रायपुर, 19 सितम्बर 2026: छत्तीसगढ़ के छोटे और मध्यम शहरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और अत्याधुनिक नागरिक सुविधाओं से संपन्न बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र व राज्य प्रवर्तित ‘मिशन अमृत 2.0’ (Mission AMRUT 2.0 Chhattisgarh) के अंतर्गत प्रदेश की तीन प्रमुख नगर पालिकाओं—अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में आधुनिक सर्वसुविधायुक्त उद्यानों (Urban Parks) के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के निर्देशन में स्वीकृत इन तीनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन तीनों उद्यानों में पर्यावरण संवर्धन के लिए कुल 8,732 पौधे रोपे जाएंगे। निर्माण के बाद उद्यानों के दीर्घकालिक रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए शासन ने विशेष नीति बनाई है, जिसके तहत निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत आगामी पांच वर्षों तक संचालन एवं संधारण (O&M) की जिम्मेदारी संबंधित चयनित निर्माण एजेंसी की होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण में अधोसंरचना के साथ-साथ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। ये नए उद्यान केवल साधारण हरित क्षेत्र नहीं होंगे, बल्कि यहाँ बच्चों के लिए प्ले-एरिया, युवाओं व वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण पाथवे, गज़ेबो, सोलर लाइटिंग और वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) जैसी बहुआयामी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और तय समय-सीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
| मिशन अमृत 2.0 आधुनिक उद्यान: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Mission AMRUT 2.0 Chhattisgarh (हरित स्थल विकास घटक) |
| कुल स्वीकृत राशि | ₹7 करोड़ 29 लाख 24 हजार (प्रशासकीय स्वीकृति) |
| लक्षित नगर पालिकाएं | अहिवारा (दुर्ग), मुंगेली एवं कांकेर |
| कुल रोपे जाने वाले पौधे | 8,732 पौधे (व्यापक हरित आवरण) |
| निर्माण एवं संधारण अवधि | निर्माण: 1 वर्ष | संचालन एवं संधारण: आगामी 5 वर्ष (एजेंसी द्वारा) |
| प्रमुख नागरिक सुविधाएं | ओपन जिम, प्ले-एरिया, पाथवे, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो |
| पर्यावरण संरक्षण तकनीक | वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting System) |
शहरवार परियोजना का विवरण: क्षेत्रफल, बजट और पौधारोपण
Mission AMRUT 2.0 Chhattisgarh के अंतर्गत स्वीकृत तीनों पार्कों को स्थानीय आवश्यकताओं और भूमि उपलब्धता के अनुसार रणनीतिक रूप से डिजाइन किया गया है:
1. मुंगेली नगर पालिका: 3.08 एकड़ में सबसे बड़ा हरित परिसर (₹3.52 करोड़)
- स्थान एवं क्षेत्रफल: मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में इस उद्यान का निर्माण होगा। यह तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा परिसर है।
- लागत व पौधारोपण: इसके निर्माण हेतु ₹3 करोड़ 52 लाख 32 हजार स्वीकृत किए गए हैं तथा यहाँ सर्वाधिक 4,453 पौधे लगाए जाएंगे।
- सुविधाएं: बच्चों के खेल उपकरण, ओपन जिम, पैदल पाथवे, गज़ेबो, टॉयलेट ब्लॉक, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और भूजल संवर्धन हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार होगा।
2. अहिवारा नगर पालिका: शीतला मंदिर क्षेत्र में आधुनिक पार्क (₹2.07 करोड़)
- स्थान एवं क्षेत्रफल: अहिवारा नगर पालिका (जिला दुर्ग) के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित होगा।
- लागत व पौधारोपण: इसके लिए ₹2 करोड़ 7 लाख 48 हजार की स्वीकृति दी गई है और परिसर में 2,115 पौधे रोपे जाएंगे।
- सुविधाएं: सोलर लाइट, ओपन जिम, बच्चों का खेल क्षेत्र, विश्राम स्थल, पाथवे, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और वर्षा जल संचयन प्रणाली।
3. कांकेर नगर पालिका: श्रीराम नगर में हरित स्थल (₹1.69 करोड़)
- स्थान एवं क्षेत्रफल: कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर पार्क बनेगा।
- लागत व पौधारोपण: इसके निर्माण हेतु ₹1 करोड़ 69 लाख 44 हजार की प्रशासकीय मंजूरी दी गई है और यहाँ 2,164 पौधे लगाए जाएंगे।
- सुविधाएं: स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए ओपन जिम, बच्चों के प्ले-इक्वीपमेंट, पाथवे, सोलर लाइटिंग, टॉयलेट, गज़ेबो और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव और प्रमुख सचिव का प्रशासनिक दृष्टिकोण
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि निर्माण कार्य केवल ढांचा खड़ा करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लंबे समय तक बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से निर्माण के बाद 5 वर्षों तक चयनित एजेंसी द्वारा संचालन एवं संधारण की अनिवार्य शर्त जोड़ी गई है, ताकि जनता के टैक्स के पैसे से बनी सुविधाएं वर्षों तक सुरक्षित रहें।
विभागीय प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि मिशन अमृत 2.0 का लक्ष्य शहरों में ‘हरित अधोसंरचना’ (Green Infrastructure) को मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता मानकों, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं ताकि नागरिकों को जल्द इसका लाभ मिले।
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CGPSC Static Facts: अमृत 2.0 मिशन, नगर पालिका अधिनियम एवं तीनों शहरों का भूगोल
प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC राज्य सेवा परीक्षा Paper-5 भारत व छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था तथा Paper-2 नगरीय प्रशासन) के दृष्टिकोण से मानक तथ्य:
- मिशन अमृत 2.0 (AMRUT 2.0 – Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation):
- शुरुआत: 1 अक्टूबर 2021 को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा 5 वर्षों की अवधि (2025-26/2026 तक) के लिए प्रारंभ।
- उद्देश्य: देश के सभी 4,700 से अधिक वैधानिक नगरों में 100% नल-जल कनेक्शन (सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी), जल निकायों का कायाकल्प और शहरों में ‘ओपन स्पेसेस/ग्रीन पार्क्स’ का विकास कर नगरीय जीवन स्तर सुधारना।
- छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961:
- राज्य में नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के गठन, शक्तियों और प्रशासनिक कार्यों का मूल वैधानिक आधार। सार्वजनिक उद्यानों का निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता नगर पालिकाओं के अनिवार्य कर्त्तव्यों (Obligatory Duties) में शामिल है।
- शामिल तीनों नगर पालिकाओं का जिला एवं भौगोलिक संदर्भ:
- अहिवारा (जिला दुर्ग): भिलाई-दुर्ग औद्योगिक संकुल के समीप स्थित प्रमुख नगरीय निकाय।
- मुंगेली: 1 जनवरी 2012 को बिलासपुर से पृथक कर जिला बनाया गया। यह आगर नदी के तट पर बसा है। समीप ही अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) स्थित है।
- कांकेर (उत्तर बस्तर कांकेर): बस्तर का प्रवेश द्वार, जो दूध नदी के तट पर स्थित है। यहाँ का गढ़िया पहाड़ और ऐतिहासिक राजमहल विख्यात हैं।
विश्लेषण: अर्बन हीट आइलैंड (UHI) प्रभाव का शमन और 5-वर्षीय संधारण मॉडल
(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Urban Ecology, Sustainable Cities & Municipal Governance)
1. कंक्रीट के फैलाव के बीच ‘अर्बन हीट आइलैंड’ (UHI) का नियंत्रण: टियर-2 और टियर-3 नगरों में भी अनियंत्रित निर्माण कार्यों के कारण डामर और कंक्रीट का जाल फैल रहा है, जिससे गर्मियों में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक दर्ज होता है। Mission AMRUT 2 0 Chhattisgarh के तहत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में 8,732 पौधों से सजे इन आधुनिक पार्कों का निर्माण ‘हरित फेफड़े’ (Urban Green Lungs) की तरह काम करेगा। यह कार्बन अवशोषण के साथ-साथ भूजल स्तर को रिचार्ज करने में सहायता करेगा।
2. ‘निर्माण और परित्याग’ (Build and Abandon) संस्कृति का अंत: भारतीय नगर निकायों में सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलता यह देखी गई है कि लाखों-करोड़ों की लागत से पार्क बना दिए जाते हैं, लेकिन 6 महीने बाद बजट और सफाई कर्मियों की कमी के चलते वे बदहाल हो जाते हैं। इस परियोजना में “5 वर्षों तक निर्माण एजेंसी द्वारा संचालन एवं संधारण” की अनिवार्य शर्त एक दूरगामी नीतिगत सुधार है। यह ठेकेदार को निर्माण के समय ही उच्च गुणवत्ता की सामग्री (टिकाऊ ओपन जिम, मजबूत सोलर लाइट, गुणवत्तापूर्ण पाथवे) उपयोग करने के लिए बाध्य करता है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति की दीर्घायु सुनिश्चित होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Mission AMRUT 2 0 Chhattisgarh के तहत किन तीन शहरों में पार्क निर्माण को मंजूरी मिली है?
मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत अहिवारा (दुर्ग), मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक पार्क निर्माण हेतु कुल ₹7.29 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
Q2. तीनों पार्कों में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा पार्क कहाँ और कितनी लागत से बनेगा?
मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा (महाराणा प्रताप वार्ड) में ₹3.52 करोड़ की लागत से 3.08 एकड़ में सबसे बड़ा पार्क बनेगा, जहाँ 4,453 पौधे रोपे जाएंगे।
Q3. इन उद्यानों के निर्माण और रख-रखाव की समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है?
उद्यानों का निर्माण 1 वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य है तथा निर्माण के बाद 5 वर्षों तक इनके नियमित संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी की होगी।
स्रोत (Source)
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, 19 सितम्बर 2026.
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