर्ड’ की 9वीं बैठक में काले हिरणों की पुनर्स्थापन योजना (Relocation Plan) को मंजूरी मिली। एक सुविचारित योजना के तहत हिरणों को फिर से बसाया गया और आज यह क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों का सुरक्षित आवास बन गया है।

संरक्षण की चुनौतियां: निमोनिया का कहर और वैज्ञानिक प्रबंधन
इस उपलब्धि तक पहुंचना आसान नहीं था। संरक्षण के शुरुआती चरण में निमोनिया (Pneumonia) के कारण लगभग 8 काले हिरणों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने प्रबंधन में कड़े सुधार किए:
- बाड़ों (Enclosures) में मजबूत सतह के लिए ‘रेत की परत’ बिछाई गई।
- जलभराव (Water-logging) रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई।
- एक समर्पित पशु चिकित्सक (Veterinarian) की नियुक्ति की गई।
इन वैज्ञानिक प्रबंधनों के कारण आज हिरणों की संख्या 200 तक पहुंच गई है और वे अपने नए प्राकृतिक परिवेश में ढल चुके हैं।
📖 Static GK: काला हिरण (Blackbuck) क्या है?
UPSC और CGPSC के छात्रों के लिए काले हिरण से जुड़े तथ्य जानना बहुत जरूरी है:
- वैज्ञानिक नाम: इसका वैज्ञानिक नाम ‘एंटिलोप सर्विकाप्रा’ (Antilope cervicapra) है।
- पहचान: नर (Male) काले हिरण का रंग गहरा भूरा या काला होता है और उनके लंबे सर्पिलाकार (Spiral) सींग होते हैं, जो 75 सेंटीमीटर तक लंबे हो सकते हैं। मादा (Female) हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते।
- आवास और वजन: यह खुले घास के मैदानों में पाए जाते हैं। नर का वजन 20-57 किग्रा और मादा का वजन 20-33 किग्रा के बीच होता है।

Barnawapara Wildlife Sanctuary Blackbuck: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) छत्तीसगढ़ के किस जिले में स्थित है?
उत्तर: बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित है, जो लगभग 245 वर्ग किमी में फैला हुआ है।
प्रश्न 2: काले हिरण (Blackbuck) का वैज्ञानिक नाम क्या है?
उत्तर: काले हिरण का वैज्ञानिक नाम ‘एंटिलोप सर्विकाप्रा’ (Antilope cervicapra) है। यह भारतीय उपमहाद्वीप के घास के मैदानों में पाया जाने वाला एक मृग है।
📚 The Exam Hub – पर्यावरण करेंट अफेयर्स (Fact-Check)
आगामी CGPSC, Vyapam और वन रक्षक (Forest Guard) परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- चर्चित अभयारण्य: बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य (बलौदाबाजार-भाटापारा जिला)।
- अभयारण्य का क्षेत्रफल: लगभग 245 वर्ग किलोमीटर।
- चर्चित वन्यजीव: काला हिरण (Blackbuck)।
- चर्चा का कारण: PM मोदी द्वारा ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में इस अभयारण्य की तारीफ।
- पुनर्स्थापन की शुरुआत: अप्रैल 2018 (राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक के बाद)।
(छत्तीसगढ़ के पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और एग्जाम से जुड़े सटीक करेंट अफेयर्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
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