72nd National Film Awards: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐलान, ‘आर्टिकल 370’ सर्वश्रेष्ठ फिल्म, अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, एकता नगर में होगा समारोह

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नई दिल्ली, 20 सितंबर 2026: भारतीय सिनेमा की कलात्मक और तकनीकी उत्कृष्टता के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 72nd National Film Awards (72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार) के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। वर्ष 2024 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा प्रमाणित फिल्मों के लिए दिए जा रहे इन पुरस्कारों की घोषणा तीनों चयन जूरी के अध्यक्षों द्वारा की गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की एक ऐतिहासिक नीतिगत पहल के तहत, यह पुरस्कार समारोह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाहर पहली बार गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में 22 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा, जहाँ भारत की राष्ट्रपति द्वारा विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। यह पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करती है।

इस वर्ष फीचर फिल्म श्रेणी में आदित्य सुहास जांभले द्वारा निर्देशित और जियो स्टूडियोज व बी62 स्टूडियोज द्वारा निर्मित हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ (Article 370) ने ‘सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म’ का प्रतिष्ठित स्वर्ण कमल पुरस्कार जीता है। इसी फिल्म में अपने सशक्त अभिनय के लिए यामी गौतम को ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री’ (Best Actress in a Leading Role) चुना गया है। वहीं, ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ (Best Actor in a Leading Role) का पुरस्कार संयुक्त रूप से मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी (Mammootty – फिल्म ‘भ्रमयुगम’) और बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan – फिल्म ‘चंदू चैंपियन’) को प्रदान किया गया है। तमिल फिल्म ‘अमरन’ (Amaran) के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला है।

भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान ‘दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024’ कन्नड़ एवं भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता श्री अनंत नाग (Anant Nag) को प्रदान करने की घोषणा की गई है। 300 से अधिक फिल्मों में पांच दशकों तक अभिनय करने वाले अनंत नाग को प्रतिष्ठित धारावाहिक ‘मालगुडी डेज’ और समानांतर सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए इस सम्मान से नवाजा जा रहा है। 72nd National Film Awards में पहली बार किसी संथाली फिल्म को गैर-फीचर श्रेणी में सम्मानित किया गया है, जहाँ रवि राज मुर्मू द्वारा निर्देशित ‘आंगेन’ (Angen) ने निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म का पुरस्कार जीता है।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: प्रमुख विजेता सूची (Quick Facts)फिल्म एवं भाषाविजेता / पुरस्कार प्राप्तकर्ता
सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म (Best Feature Film)आर्टिकल 370 (हिंदी)निर्माता: जियो स्टूडियोज व B62 स्टूडियोज | निर्देशक: आदित्य सुहास जांभले
सर्वश्रेष्ठ निर्देशन (Best Direction)अमरन (तमिल)राजकुमार पेरियासामी (Rajkumar Periasamy)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor – Shared)भ्रमयुगम (मलयालम) & चंदू चैंपियन (हिंदी)ममूटी (Mammootty) एवं कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (Best Actress)आर्टिकल 370 (हिंदी)यामी गौतम (Yami Gautam)
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024आजीवन योगदानश्री अनंत नाग (Anant Nag) – ₹10 लाख, स्वर्ण कमल व शॉल
सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्मभांगार (मराठी एवं अंग्रेजी)निर्माता एवं निर्देशक: सुमीरा रॉय (Sumira Roy)
सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र (Best Documentary)राम-नामी (हिंदी)निर्माता: BBP स्टूडियो वर्चुअल भारत | निर्देशक: भारतबाला गणपति
समारोह स्थल एवं तिथिएकता नगर (केवड़िया), गुजरात22 सितंबर 2026 (राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त)

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: सम्पूर्ण प्रमुख पुरस्कार विजेता सूची

72nd National Film Awards के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में घोषित प्रमुख विजेताओं का प्रामाणिक विवरण निम्नलिखित है:

  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (Best Actor in a Supporting Role): संजय मिश्रा (फिल्म: भक्षक – हिंदी)।
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री (Best Actress in a Supporting Role – संयुक्त): सचिना नमिदास (फिल्म: महाराजा – तमिल) एवं रूपाश्री वरकाडी (फिल्म: मिथ्या – कन्नड़)।
  • निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म (Best Debut Film of a Director): रणदीप हुड्डा (फिल्म: स्वातंत्र्य वीर सावरकर – हिंदी)।
  • संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म: कल्कि 2898 एडी (तेलुगु) – निर्माता: वैजयंती मूवीज; निर्देशक: नाग अश्विन सिंगीरेड्डी।
  • राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म: कैप्टन मिलर (तमिल) – निर्माता: सत्य ज्योति फिल्म्स; निर्देशक: अरुण माथेश्वरन।
  • सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म (Best Children’s Film): 35 – चिन्ना कथा काडू (तेलुगु) – निर्माता: एस ओरिजिनल्स व वाल्टेयर प्रोडक्शंस; निर्देशक: नंदा किशोर इमानी।
  • सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (Best Music Direction):
    • गीत (Songs): शाश्वत सचदेव (फिल्म: आर्टिकल 370 – हिंदी)।
    • पृष्ठभूमि संगीत (Background Music): जी. वी. प्रकाश कुमार (फिल्म: अमरन – तमिल)।
  • गैर-फीचर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक: आंगेन (संथाली भाषा) – निर्देशक: रवि राज मुर्मू (संथाली सिनेमा का ऐतिहासिक प्रथम राष्ट्रीय सम्मान)।
  • सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर निर्देशन: आनंद एल. राय (वृत्तचित्र: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी – एकता का प्रतीक – हिंदी)।
  • सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक (Best Book on Cinema): ‘नानिरुवुदे निमगागी नादिरुवुदे नानगागी’ (कन्नड़) – लेखक: केंचनुरु प्रदीप कुमार शेट्टी; प्रकाशक: मिरर पुस्तका।
  • सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक (Best Film Critic): संजीव श्रीवास्तव (हिंदी)।
  • संविधान की 8वीं अनुसूची से बाहर की मान्यता प्राप्त भाषाएं: ढोली (गढ़वाली भाषा) और आईएमबीयू / IMBU (तुलु भाषा) को विशेष भाषाई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024: श्री अनंत नाग का सिनेमाई सफर

भारतीय सिनेमा के पितामह धुंडीराज गोविंद फाल्के की स्मृति में स्थापित देश का सर्वोच्च सिनेमा सम्मान वर्ष 2024 के लिए श्री अनंत नाग को प्रदान किया गया है:

  • प्रारंभिक जीवन एवं शुरुआत: 4 सितंबर 1948 को कर्नाटक में जन्मे अनंत नाग ने 1970 के दशक की शुरुआत में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। उन्होंने कन्नड़ फीचर फिल्म ‘संकल्प’ से अभिनय की शुरुआत की, जबकि श्याम बेनेगल की कालजयी फिल्म ‘अंकुर’ से हिंदी सिनेमा में पदार्पण किया।
  • बहुभाषी योगदान: उन्होंने 6 भारतीय भाषाओं (कन्नड़, हिंदी, कोंकणी, मराठी, तेलुगु और तमिल) की 300 से अधिक फिल्मों में विविधतापूर्ण चरित्र निभाए हैं। आर.के. नारायण के उपन्यासों पर आधारित लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘मालगुडी डेज’ में उनके अभिनय को देश भर में सराहा गया।
  • सम्मान एवं उपलब्धियां: वे 5 फिल्मफेयर पुरस्कार और 5 कर्नाटक राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार जीत चुके हैं। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2025 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
  • हालिया प्राप्तकर्ता: वर्ष 2023 के लिए श्री मोहनलाल, 2022 के लिए श्री मिथुन चक्रवर्ती तथा 2021 के लिए श्रीमती वहीदा रहमान को यह सम्मान दिया गया था।

पुरस्कार संरचना, नकद राशि एवं निर्णायक मंडल (Juries)

72nd National Film Awards तीन प्रमुख खंडों और एक लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार में विभाजित हैं:

  1. फीचर फिल्म खंड (26 श्रेणियां): स्वर्ण कमल (₹3,00,000) एवं रजत कमल (₹2,00,000)। जूरी अध्यक्ष: श्री जयराज। (मूल्यांकन 57वें संस्करण से दो-स्तरीय प्रक्रिया पर आधारित है—5 क्षेत्रीय पैनल शॉर्टलिस्ट करते हैं, फिर केंद्रीय पैनल निर्णय लेता है)।
  2. गैर-फीचर फिल्म खंड (16 श्रेणियां): वृत्तचित्र, लघु फिल्में एवं एनिमेशन। स्वर्ण कमल (₹3,00,000) एवं रजत कमल (₹2,00,000)। जूरी अध्यक्ष: श्री असीम सिन्हा।
  3. सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन (2 श्रेणियां): स्वर्ण कमल (₹1,00,000)। जूरी अध्यक्ष: श्री ए. चंद्रशेखर।
  4. दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (1 श्रेणी): स्वर्ण कमल, शॉल एवं ₹10,00,000 की नकद राशि। (इसके लिए प्रख्यात सिनेमाई हस्तियों की विशेष उच्चस्तरीय समिति चयन करती है)।

पात्रता नियम: फिल्में 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2024 के मध्य सीबीएफसी (CBFC) द्वारा प्रमाणित होनी चाहिए और उनमें अंग्रेजी सबटाइटल्स अनिवार्य हैं। फीचर फिल्म की न्यूनतम अवधि 72 मिनट से अधिक होना आवश्यक है। डब या री-एडिटेड फिल्में पात्र नहीं होती हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1954 से 2026 तक की विकास यात्रा

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की स्थापना और क्रमिक विकास के प्रमुख ऐतिहासिक मील के पत्थर:

  • 1913: दादासाहेब फाल्के ने भारत की पहली पूर्ण-लंबाई वाली मूक फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ बनाई।
  • 1949: एस.के. पाटिल की अध्यक्षता वाली ‘फिल्म जांच समिति’ (Film Enquiry Committee) ने सिनेमा में कलात्मक और तकनीकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए ‘राजकीय फिल्म पुरस्कार’ (State Awards for Films) की सिफारिश की।
  • 1954 (प्रथम संस्करण): वर्ष 1953 की फिल्मों के लिए पुरस्कार शुरू हुए। आचार्य अत्रे निर्देशित मराठी फिल्म ‘श्यामची आई’ (Shyamchi Aai) ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पहला ‘राष्ट्रपति स्वर्ण पदक’ जीता। ‘महाबलीपुरम’ ने सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र का स्वर्ण पदक जीता, जबकि बिमल रॉय की ‘दो बीघा जमीन’ को मेरिट प्रमाण-पत्र मिला।
  • 1967-68: कलाकारों और तकनीशियनों के लिए व्यक्तिगत पुरस्कार शुरू हुए। अभिनेता उत्तम कुमार (फिल्म: एंथनी फिरंगी/चिड़ियाखाना) को पहला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (‘भारत’ पुरस्कार) और अभिनेत्री नरगिस (फिल्म: रात और दिन) को पहली सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (‘उर्वशी’ पुरस्कार) से सम्मानित किया गया।
  • 1969: दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत हुई; अभिनेत्री देविका रानी इसकी प्रथम प्राप्तकर्ता बनीं।
  • 1973: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन ‘फिल्म समारोह निदेशालय’ (DFF) ने पुरस्कारों का प्रशासन संभाला।
  • 2022: एक बड़े सुधार के तहत फिल्म समारोह निदेशालय (DFF), फिल्म प्रभाग (Films Division), राष्ट्रीय बाल फिल्म सोसायटी (CFSI) और राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (NFAI) का विलय कर राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) को वर्तमान क्रियान्वयन निकाय बनाया गया।
  • 2026: 72वें पुरस्कारों के साथ सेरेमनी को दिल्ली से बाहर ‘एकता नगर’ (गुजरात) ले जाने की नई परंपरा शुरू हुई।

भारतीय सिनेमा: अर्थव्यवस्था, पहचान और सॉफ्ट पावर

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आधिकारिक विश्लेषण के अनुसार, भारतीय सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं बल्कि देश की ‘सॉफ्ट पावर’ (Soft Power) और विशाल अर्थव्यवस्था का आधार है। भारत का मीडिया एवं मनोरंजन (M&E) उद्योग वर्तमान में विश्व का 5वां सबसे बड़ा बाजार है, जिसे 20 से 25 लाख डिजिटल क्रिएटर्स का संबल प्राप्त है। इसके साथ ही, भारत एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और गेमिंग सेवाओं में वैश्विक स्तर पर 40 से 60 प्रतिशत लागत लाभ (Cost Advantage) प्रदान करता है, जिससे देश वैश्विक पोस्ट-प्रोडक्शन हब बन रहा है।


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CGPSC/UPSC Static Facts: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, NFDC एवं रामनामी वृत्तचित्र (100% प्रामाणिक तथ्य)

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC GS-1 कला एवं संस्कृति तथा CGPSC Paper-6 लोक कला व संस्कृति) के लिए मानक तथ्य:

  • राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC – National Film Development Corporation):
    • स्थापना: वर्ष 1975 में स्थापित, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्यरत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSE)। मुख्यालय: मुंबई।
    • एकीकरण (2022): भारतीय सिनेमा के 4 प्रमुख फिल्म निकायों का NFDC में विलय कर इसे भारत में फिल्म निर्माण, अभिलेखागार, फिल्म महोत्सवों (IFFI) और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन की एकल नोडल संस्था बनाया गया।
  • दादासाहेब फाल्के (Dhundiraj Govind Phalke – 1870-1944):
    • ‘भारतीय सिनेमा के पितामह’ कहे जाने वाले फाल्के ने 3 मई 1913 को कोरोनेशन सिनेमा (मुंबई) में ‘राजा हरिश्चंद्र’ का प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपने जीवनकाल में 94 फीचर फिल्में और 27 लघु फिल्में बनाईं।
  • छत्तीसगढ़ का रामनामी संप्रदाय (Best Documentary ‘Ram-Nami’ संदर्भ):
    • 72वें राष्ट्रीय पुरस्कारों में भारतबाला गणपति द्वारा निर्देशित वृत्तचित्र ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री चुना गया है।
    • सांस्कृतिक इतिहास: 19वीं सदी के उत्तरार्ध (लगभग 1890) में छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा/बिलासपुर अंचल के परसराम द्वारा स्थापित एक क्रांतिकारी भक्ति आंदोलन। उच्च जातियों द्वारा मंदिरों में प्रवेश न दिए जाने के विरोध में इस समुदाय के लोग अपने पूरे शरीर, वस्त्रों और घरों पर ‘राम’ नाम का गोदना (Tattoo) गुदवाते हैं और मोरपंख का मुकुट धारण करते हैं। यह छत्तीसगढ़ की अद्वितीय अहिंसक सामाजिक समरसता परंपरा है।
  • संविधान की 8वीं अनुसूची एवं भाषाएं:
    • संविधान के अनुच्छेद 344(1) और 351 के तहत वर्तमान में 8वीं अनुसूची में 22 आधिकारिक भाषाएं शामिल हैं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में 8वीं अनुसूची की सभी भाषाओं के साथ-साथ गैर-अनुसूचित भाषाओं (जैसे तुलु, गढ़वाली, संथाली, खासी आदि) को भी अलग से राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया जाता है।

विश्लेषण: सिनेमाई संघवाद, क्षेत्रीय पहचान और भारत की सॉफ्ट पावर

(UPSC Mains Analysis – Art & Culture, Soft Power Diplomacy & Federal Culture)

1. ‘सिनेमाई संघवाद’ (Cinematic Federalism) और दिल्ली-केंद्रित परिदृश्य का टूटना: विगत सात दशकों से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार केवल नई दिल्ली के विज्ञान भवन तक सीमित रहे थे। 72nd National Film Awards का आयोजन गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की छांव) में आयोजित करना और भविष्य में इसे विभिन्न राज्यों में ले जाने का निर्णय भारत के सांस्कृतिक संघवाद को मजबूत करता है। यह कदम इस बात को स्थापित करता है कि राष्ट्रीय पुरस्कार पूरे देश के हैं, केवल लुटियंस दिल्ली के नहीं। संथाली भाषा की फिल्म ‘आंगेन’ और तुलु भाषा की ‘IMBU’ को राष्ट्रीय सम्मान मिलना भारतीय सिनेमा के भाषाई लोकतंत्रीकरण का प्रतीक है।

2. वैश्विक भू-राजनीति में ‘सॉफ्ट पावर’ (Soft Power) के रूप में भारतीय सिनेमा: हॉलीवुड के बाद विश्व में सबसे अधिक फिल्में बनाने वाला देश होने के बावजूद भारतीय सिनेमा का वैश्विक निर्यात मूल्य उसके आकार के अनुरूप नहीं रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा वीएफएक्स (VFX), एनिमेशन और गेमिंग में 40-60% लागत लाभ को बढ़ावा देना और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी माइथोलॉजिकल-साइंस फिक्शन तथा ‘आर्टिकल 370’ जैसी भू-राजनीतिक फिल्मों को राष्ट्रीय मंच पर पुरस्कृत करना यह दर्शाता है कि भारत अब स्थानीय कहानियों को वैश्विक विजुअल इफेक्ट्स मानकों पर ले जाकर दुनिया भर में अपनी सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) को धार दे रहा है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. 72nd National Film Awards में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार किस फिल्म ने जीता?

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आदित्य सुहास जांभले द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ (Article 370) को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के स्वर्ण कमल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

Q2. वर्ष 2024 के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से किसे सम्मानित किया गया है?

भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान ‘दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024’ से कन्नड़ और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता श्री अनंत नाग (Anant Nag) को सम्मानित किया गया है।

Q3. 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन कहाँ किया जा रहा है?

यह पुरस्कार समारोह 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित किया जा रहा है, जहाँ भारत की राष्ट्रपति द्वारा विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

स्रोत (Source)

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB Delhi), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, 20 सितंबर 2026.

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