CG State AI Mission 2026: साय कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला; ₹500 करोड़ के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी, भिट्ठी और भारी उद्योगों के लिए BEML संयंत्र और ADB से ₹15 करोड़ का पूर्ण अनुदान स्वीकृत

CG State AI Mission 2026 Cabinet Decisions CG State AI Mission 2026 Cabinet Decisions

Published on 05 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


छत्तीसगढ़ को देश के डिजिटल सुशासन, वित्तीय अनुशासन और भारी विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज 5 अगस्त 2026 को मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद (Cabinet) की बैठक में कई कड़े और दूरदर्शी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें राज्य कैबिनेट द्वारा CG State AI Mission 2026 को दी गई मंजूरी सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय के रूप में उभरी है।

इस कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सरल बनाने के लिए तकनीक के एकीकरण (Technology Integration), भारी उद्योगों के निवेश को आकर्षित करने के लिए भूमि आवंटन, बुनियादी ग्रामीण सड़कों के नियमों में संशोधन, और एशियाई विकास बैंक (ADB) से बिना किसी वित्तीय अंशदान के ₹15 करोड़ का शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त करने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

महत्वपूर्ण संकेतकCG State AI Mission 2026 व कैबिनेट निर्णयों के प्रमुख तथ्य
मुख्य निर्णय 1 (AI मिशन)छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन को मंजूरी (बजट: ₹500 करोड़, अवधि: 5 वर्ष)
मुख्य निर्णय 2 (BEML संयंत्र)हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट निर्माण हेतु ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड’ (BEML) को रियायती भूमि आवंटन
मुख्य निर्णय 3 (डिजिटल PWD)C-DAC पुणे द्वारा विकसित ‘वर्क्स एण्ड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (WAMIS) को मंजूरी
मुख्य निर्णय 4 (ADB अनुदान)अंजोर विजन 2047 के लिए ‘Anjor LIGHT’ तकनीकी सहायता परियोजना हेतु ₹15 करोड़ का पूर्ण अनुदान स्वीकृत
मुख्य निर्णय 5 (वित्तीय अनुशासन)राज्य योजनाओं के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) ‘मदर अकाउंट’ मॉडल लागू करने को मंजूरी
मुख्य निर्णय 6 (ऊर्जा सुधार)CSPGCL को ₹200 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी करने और लिस्टिंग की स्वीकृति
मुख्य निर्णय 7 (ग्रामीण सड़कें)मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में नाली/CC सड़क और मनरेगा मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त

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CG State AI Mission 2026: डिजिटल सुशासन और कौशल विकास

राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के माध्यम से प्रशासनिक कार्यकुशलता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक दूरगामी ब्लूप्रिंट को मंजूरी दी गई है। इस 5-वर्षीय CG State AI Mission 2026 के माध्यम से राज्य के प्रशासनिक कार्यों को तीव्र और नागरिक-अनुकूल बनाया जाएगा:

  • ₹500 करोड़ का वित्तीय प्रावधान: इस महत्वाकांक्षी मिशन के तहत आगामी पांच वर्षों में ₹500 करोड़ का कड़ा निवेश किया जाएगा।
  • 100 AI डेटा लैब और एक्सीलेंस सेंटर: पूरे प्रदेश में 100 उन्नत एआई डेटा लैब बनाई जाएंगी तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 5 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Centers of Excellence) स्थापित किए जाएंगे।
  • स्टार्टअप और मानव संसाधन विकास: मिशन के तहत राज्य के 300 से अधिक एआई (AI) स्टार्टअप्स को प्रत्यक्ष वित्तीय व तकनीकी सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • 50 से अधिक डिजिटल सेवाएं: सरकारी योजनाओं की त्वरित पहुंच और सुशासन के सुचारू संचालन के लिए 50 से अधिक एआई-आधारित जनसेवाएं विकसित की जाएंगी, जो ‘इंडियाएआई मिशन’ (IndiaAI Mission) के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप हैं।

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BEML भारी मशीनरी संयंत्र और लोक निर्माण विभाग में WAMIS प्रणाली

विनिर्माण (Manufacturing) के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रियल-टाइम डिजिटल ट्रैकिंग के लिए दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं:

  • राज्य का पहला भारी मशीनरी उद्योग (BEML): भारत सरकार के प्रतिष्ठित मिनी रत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड’ (BEML) को छत्तीसगढ़ में ‘हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट’ मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है। यह राज्य का पहला भारी मशीनरी निर्माण संयंत्र होगा, जो स्थानीय एमएसएमई (MSME) और युवाओं के रोजगार के अवसरों को बहुगुणित करेगा।
  • PWD का डिजिटल कायाकल्प (WAMIS): लोक निर्माण विभाग (PWD) में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गति बढ़ाने के लिए ‘वर्क्स एण्ड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (WAMIS) को मंजूरी दी गई है। सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस डिजिटल प्रणाली के तहत तकनीकी स्वीकृति, ई-प्राक्कलन (e-Estimates), ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), और बिल भुगतानों को एक एकीकृत सिंगल-प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार और परियोजनाओं में होने वाली देरी पर कड़ा नियंत्रण लगेगा।

छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047: एशियाई विकास बैंक (ADB) से पूर्ण अनुदान

राज्य के दीर्घकालिक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति के लिए वित्तीय विभाग के एक अभिनव प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है:

  • अंजोर लाइट (Anjor LIGHT) परियोजना: ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) से ₹15 करोड़ का शत-प्रतिशत अनुदान (Grant) प्राप्त किया जाएगा। इस परियोजना का कार्यकाल तीन वर्ष (1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029) का होगा।
  • राज्य पर शून्य वित्तीय भार: यह परियोजना पूरी तरह से एडीबी के अनुदान पर आधारित है, जिसके कारण राज्य सरकार या भारत सरकार पर कोई भी वित्तीय अंशदान का भार नहीं पड़ेगा। इसके तहत एक विशेष परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) का गठन किया जाएगा जो सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, पीपीपी (PPP) इकोसिस्टम के विकास, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस और क्लाइमेट-रेजिलिएंट बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।

वित्तीय अनुशासन में सुधार: S-SNA मॉडल और CSPGCL बॉन्ड्स

कैबिनेट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर दो बड़े सुधारों को हरी झंडी दिखाई है:

  • स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल: राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि को बैंकों में निष्क्रिय पड़े रहने (Idle Cash) से बचाने के लिए केंद्र की तर्ज पर ‘S-SNA मॉडल’ लागू किया जाएगा। इसके तहत एक केंद्रीकृत ‘मदर अकाउंट’ का निर्माण होगा, जिससे जरूरत होने पर ही सीधे लाभार्थियों या वेंडरों को डिजिटल भुगतान किया जाएगा। यह कदम वित्तीय अनुशासन बढ़ाएगा और बैंकिंग धोखाधड़ी की आशंकाओं को समाप्त करेगा।
  • CSPGCL द्वारा ₹200 करोड़ के बॉन्ड जारी करना: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को अपनी विद्युत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए ₹200 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) और बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग कराने की मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार इसके भुगतान के लिए गारंटी और प्रत्याभूति शुल्क में छूट प्रदान करेगी।

UPSC Prelims Fact Box: ADB, BEML, C-DAC & Financial SNA Models

  • एशियाई विकास बैंक (ADB): इसकी स्थापना वर्ष 1966 में की गई थी, जिसका मुख्यालय मनीला (फिलीपींस) में स्थित है। इसका उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इसके सदस्य देशों की संख्या 68 है।
  • भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML): वर्ष 1964 में स्थापित यह भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाला एक मिनी रत्न श्रेणी-1 का सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) है, जो मुख्य रूप से रेलवे, रक्षा और खनन उद्योगों के लिए भारी मशीनरी का निर्माण करता है।
  • C-DAC (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग): यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास करने वाली भारत की अग्रणी संस्था है, जिसे भारत के सुपरकंप्यूटर ‘परम’ (PARAM) के विकास के लिए जाना जाता है।
  • सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) मॉडल: यह सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी निधियों का रिसाव (Embezzlement) रोकने और वास्तविक समय पर पारदर्शी व्यय सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीयकृत खातों का उपयोग किया जाता है।

UPSC & State PCS Mains Analysis: डिजिटल सुशासन, वित्तीय पारदर्शिता और औद्योगिक विविधीकरण का छत्तीसगढ़ मॉडल

मुख्य परीक्षा और राजव्यवस्था के दृष्टिकोण से CG State AI Mission 2026 और डब्लूएएमआईएस (WAMIS) जैसी विनियामक प्रणालियों का एकीकरण राज्य में “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” (Minimum Government, Maximum Governance) के लोकतांत्रिक विज़न का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

आधुनिक प्रशासनिक सुधारों में सबसे बड़ी चुनौती सार्वजनिक निधियों की अपारदर्शिता और सरकारी विभागों में होने वाला ‘रेड टेपिज्म’ (Red Tapism) है। C-DAC पुणे द्वारा विकसित WAMIS प्रणाली लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अनुमानों से लेकर अंतिम भुगतान तक की कड़ियों को डिजिटल रूप से पारदर्शी बनाएगी, जिससे सार्वजनिक निर्माण कार्यों में ‘जवाबदेही’ (Accountability) और समयबद्धता सुनिश्चित होगी। इसी प्रकार, राज्य क्षेत्र की योजनाओं में ‘स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी’ (S-SNA) और मदर अकाउंट मॉडल को लागू करना राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism) की दिशा में एक बड़ा सुधारात्मक कदम है, जो बैंकों में करोड़ों रुपये की सरकारी पूंजी को निष्क्रिय रहने से रोककर राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता को मजबूत करेगा।

इसके अतिरिक्त, BEML के माध्यम से राज्य के पहले भारी विनिर्माण संयंत्र की स्थापना छत्तीसगढ़ को केवल एक प्राथमिक खनिज-उत्पादक (जैसे कोयला और लोहा) राज्य से बदलकर एक उच्च-तकनीकी विनिर्माण केंद्र (Secondary Capital Manufacturing Hub) के रूप में रूपांतरित करेगी। यह विविधीकरण स्थानीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ का निर्माण करेगा। अंततः, एडीबी (ADB) से प्राप्त ₹15 करोड़ का शत-प्रतिशत अनुदान आधारित ‘अंजोर लाइट’ कार्यक्रम यह प्रदर्शित करता है कि कैसे एक राज्य बिना किसी ऋण या वित्तीय दायित्व के अपने दीर्घकालिक ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ के नीतिगत लक्ष्यों को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं (Global Best Practices) के माध्यम से प्राप्त कर सकता है।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस समसामयिक और नीतिगत कैबिनेट निर्णयों पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में स्वीकृत CG State AI Mission 2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह मिशन आगामी 5 वर्षों के लिए संचालित किया जाएगा, जिसका कुल बजटीय प्रावधान ₹500 करोड़ निर्धारित किया गया है।
2. इसके तहत राज्य भर में 100 एआई (AI) डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों
व्याख्या: दोनों कथन बिल्कुल सत्य हैं। छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन को 5 वर्षों के लिए स्वीकृत किया गया है जिसका बजट ₹500 करोड़ है, और इसके तहत 100 डेटा लैब तथा 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कर 300+ स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रश्न 2: हाल ही में कैबिनेट बैठक में अनुमोदित ‘अंजोर लाइट’ (Anjor LIGHT) तकनीकी सहायता परियोजना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को किस अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान से ₹15 करोड़ का शत-प्रतिशत अनुदान (Grant) प्राप्त होगा?

(A) विश्व बैंक (World Bank)
(B) एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank – ADB)
(C) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)
(D) न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB)

उत्तर: (B) एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank – ADB)
व्याख्या: ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के क्रियान्वयन को गति देने के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा ₹15 करोड़ का पूर्ण अनुदान स्वीकृत किया गया है। यह 3-वर्षीय परियोजना (1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029) पूरी तरह से ऋण-मुक्त और अनुदान आधारित है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. CG State AI Mission 2026 क्या है और इसके प्राथमिक लक्ष्य क्या हैं?

CG State AI Mission 2026 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वीकृत एक विशेष तकनीकी मिशन है, जिसके तहत आगामी 5 वर्षों में ₹500 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इसका मुख्य लक्ष्य राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देना, 100 डेटा लैब का निर्माण करना, 300+ स्टार्टअप्स को सहायता देना और 6 लाख छात्रों को प्रशिक्षित करना है।

Q2. लोक निर्माण विभाग (PWD) में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता के लिए शुरू की जा रही ‘WAMIS’ प्रणाली क्या है?

‘वर्क्स एण्ड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (WAMIS) सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों के ई-प्राक्कलन (e-Estimates), ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान और लेखा प्रबंधन को ऑनलाइन पारदर्शी बनाया जाएगा।

Q3. राज्य की योजनाओं के लिए स्वीकृत नया ‘S-SNA’ वित्तीय मॉडल क्या है?

स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल के तहत राज्य सरकार की योजनाओं की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में निष्क्रिय पड़े रहने के बजाय एक सेंट्रलाइज्ड ‘मदर अकाउंट’ में रहेगी। जब भी किसी हितग्राही या वेंडर को भुगतान की आवश्यकता होगी, राशि सीधे वास्तविक समय (Real-time) पर ट्रांसफर होगी, जिससे ब्याज का बोझ और गबन की आशंकाएं समाप्त होंगी।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • तकनीक आधारित सुशासन की शुरुआत: CG State AI Mission 2026 के तहत आगामी 5 वर्षों में ₹500 करोड़ के निवेश से 100 डेटा लैब और 50 से अधिक एआई-आधारित नागरिक सेवाएं विकसित कर छत्तीसगढ़ को एक भविष्य-उन्मुख डिजिटल राज्य बनाया जाएगा।
  • एडीबी (ADB) से शत-प्रतिशत अनुदान: छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के क्रियान्वयन के लिए ‘अंजोर लाइट’ परियोजना के तहत एशियाई विकास बैंक से ₹15 करोड़ का पूर्णतः ऋण-मुक्त अनुदान प्राप्त किया जाएगा, जिससे राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
  • वित्तीय और विनिर्माण सुधार: राज्य योजनाओं में ‘मदर अकाउंट’ आधारित S-SNA मॉडल को लागू करना राजकोषीय अनुशासन मजबूत करेगा, जबकि बीईएमएल (BEML) संयंत्र की स्थापना से राज्य में भारी विनिर्माण उद्योगों का एक नया युग शुरू होगा।

UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का आर्थिक भूगोल, वित्तीय नीतियां, औद्योगिक विकास), पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक परिदृश्य और सुशासन कार्यक्रम), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (ई-गवर्नेंस के अनुप्रयोग, सरकारी नीतियां, प्रशासनिक पारदर्शिता) और पेपर-3 (आर्थिक विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी—आईटी और एआई का अनुप्रयोग) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक मुद्दा है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग (DPRCG), वित्त विभाग छत्तीसगढ़, और मंत्रालय महानदी भवन द्वारा 5 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिपरिषद (Cabinet) की बैठक के उपरांत जारी किए गए आधिकारिक नीतिगत निर्णय पत्रकों पर आधारित है।

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