SEMICON India 2026: वैश्विक चिप महाकुंभ का यशोभूमि में आगाज, PM नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को करेंगे उद्घाटन, जुटेंगे 52 देशों के दिग्गज

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रायपुर, 17 सितंबर 2026: भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) का प्रमुख केंद्र बनाने के विजन को गति देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2026 को सुबह लगभग 10:00 बजे नई दिल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र ‘यशोभूमि’ (Yashobhoomi) में SEMICON India 2026 का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री देश-विदेश से जुटे उद्योगपतियों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और वैज्ञानिकों को भी संबोधित करेंगे।

यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं मेगा प्रदर्शनी 17 से 19 सितंबर 2026 तक ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ (Silicon to Systems: Building the Ecosystem) की केंद्रीय थीम पर आयोजित की जा रही है। यह वैश्विक मंच सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य-श्रृंखला (Value Chain) से जुड़ी वैश्विक और भारतीय कंपनियों, निवेशकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और होनहार छात्रों को एक छत के नीचे लाएगा। सम्मेलन का प्राथमिक फोकस भारत में तकनीकी सहयोग, बहुराष्ट्रीय निवेश, अनुसंधान-नवाचार और प्रतिभा विकास (Talent Development) को तेज करना है।

इस वर्ष SEMICON India 2026 में दुनिया भर की 600 से अधिक अग्रणी कंपनियां भाग ले रही हैं। तीन दिनों के दौरान लगभग 50,000 आगंतुकों के आने की उम्मीद है, जिसमें 52 देशों के आधिकारिक प्रतिनिधि, 400 से अधिक वैश्विक तकनीकी अधिकारी (Global Executives) और 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय वक्ता शामिल होंगे। इस प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण छह प्रमुख तकनीकी देशों—जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के विशिष्ट ‘कंट्री पवेलियन’ (Country Pavilions) होंगे।

सेमीकॉन इंडिया 2026: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
सम्मेलन का नामSEMICON India 2026
उद्घाटन तिथि एवं समय17 सितंबर 2026, प्रातः 10:00 बजे
आयोजन अवधि17 से 19 सितंबर 2026 (तीन दिवसीय)
आयोजन स्थलयशोभूमि (IICC), द्वारका, नई दिल्ली
केंद्रीय थीम‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’
उद्घाटनकर्ताश्री नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री, भारत)
प्रतिभागी आंकड़े600+ कंपनियां, 52 देश, 400+ अधिकारी, 150+ वक्ता, ~50,000 आगंतुक
6 कंट्री पवेलियनजापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन

‘सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स’: मूल्य-श्रृंखला का संपूर्ण अनुभव

SEMICON India 2026 में सेमीकंडक्टर निर्माण के हर चरण को प्रदर्शित करने के लिए एक समग्र मूल्य-श्रृंखला दृष्टिकोण अपनाया गया है:

  • विशिष्ट अनुभव क्षेत्र: इस बार नया ‘सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ (Sand to Silicon to Systems) वैल्यू चेन एक्सपीरियंस प्रस्तुत किया जाएगा, जो कच्चे माल (रेत/सिलिका), सेमीकंडक्टर सामग्री, निर्माण उपकरण (Equipment) और चिप डिजाइन से लेकर फैब्रिकेशन (Fab), एडवांस्ड पैकेजिंग (ATMP/OSAT), इलेक्ट्रॉनिक्स और संपूर्ण सिस्टम निर्माण तक की यात्रा को जीवंत रूप में दिखाएगा।
  • डिस्प्ले उद्योग और संयुक्त उद्यम: समानांतर सत्रों में उभरते डिस्प्ले उद्योग (Display Industry) में प्रगति और संयुक्त उपक्रमों (Joint Ventures) को सुविधाजनक बनाने के लिए 6 देशों की विशेष राउंडटेबल बैठकें आयोजित की जाएंगी।
  • महिला नेतृत्व: सम्मेलन में तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला नेतृत्व पर एक विशेष फोरम (Forum on Women’s Leadership) का आयोजन होगा।

12 राज्यों के स्टॉल, स्टार्टअप पवेलियन और स्टूडेंट हैकथॉन

प्रदर्शनी क्षेत्र को भारत के घरेलू सामर्थ्य और युवाओं की प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए रणनीतिक रूप से डिजाइन किया गया है:

  • 12 राज्यों के बूथ: भारत के 12 राज्य अपने यहाँ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए दी जा रही नीतियों, सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रदर्शन करेंगे।
  • नवाचार और प्रतिभा विकास: इसमें एक स्टार्टअप पवेलियन, इनोवेशन शोकेस, वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन और तकनीकी छात्रों के लिए ‘स्टूडेंट हैकथॉन’ शामिल हैं, ताकि उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल (Workforce) तैयार किया जा सके।

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UPSC Static Facts: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) एवं तकनीकी संप्रभुता (100% प्रामाणिक तथ्य)

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC GS-3 अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा GS-2 भू-राजनीति) के दृष्टिकोण से अनिवार्य मानक तथ्य:

  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM – India Semiconductor Mission):
    • शुरुआत: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा वर्ष 2021 में ₹76,000 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ प्रारंभ।
    • उद्देश्य: देश में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab), डिस्प्ले फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड पैकेजिंग (ATMP/OSAT) इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय प्रोत्साहन (राजकोषीय सहायता) प्रदान करना।
  • सेमीकंडक्टर मूल्य-श्रृंखला के मुख्य चरण:
    1. डिजाइनिंग (Design): सर्किट का खाका तैयार करना (भारत के पास विश्व के चिप डिजाइन इंजीनियरों का लगभग 20% हिस्सा है)। डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना इसी हेतु है।
    2. फैब्रिकेशन (Foundry/Fab): सिलिकॉन वेफर पर माइक्रोस्कोपिक सर्किट प्रिंट करना (अत्यधिक पूंजी और स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता)।
    3. ATMP / OSAT: असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग—वेफर को काटकर उपयोग योग्य चिप में बदलना।
  • चिप कूटनीति (Chip Diplomacy):
    • क्वाड सेमीकंडक्टर इनिशिएटिव: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को लचीला और सुरक्षित बनाने का समझौता।
    • नीदरलैंड का महत्व: नीदरलैंड्स की कंपनी ASML दुनिया की एकमात्र कंपनी है जो सबसे उन्नत Extreme Ultraviolet (EUV) लिथोग्राफी मशीनें बनाती है, जो अत्याधुनिक चिप्स बनाने के लिए अपरिहार्य हैं।

विश्लेषण: चिप आत्मनिर्भरता, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा और भू-राजनीतिक संतुलन

(UPSC Mains Analysis – Science & Tech, Industrial Policy & Geopolitics)

1. पूर्वी एशिया के एकाधिकार से मुक्ति और आर्थिक संप्रभुता: वर्तमान में विश्व की 70% से अधिक उन्नत चिप्स का निर्माण अकेले ताइवान (विशेषकर TSMC द्वारा) में केंद्रित है। ताइवान जलडमरूमध्य में भू-राजनीतिक तनाव या कोविड जैसी महामारियों के समय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला ठप हो जाती है, जिससे ऑटोमोबाइल से लेकर स्मार्टफोन तक के उद्योग रुक जाते हैं। SEMICON India 2026 के जरिए भारत केवल असेंबली हब नहीं, बल्कि ‘सैंड टू सिस्टम्स’ (कच्चे माल से लेकर तैयार उपकरण तक) का संपूर्ण घरेलू इकोसिस्टम बनाकर रणनीतिक सुरक्षा हासिल करना चाहता है।

2. वैश्विक साझेदारियां और कार्यबल लाभांश (Workforce Advantage): जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड और स्वीडन जैसे देशों की सीधी भागीदारी यह सिद्ध करती है कि पश्चिमी और एशियाई चिप महाशक्तियां भारत को ‘चीन+1’ (China+1) रणनीति के तहत सबसे विश्वसनीय विकल्प मान रही हैं। भारत के पास विश्वस्तरीय चिप डिजाइन टैलेंट तो पहले से था; अब वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन और स्टूडेंट हैकथॉन के जरिए लाखों डिप्लोमा और इंजीनियरिंग छात्रों को फैब-ऑपरेशन के लिए तैयार करना भारत को अगले दशक में दुनिया की ‘चिप फैक्ट्री’ में बदल सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. SEMICON India 2026 का आयोजन कब, कहाँ और किस थीम पर किया जा रहा है?

SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक यशोभूमि (नई दिल्ली) में ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ थीम पर किया जा रहा है। इसका उद्घाटन 17 सितंबर को PM मोदी करेंगे।

Q2. इस सम्मेलन में किन 6 देशों के विशिष्ट कंट्री पवेलियन (Country Pavilions) शामिल हैं?

सम्मेलन में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के 6 समर्पित कंट्री पवेलियन प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

Q3. इस आयोजन में ‘सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ का क्या आशय है?

यह सेमीकंडक्टर निर्माण की संपूर्ण मूल्य-श्रृंखला है, जो कच्चे सिलिका/रेत से लेकर चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स तक की पूरी यात्रा को प्रदर्शित करती है।

स्रोत (Source)

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB Delhi), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार, 16 सितंबर 2026.

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