रायपुर, 17 सितंबर 2026: स्थानीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को अधिक सुगम, पारदर्शी, निष्पक्ष और अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा अंतर-राज्यीय समन्वय देखने को मिला। 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के नवा रायपुर अटल नगर स्थित मुख्यालय में SEC Standing Committee Meeting 2026 (राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की बैठक) सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में देशभर के राज्य निर्वाचन आयुक्तों ने समयबद्ध चुनाव कराने और चुनावी साजो-सामान के अंतर-राज्यीय आदान-प्रदान पर महत्वपूर्ण नीतिगत सहमति बनाई।
बैठक में राज्यों के बीच आवश्यकता पड़ने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के आदान-प्रदान के लिए एक एकीकृत ‘ईवीएम प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर’ (EVM Management System Software) विकसित करने पर गहन विमर्श हुआ, जिसे तैयार करने की जिम्मेदारी बिहार राज्य निर्वाचन आयोग संभाल रहा है। इसके साथ ही गुजरात एवं महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग के सुझाव पर राज्यों के मध्य ‘चुनावी डेटाबेस साझा करने’ तथा पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव पर आधुनिक M-3 मॉडल EVM को आपात स्थिति में एक-दूसरे के साथ साझा करने की व्यवस्था पर औपचारिक सहमति बनी। आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और मल्टीलेवल गवर्नेंस’ विषय पर आयोजित करने के लिए महाराष्ट्र के पुणे को संभावित स्थल तय किया गया।
बैठक के उपरांत नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री चंदन कुमार ने नवा रायपुर के अत्याधुनिक व सुनियोजित स्मार्ट सिटी मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके बाद सभी राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने सपरिवार नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन और देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम (शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय) का अध्ययन भ्रमण किया।
| स्थायी समिति बैठक 2026: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| बैठक का नाम | SEC Standing Committee Meeting 2026 |
| मुख्य संदर्भ | 32वां अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन (द्वितीय दिवस) |
| बैठक स्थल | राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर |
| EVM सॉफ्टवेयर का प्रभार | बिहार राज्य निर्वाचन आयोग (EVM प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर) |
| डेटाबेस शेयरिंग प्रस्तावक | गुजरात एवं महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग |
| M-3 EVM शेयरिंग प्रस्तावक | पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग |
| आगामी सम्मेलन (प्रस्तावित) | पुणे (‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और मल्टीलेवल गवर्नेंस’) |
| NRDA प्रस्तुतीकरण | श्री चंदन कुमार (सीईओ, एनआरडीए) |
उप-समितियों की समीक्षा और अंतर-राज्यीय चुनावी नवाचार
SEC Standing Committee Meeting 2026 के दौरान स्थायी समिति द्वारा गठित तीन प्रमुख उप-समितियों के कामकाज की प्रगति की समीक्षा की गई:
- तकनीकी पहलों का विस्तार: विभिन्न राज्यों में लागू ऑनलाइन नामांकन, डिजिटल स्क्रूटनी और मतगणना ट्रैकिंग सिस्टम को अन्य राज्यों में भी लागू करने की योजना बनी।
- तय समय पर चुनाव: परिसीमन, मतदाता सूची पुनरीक्षण और कानूनी अड़चनों के कारण स्थानीय निकाय चुनावों में होने वाले विलंब को दूर करने के लिए ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ (श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों) का आदान-प्रदान किया गया।
- पारस्परिक अध्ययन दौरे: अन्य राज्यों के चुनावी कार्यक्रमों और नवाचारों को समझने के लिए चुनाव आयुक्तों के अंतर-राज्यीय अध्ययन दौरों को अनिवार्य करने पर बल दिया गया।
नवीन विधानसभा भवन (सेक्टर-19) का अवलोकन
बैठक के बाद निर्वाचन आयुक्तों ने सपरिवार नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ के भव्य नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण किया:
- सदन व्यवस्था का अध्ययन: आयुक्तों ने मुख्य सदन (विधानसभा हॉल) के भीतर जाकर छत्तीसगढ़ के विधायी कामकाज, डिजिटल वोटिंग प्रणाली और सदन संचालन की उच्चस्तरीय व्यवस्थाओं को देखा।
- लोकार्पण पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष (रजत जयंती) पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया गया था। आयुक्तों ने नवा रायपुर के स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम: 14 सेक्टरों में जीवंत हुआ जनजातीय इतिहास
दौरे के अंतिम पड़ाव में निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर स्थित देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम (शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय) का विस्तृत अवलोकन किया:
आयुक्तों ने संग्रहालय के 14 अलग-अलग सेक्टरों में डिजिटल तकनीक, 3D मैपिंग और इंटरैक्टिव स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों और स्वाधीनता संग्राम की वीर गाथाओं को देखा। उन्होंने निम्नलिखित ऐतिहासिक विद्रोहों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की:
- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम संघर्ष, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, और सोनाखान का स्वाधीनता संग्राम।
- इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आंदोलनों में छत्तीसगढ़ के झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह के योगदान को देखा।
- भ्रमण के समापन पर आयुक्तों ने संग्रहालय परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक कलाकारों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
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CGPSC Static Facts: छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक जनजातीय विद्रोह एवं M-3 EVM
प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC राज्य सेवा परीक्षा Paper-3 छत्तीसगढ़ का इतिहास तथा Paper-4 सामान्य विज्ञान व तकनीक) के लिए मानक तथ्य:
- संग्रहालय में उल्लेखित छत्तीसगढ़ के प्रमुख जनजातीय विद्रोह (कालक्रमानुसार):
- हल्बा विद्रोह (1774–1779): बस्तर का प्रथम जनजातीय संघर्ष, नेतृत्वकर्ता: क्रांतिवीर अजमेर सिंह (उद्देश्य: बस्तर की संप्रभुता रक्षा)।
- भोपालपट्टनम संघर्ष (1795): कैप्टन ब्लंट को बस्तर में प्रवेश करने से रोकने वाला पहला विदेशी-विरोधी प्रतिरोध।
- परलकोट विद्रोह (1825): नेतृत्वकर्ता: गेंद सिंह (जिन्हें बस्तर का प्रथम शहीद कहा जाता है)। प्रतीक: धावड़ा वृक्ष की टहनी।
- तारापुर विद्रोह (1842–1854): नेतृत्वकर्ता: दल गंजन सिंह (दीवान जगबंधु के कर-वृद्धि के विरुद्ध)।
- मेरिया विद्रोह (1842–1863): नेतृत्वकर्ता: हिड़मा मांझी (अंग्रेजों द्वारा नरबलि प्रथा/मेरिया उन्मूलन के नाम पर जनजातीय आस्था में हस्तक्षेप का विरोध)।
- लिंगागिरी विद्रोह (1856–1857): नेतृत्वकर्ता: धुर्वाराम माड़िया। इसे ‘बस्तर का प्रथम मुक्ति संग्राम’ (1857 की क्रांति का विस्तार) माना जाता है।
- कोई विद्रोह (1859): नेतृत्वकर्ता: नागुल दोरला। नारा: “एक साल वृक्ष के पीछे एक मानव सिर” (साल वनों की कटाई रोकने हेतु प्रथम सफल पर्यावरण आंदोलन)।
- मुरिया विद्रोह (1876): नेतृत्वकर्ता: झाड़ा सिरहा (राजा भैरमदेव के समय)।
- भूमकाल विद्रोह (1910): नेतृत्वकर्ता: गुंडाधूर (नेतानार) एवं लाल कालेंद्र सिंह। प्रतीक: लाल मिर्च, धनुष-बाण और आम की टहनी।
- सोनाखान विद्रोह (1857): नेतृत्वकर्ता: शहीद वीर नारायण सिंह (1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद, 10 दिसंबर 1857 को फांसी)।
- M-3 मॉडल EVM (Model-3 Electronic Voting Machine):
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) द्वारा निर्मित अत्याधुनिक ईवीएम।
- विशेषताएं: डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित कोड (Digitally Signed Software), सेल्फ-डायग्नोस्टिक्स सिस्टम (यदि किसी भी घटक से छेड़छाड़ की जाए तो मशीन स्वतः बंद हो जाती है), और उच्च स्तरीय सुरक्षा चिप्स।
विश्लेषण: स्थानीय लोकतंत्र में अंतर-राज्यीय सहयोग और सांस्कृतिक चेतना
(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Cooperative Federalism, Electoral Integrity & Tribal Heritage)
1. चुनावी संघवाद (Electoral Federalism) और संसाधनों का सह-उपयोग: SEC Standing Committee Meeting 2026 यह सिद्ध करती है कि स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राज्यों का स्वतंत्र रूप से कार्य करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ‘संसाधनों का साझा उपयोग’ आवश्यक है। बिहार द्वारा सॉफ्टवेयर बनाना, गुजरात-महाराष्ट्र द्वारा डेटाबेस शेयरिंग और पश्चिम बंगाल के सुझाव पर M-3 EVM की अंतर-राज्यीय शेयरिंग से सरकारी खजाने पर सैकड़ों करोड़ रुपये की बचत होगी। यह ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म’ का सबसे व्यावहारिक और लागत-कुशल (Cost-effective) मॉडल है।
2. नीति-निर्माताओं का जनजातीय संघर्षों से साक्षात्कार: देश भर के संवैधानिक और प्रशासनिक प्रमुखों को नवा रायपुर के डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम में 14 जनजातीय विद्रोहों का अध्ययन कराना एक गहरा प्रशासनिक संदेश देता है। यह नौकरशाही को यह समझाता है कि स्थानीय निकाय और पंचायती राज केवल चुनाव कराने का तंत्र नहीं हैं, बल्कि यह उन आदिवासियों के ऐतिहासिक जल-जंगल-जमीन के संघर्षों और स्वशासन (PESA एक्ट की भावना) को वास्तविक धरातल पर सम्मान देने का संवैधानिक साधन हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. SEC Standing Committee Meeting 2026 में EVM सॉफ्टवेयर बनाने की जिम्मेदारी किस राज्य को दी गई?
राज्यों के बीच इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को साझा करने के लिए ‘ईवीएम प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर’ तैयार करने की जिम्मेदारी बिहार राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपी गई है।
Q2. आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए किस शहर और विषय का चयन किया गया है?
राज्य निर्वाचन आयुक्तों के ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और मल्टीलेवल गवर्नेंस’ विषय पर होने वाले आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए पुणे को संभावित स्थल तय किया गया है।
Q3. नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण कब और किसके द्वारा किया गया था?
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा नवीन विधानसभा भवन (सेक्टर-19) का लोकार्पण किया गया था।
स्रोत (Source)
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, 17 सितंबर 2026.
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