Glaw Lake Ramsar Site 101 India: अरुणाचल प्रदेश की ‘ग्लाव झील’ बनी भारत का 101वां रामसर स्थल; राज्य को मिला पहला रामसर टैग, देश के आर्द्रभूमि संरक्षण अभियान को मिली ऐतिहासिक सफलता

Glaw Lake Ramsar Site 101 India Glaw Lake Ramsar Site 101 India

Published on 03 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


भारत के पर्यावरण और जैव-विविधता संरक्षण के इतिहास में आज एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज 3 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील (Glaw Lake) को देश के नए रामसर स्थल के रूप में नामांकित किए जाने के बाद Glaw Lake Ramsar Site 101 India के तहत एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। यह घोषणा न केवल अरुणाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है क्योंकि यह राज्य का पहला रामसर स्थल (Ramsar Site) है, बल्कि इसके साथ ही भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 101 हो गई है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए इसे भारत की जल सुरक्षा, जलवायु लचीलापन (Climate Security) और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण की दिशा में एक बहुत बड़ा और प्रभावी कदम बताया। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण मानकों के अनुरूप किए जा रहे सतत विकास के प्रयासों को प्रमाणित करती है।

महत्वपूर्ण संकेतकGlaw Lake Ramsar Site 101 India के प्रमुख तथ्य व कड़े आंकड़े
रामसर स्थल का नामग्लाव झील (Glaw Lake / ग्लो लेक)
भौगोलिक अवस्थिति (राज्य)अरुणाचल प्रदेश (राज्य का पहला रामसर स्थल)
संबंधित राष्ट्रीय पार्क/अभ्यारण्यकमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्य (Kamlang Tiger Reserve)
राष्ट्रीय स्तर पर क्रम (Tally)भारत का 101वां रामसर स्थल (Ramsar Site)
भारत का रामसर नेटवर्क विकासवर्ष 2014 में 26 रामसर स्थलों से बढ़कर वर्ष 2026 में 101 होना
पारिस्थितिकीय क्षेत्र (Eco-region)पूर्वी हिमालय जैव-विविधता हॉटस्पॉट (Eastern Himalayas Hotspot)
वनस्पति विविधता (Flora)150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 विशिष्ट आर्किड (Orchid) प्रजातियां
जल का प्रकारअति-स्वच्छ मीठे पानी की पर्वतीय झील (Pristine Freshwater Lake)

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Table of Contents

Glaw Lake Ramsar Site 101 India: पारिस्थितिक तंत्र और समृद्ध जैव विविधता

ग्लाव झील केवल एक सुंदर जलाशय नहीं है, बल्कि यह पूर्वी हिमालय की गोद में बसा एक अत्यंत संवेदनशील और अनूठा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) है। कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्य के भीतर स्थित इस वेटलैंड को Glaw Lake Ramsar Site 101 India का दर्जा दिया जाना यहाँ के पर्यावरण को अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण प्रदान करेगा:

  • स्वच्छ पर्वतीय जल स्रोत: यह झील बारहमासी पर्वतीय झरनों और धाराओं (Perennial mountain streams) द्वारा पोषित होती है, जिसके कारण इसका पानी अत्यधिक स्वच्छ और पारदर्शी बना रहता है।
  • वृक्षों की समृद्ध प्रजातियां: ग्लाव झील और इसके जलग्रहण क्षेत्र (Catchment area) में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियों को रिकॉर्ड किया गया है, जो इस क्षेत्र की सघन वनस्पति और वर्षावन संरचना की पुष्टि करते हैं।
  • आर्किड का स्वर्ग (Orchid Diversity): इस आर्द्रभूमि और इसके आस-पास के क्षेत्रों में 49 दुर्लभ आर्किड प्रजातियों की पहचान की गई है, जो इसे वनस्पति शास्त्रियों और शोधकर्ताओं के लिए एक जीवित प्रयोगशाला बनाते हैं।

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Glaw Lake Ramsar Site 101 India: रामसर संधि और भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव

भारत ने पिछले एक दशक में अपने रामसर नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार किया है। यह विस्तार देश के पर्यावरण संरक्षण के प्रति कड़े नीतिगत सुधारों को दर्शाता है:

  • 26 से 101 का ऐतिहासिक सफर: वर्ष 2014 तक भारत में केवल 26 रामसर स्थल थे। पिछले 12 वर्षों में भारत ने अपने संरक्षण प्रयासों को तीव्र करते हुए 75 नए रामसर स्थलों को जोड़ा है, जिससे अब देश में इनकी संख्या 101 हो गई है। यह यात्रा दर्शाती है कि भारत वैश्विक जलवायु संकट के समय में केवल वादे नहीं, बल्कि व्यावहारिक धरातल पर कड़े कदम उठा रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय महत्व: रामसर सूची में शामिल होने से ग्लाव झील को अब वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे इसके संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, अनुसंधान कोष और टिकाऊ पर्यटन (Ecotourism) को बढ़ावा मिलेगा।

UPSC Prelims Fact Box: Ramsar Convention & Kamlang Tiger Reserve

  • रामसर कन्वेंशन (Ramsar Convention): आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए हस्ताक्षरित यह एक अंतर-सरकारी पर्यावरण संधि है, जिसे 2 फरवरी 1971 को ईरानी शहर रामसर में अपनाया गया था। यह संधि वर्ष 1975 में लागू हुई थी। प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी को ‘विश्व आर्द्रभूमि दिवस’ (World Wetlands Day) मनाया जाता है।
  • कमलांग टाइगर रिजर्व (Kamlang Tiger Reserve): अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में स्थित यह भारत का 50वां टाइगर रिजर्व है। इसका नाम ‘कमलांग नदी’ के नाम पर रखा गया है, जो इसके मध्य से बहती है। यह उत्तर-पूर्व में ‘मिशमी पहाड़ियों’ का हिस्सा है और यहाँ हिमनद झीलें (जैसे ग्लो लेक) पाई जाती हैं।
  • आर्द्रभूमियों की भूमिका: आर्द्रभूमियों को ‘लैंडस्केप के गुर्दे’ (Kidneys of the Landscape) के रूप में जाना जाता है क्योंकि ये पानी को शुद्ध करती हैं, बाढ़ को नियंत्रित करती हैं, और कार्बन सिंक (Carbon Sink) के रूप में कार्य कर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को न्यूनतम करती हैं।

UPSC & State PCS Mains Analysis: हिमालयी आर्द्रभूमि का रणनीतिक और सतत विकास मॉडल

मुख्य परीक्षा और पर्यावरण भूगोल के दृष्टिकोण से Glaw Lake Ramsar Site 101 India का रणनीतिक महत्व केवल एक राज्य के नए पर्यावरण टैग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वी हिमालयी पर्यावरण के सीमा-पार जल विज्ञान और पारिस्थितिक सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है।

पूर्वी हिमालय को दुनिया के सबसे संवेदनशील इको-सिस्टम और वैश्विक जैव-विविधता हॉटस्पॉट के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस पर्वतीय क्षेत्र में स्थित ग्लाव झील जैसी हिमनद और बारहमासी मीठे पानी की झीलें निचले इलाकों में जल प्रवाह को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रहे तापमान और अनिश्चित मानसून के इस दौर में, इन झीलों का संरक्षण करना देश की दीर्घकालिक जल सुरक्षा (Water Security) के लिए कड़ा विनियामक कदम है।

इसके अतिरिक्त, इस संवेदनशील क्षेत्र का रामसर के रूप में नामांकन स्थानीय ‘मिशमी’ जनजातीय समुदाय के सतत आजीविका मॉडल के साथ संरक्षण के हितों को एकीकृत करता है। स्थानीय समुदायों को शामिल किए बिना किसी भी वन्यजीव अभ्यारण्य या आर्द्रभूमि का संरक्षण लंबे समय तक सफल नहीं हो सकता। रामसर का यह ‘वाइज यूज़’ (Wise Use) दृष्टिकोण स्थानीय जनजातियों को समुदाय-आधारित पर्यावरण पर्यटन (Community Ecotourism) के माध्यम से स्थायी रोजगार देगा, जिससे न केवल वनों पर उनकी निर्भरता कम होगी बल्कि ‘न्यूनतम सरकार-अधिकतम जनसहयोग’ का पर्यावरण कूटनीतिक लक्ष्य धरातल पर साकार होगा।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्यावरण घोषणा पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में घोषित किए गए Glaw Lake Ramsar Site 101 India का संबंध किस राज्य से है और यह भारत का कौन-सा क्रम का रामसर स्थल बना है?

(A) सिक्किम, 100वां रामसर स्थल
(B) अरुणाचल प्रदेश, 101वां रामसर स्थल
(C) असम, 101वां रामसर स्थल
(D) अरुणाचल प्रदेश, 75वां रामसर स्थल

उत्तर: (B) अरुणाचल प्रदेश, 101वां रामसर स्थल
व्याख्या: केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 3 अगस्त 2026 को घोषित ग्लाव झील (Glaw Lake) अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर आर्द्रभूमि है और इसके साथ ही भारत में कुल रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है।

प्रश्न 2: अरुणाचल प्रदेश में स्थित ‘कमलांग टाइगर रिजर्व’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह भारत का 50वां टाइगर रिजर्व है, जो राज्य के लोहित जिले में स्थित है।
2. प्रसिद्ध मीठे पानी की ग्लाव झील इसी टाइगर रिजर्व के भौगोलिक क्षेत्र के भीतर स्थित है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों
व्याख्या: दोनों कथन सत्य हैं। कमलांग टाइगर रिजर्व अरुणाचल प्रदेश में स्थित है, और हाल ही में घोषित की गई राज्य की पहली रामसर आर्द्रभूमि ‘ग्लाव झील’ इसी टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्य के अंतर्गत आती है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. Glaw Lake Ramsar Site 101 India क्या है और यह क्यों चर्चा में है?

ग्लाव झील (Glaw Lake) अरुणाचल प्रदेश की एक अति-स्वच्छ मीठे पानी की पर्वतीय झील है। 3 अगस्त 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा इसे भारत का 101वां और अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल (Ramsar Site) घोषित किया गया है, जो देश के पर्यावरण इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है।

Q2. ग्लाव झील किस वन्यजीव अभ्यारण्य या राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत स्थित है और इसकी क्या विशेषताएं हैं?

ग्लाव झील अरुणाचल प्रदेश के ‘कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्य’ के भीतर स्थित है। यह पूर्वी हिमालय के जैव-विविधता हॉटस्पॉट का हिस्सा है। यहाँ 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 दुर्लभ आर्किड (Orchid) प्रजातियां पाई जाती हैं।

Q3. वर्ष 2014 से लेकर 2026 तक भारत के रामसर स्थलों की संख्या में कितना बदलाव आया है?

वर्ष 2014 तक भारत में केवल 26 रामसर स्थल नामांकित थे। पिछले 12 वर्षों में किए गए कड़े पर्यावरणीय सुधारों के परिणामस्वरूप, भारत में रामसर स्थलों का तेजी से विस्तार हुआ है और ग्लाव झील के नामांकन के बाद देश में इनकी कुल संख्या अब 101 हो गई है।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • ऐतिहासिक सेंचुरी के पार: Glaw Lake Ramsar Site 101 India के सफल नामांकन से भारत के रामसर स्थलों की संख्या 101 तक पहुँच गई है, जो देश की वैश्विक पर्यावरण कूटनीति के मजबूत नेतृत्व को दर्शाती है।
  • अरुणाचल को मिला पहला रामसर टैग: ग्लाव झील को रामसर का दर्जा मिलने से अरुणाचल प्रदेश के वनांचल क्षेत्रों में सामुदायिक पर्यावरण-पर्यटन और वैज्ञानिक संरक्षण अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी।
  • कमलांग टाइगर रिजर्व की वैश्विक पहचान: कमलांग टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित इस वेटलैंड की सुरक्षा से पूर्वी हिमालय के पारिस्थितिकी तंत्र, बारहमासी जल प्रवाहों और दुर्लभ आर्किड वनस्पतियों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कवच प्राप्त होगा।

UPSC Relevance (यूपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-3 (पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता, आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र, जलवायु सुरक्षा) और सामान्य अध्ययन पेपर-1 (भौतिक भूगोल—नदियां एवं झीलें, पूर्वी हिमालयी क्षेत्र) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक मुद्दा है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), और पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi) द्वारा 3 अगस्त 2026 को जारी की गई आधिकारिक राष्ट्रीय रामसर घोषणा विवरणी पर आधारित है।

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