Published on 05 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक प्रतिष्ठित और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कल 4 अगस्त 2026 को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित एक विशेष प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026 के लिए ₹100 करोड़ के वित्तीय आवंटन की घोषणा की है।
प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर भी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के कार्यों, उपलब्धियों और आगामी आधुनिकीकरण योजनाओं का विस्तृत विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय मात्र ₹4 करोड़ के नाममात्र के बजट से शुरू होने वाले खेल विभाग का कुल बजट अब ऐतिहासिक रूप से बढ़कर ₹304 करोड़ तक पहुँच गया है, जो खेलों के प्रति राज्य सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
| महत्वपूर्ण संकेतक | Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026 व खेल विभाग के कड़े आंकड़े |
|---|---|
| मुख्य मिशन का नाम | मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन (Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission) |
| मिशन हेतु वित्तीय आवंटन (2026-27) | ₹100 करोड़ (खेल प्रतिभाओं की पहचान और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण हेतु) |
| छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना बजट | ₹57 करोड़ (खेल क्लबों और स्थानीय प्रतिभा संवर्धन हेतु) |
| खेल विभाग का कुल वार्षिक बजट | ₹304 करोड़ (राज्य गठन के समय केवल ₹4 करोड़ था) |
| नया प्रादेशिक टूर्नामेंट | सरगुजा ओलंपिक (Bastar Olympic के सफल 2 वर्षों के उपरांत शुरुआत) |
| प्रशिक्षकों का राष्ट्रीय प्रशिक्षण | 14 खेल प्रशिक्षकों को एनआईएस पटियाला (NIS Patiala) भेजा गया है |
| खेल अधिकारी पदों का नवीन सृजन | 6 नए जिलों में खेल अधिकारियों के स्थायी पदों को मंजूरी |
| आगामी राज्य स्तरीय लीग | छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (Chhattisgarh Hockey League) के आयोजन की तैयारी |
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Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026: खेल बजट में भारी वृद्धि और अधोसंरचना विकास
राज्य के सुदूर आदिवासी अंचलों से लेकर शहरी मैदानों तक खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार ने त्रि-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है। इस दिशा में Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026 के अंतर्गत महिला एथलीटों को प्रोत्साहित करने, खेल अधोसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने और जमीनी स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को खोजने के लिए व्यापक रणनीतियां तैयार की गई हैं:
- ₹100 करोड़ का समर्पित बजट: यह विशेष मिशन राज्य भर में आधुनिक इनडोर स्टेडियमों, सिंथेटिक ट्रैक, और अत्याधुनिक स्पोर्ट्स हॉस्टलों के निर्माण व रख-रखाव पर केंद्रित होगा।
- क्रीड़ा प्रोत्साहन के लिए ₹57 करोड़: ‘छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना’ के तहत ₹57 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो स्थानीय स्तर पर पंजीकृत खेल अकादमियों, क्लबों और ग्रामीण खेल संघों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
- हॉकी लीग की तैयारी: राज्य में हॉकी की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा देने के लिए पहली ‘छत्तीसगढ़ हॉकी लीग’ (Chhattisgarh Hockey League) के आयोजन की तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं।
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Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026: क्षेत्रीय खेलों का विस्तार – बस्तर और सरगुजा ओलंपिक
राज्य सरकार ने सुदूर वनांचल अंचलों के आदिवासी युवाओं के कौशल को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक अत्यंत सफल रणनीतिक खेल मॉडल विकसित किया है:
- ‘सरगुजा ओलंपिक’ की शुरुआत: पिछले दो वर्षों से बस्तर संभाग के दुर्गम क्षेत्रों में ‘बस्तर ओलंपिक’ का अत्यंत सफल आयोजन किया जा रहा था। इस मॉडल के सकारात्मक सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को देखते हुए सरकार ने इस वर्ष से ‘सरगुजा ओलंपिक’ की भी शुरुआत करने की मंजूरी दी है।
- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (Khelo India Tribal Games): देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की सफल मेजबानी कर छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी सांगठनिक क्षमता और विशिष्ट जनजातीय खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
प्रशासनिक सुधार और खेल संवर्ग का विस्तार
खेल विभाग की कार्यप्रणाली को जमीनी स्तर पर सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने कड़े विनियामक और प्रशासनिक सुधारों को लागू किया है:
- 6 नए जिलों में खेल कार्यालयों की स्थापना: राज्य के नव-निर्मित 6 जिलों—गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती में खेल गतिविधियों की प्रत्यक्ष निगरानी के लिए ‘खेल अधिकारी’ (Sports Officers) के नए पदों को मंजूरी दी गई है।
- प्रशिक्षकों का राष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेडेशन: खेल अकादमियों में आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए राज्य के 14 वरिष्ठ खेल कोचों को राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS), पटियाला में उच्च-स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स के लिए भेजा गया है।
- विभाग में सीधी भर्ती: खेल विकास को गति देने के लिए वर्तमान में 44 खेल प्रशिक्षक, 4 जिला खेल अधिकारी, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 हॉस्टल वार्डनों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
UPSC & CGPSC Prelims Fact Box: NIS Patiala & CG’s New District Structure
- नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS), पटियाला: यह एशिया का सबसे बड़ा खेल संस्थान है, जिसकी स्थापना वर्ष 1961 में हुई थी। यह भारत सरकार के खेल मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का मुख्य शैक्षणिक और राष्ट्रीय कोच प्रशिक्षण केंद्र है।
- 6 नए जिले (छत्तीसगढ़): राज्य के प्रशासनिक विकेंद्रीकरण के तहत वर्ष 2021-22 में नव-निर्मित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (28वां जिला), मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (29वां), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (30वां), सक्ती (31वां), सारंगढ़-बिलाईगढ़ (32वां) और मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी (33वां) को कड़े प्रशासनिक सुधारों के तहत सीधे खेल कार्यालयों से जोड़ा गया है।
- खेलो इंडिया जनजातीय खेल (Khelo India Tribal Games): यह भारत सरकार की खेलो इंडिया पहल के अंतर्गत विशेष रूप से देश के आदिवासी समुदायों के पारंपरिक धनुर्विद्या, हॉकी, और एथलेटिक्स कौशल को राष्ट्रीय मंच देने वाली विशिष्ट प्रतियोगिता है।
UPSC & CGPSC Mains Analysis: खेल नीति, जनजातीय समावेशन और सॉफ्ट पावर कूटनीति
मुख्य परीक्षा और खेल समाजशास्त्र के दृष्टिकोण से Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026 के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को केवल राज्य के खेल बजट के विस्तार के रूप में नहीं, बल्कि वनांचल अंचलों में ‘सॉफ्ट पावर कूटनीति’ (Soft Power Diplomacy) और जनजातीय समावेशन के एक स्थायी साधन के रूप में देखा जाना चाहिए।
वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित रहे बस्तर और सरगुजा जैसे संवेदनशील अंचलों में युवाओं की असीमित ऊर्जा को हिंसक विचारधाराओं से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल हैं। ‘बस्तर ओलंपिक’ और अब शुरू किए जा रहे ‘सरगुजा ओलंपिक’ जैसे स्थानीय टूर्नामेंट न केवल युवाओं को अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच देते हैं, बल्कि यह सुरक्षा बलों और जनजातीय समुदायों के बीच अविश्वास की खाई को पाटने का कार्य करते हैं।
इसके अतिरिक्त, खेल विभाग के बजट का ₹4 करोड़ से बढ़कर ₹304 करोड़ होना यह प्रमाणित करता है कि राज्य सरकार दंडात्मक पुलिसिंग के साथ-साथ ‘मानव पूंजी विकास’ (Human Capital Investment) को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। 6 नव-गठित जिलों में खेल अधिकारियों के पदों का सृजन करना और कोचों को राष्ट्रीय संस्थान (NIS Patiala) में प्रशिक्षित करना खेल प्रशासन के सुदृढ़ीकरण (Institutional Capacity Building) का कड़ा उदाहरण है, जो अंततः छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं को सीधे एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और ओलिंपिक की मुख्यधारा से जोड़ने की सुशासित प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण खेल नीति और बजटीय समसामयिकी पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में घोषित किए गए Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026 के तहत कुल कितनी वित्तीय धनराशि का प्रावधान छत्तीसगढ़ खेल विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है?
(A) ₹50 करोड़
(B) ₹100 करोड़
(C) ₹150 करोड़
(D) ₹304 करोड़
उत्तर: (B) ₹100 करोड़
व्याख्या: छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने और प्रतिभाओं की खोज के लिए ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ हेतु ₹100 करोड़ का बजटीय प्रावधान रखा गया है। (कुल खेल बजट ₹304 करोड़ है)।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ के खेल सुधारों के संदर्भ में, राज्य के मेधावी प्रशिक्षकों (Coaches) को उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए हाल ही में किस राष्ट्रीय संस्थान में भेजा गया है?
(A) लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE), ग्वालियर
(B) नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS), पटियाला
(C) भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र, बेंगलुरु
(D) नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, मणिपुर
उत्तर: (B) नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS), पटियाला
व्याख्या: राज्य की खेल अकादमियों में बच्चों को वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ के 14 वरिष्ठ खेल प्रशिक्षकों को राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS), पटियाला भेजा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026 क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹100 करोड़ के बजट के साथ शुरू किया गया एक राष्ट्रीय स्तर का विशेष मिशन है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना (सिंथेटिक ट्रैक, इनडोर कोर्ट) का विकास करना, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण व जनजातीय प्रतिभाओं की खोज करना है।
Q2. ‘बस्तर ओलंपिक’ की सफलता के बाद छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष कौन-सा नया क्षेत्रीय खेल टूर्नामेंट शुरू किया जा रहा है?
बस्तर संभाग के वनांचल क्षेत्रों में पिछले दो वर्षों से आयोजित किए जा रहे ‘बस्तर ओलंपिक’ की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष से सरगुजा संभाग के आदिवासी युवाओं के लिए ‘सरगुजा ओलंपिक’ की शुरुआत की जा रही है।
Q3. राज्य के किन नव-गठित 6 जिलों में खेल अधिकारियों के नवीन स्थायी पदों का सृजन किया गया है?
छत्तीसगढ़ के नए जिलों—गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती में खेल गतिविधियों को गति देने के लिए कड़े प्रशासनिक सुधारों के तहत खेल अधिकारियों के नवीन पदों को मंजूरी दी गई है।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- ₹100 करोड़ का मेगा खेल मिशन: Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission 2026 के लिए ₹100 करोड़ और क्रीड़ा प्रोत्साहन के लिए ₹57 करोड़ की भारी-भरकम राशि आवंटित कर छत्तीसगढ़ सरकार खेल संरचनाओं को पूरी तरह आधुनिक बनाने की दिशा में अग्रसर है।
- सरगुजा ओलंपिक की स्वर्णिम शुरुआत: वनांचल क्षेत्रों के जनजातीय युवाओं को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बस्तर ओलंपिक के सफल क्रियान्वयन के उपरांत अब राज्य में सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत को मंजूरी दी गई है।
- प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और राष्ट्रीय कोचिंग: राज्य के 6 नए जिलों में खेल अधिकारियों के पदों की मंजूरी और 14 प्रशिक्षकों को एनआईएस (NIS) पटियाला में उच्च प्रशिक्षण के लिए भेजना खेल प्रशासन में आए कड़े गुणात्मक सुधारों की मिसाल है।
UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का मानव संसाधन विकास, खेल अवसंरचना और सेवा क्षेत्र), पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, जनजातीय नीतियां और कल्याणकारी कार्यक्रम), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (कमजोर और संवेदनशील वर्गों के सामाजिक कल्याण से जुड़ी नीतियां, स्वास्थ्य और मानव संसाधन विकास) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और समसामयिक मुद्दा है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग, और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा 4 अगस्त 2026 को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित आधिकारिक प्रेस-कॉन्फ्रेंस में दी गई विभागीय विवरणी और बजटीय ब्योरों पर आधारित है।