शिवराज सिंह चौहान कृषि छात्रवृत्ति: केंद्रीय कृषि मंत्री ने पूसा संस्थान से लॉन्च किया नया एनएसपी-डीबीटी सिस्टम; देश भर के मेधावी कृषि छात्रों को ₹21.35 करोड़ की छात्रवृत्ति जारी

शिवराज सिंह चौहान कृषि छात्रवृत्ति शिवराज सिंह चौहान कृषि छात्रवृत्ति

Published on 11 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in

शिवराज सिंह चौहान कृषि छात्रवृत्ति पहल के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने देश के 6,000 से अधिक मेधावी छात्रों के लिए ₹21.35 करोड़ की राशि सीधे जारी की है। उन्होंने आज 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित आईसीएआर-आईएआरआई (ICAR-IARI), पूसा में आयोजित एक विशेष राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश भर के कृषि छात्रों के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से छात्रवृत्ति और फेलोशिप राशि जारी की।

इस नई पहल के तहत देश के मेधावी कृषि छात्रों के बैंक खातों में सीधे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से यह राशि हस्तांतरित की गई। अब से देश के कृषि छात्रों को अपनी छात्रवृत्ति के लिए महीनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि इस नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से उन्हें प्रत्येक माह नियमित रूप से छात्रवृत्ति राशि सीधे प्राप्त हो सकेगी।

महत्वपूर्ण संकेतकNSP Agriculture Scholarship 2026 के प्रमुख तथ्य व आंकड़े
योजना/पोर्टल का नामनेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल – डीबीटी (NSP-DBT System)
विमोचन की तिथि और स्थान11 अगस्त 2026, ICAR-IARI, पूसा (नई दिल्ली)
जारी की गई कुल राशि₹21.35 करोड़ (Direct Benefit Transfer के माध्यम से)
कुल लाभान्वित कृषि छात्रदेश भर के 6,000 से अधिक मेधावी छात्र और शोधकर्ता
वितरण की आवृत्ति (Frequency)अब से प्रत्येक माह नियमित रूप से सीधे खातों में भुगतान होगा
संबद्ध राष्ट्रीय संस्थानभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI)
कृषि मंत्री का कड़ा संदेश“परीक्षा, प्रवेश और भुगतान – सब कुछ समय पर होना चाहिए; यही किसी भी प्रणाली की असली परीक्षा है”
विशेष राष्ट्रव्यापी पर्यावरण आह्वानसभी ICAR संस्थानों में ‘हरियाली अमावस्या’ के अवसर पर वृहद वृक्षारोपण अभियान

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प्रशासनिक सुगमता: कृषि छात्रों के लिए डीबीटी (DBT) आधारित सुगम भुगतान व्यवस्था

कृषि मंत्रालय द्वारा नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) का एकीकरण सीधे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से करना प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है:

  • पारदर्शिता और गति: श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नई डिजिटल प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान वित्तीय अनिश्चितताओं का सामना न करना पड़े। समय पर भुगतान से छात्र बिना किसी तनाव के अपने शोध कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
  • व्यवस्था की असली परीक्षा: छात्रों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कड़ा संदेश दिया कि परीक्षा का आयोजन, दाखिले (Admission) की प्रक्रिया और छात्रवृत्ति का भुगतान—इन तीनों का समय पर पूरा होना ही किसी भी संवेदनशील प्रशासनिक प्रणाली की वास्तविक कसौटी है।

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व्यावहारिक प्रशिक्षण और कृषि नवाचार पर विशेष बल

केंद्रीय मंत्री ने कृषि शिक्षा के पारंपरिक और केवल कक्षा-आधारित (Classroom-based) मॉडल में व्यापक सुधार करने का कड़ा आह्वान किया:

  • क्लासरूम से खेतों तक का सफर: उन्होंने कहा कि कृषि केवल बंद कमरों या कक्षाओं का विषय नहीं है। जब तक छात्र खेतों में जाकर मिट्टी से नहीं जुड़ेंगे और किसानों की वास्तविक समस्याओं को नहीं समझेंगे, तक तक देश को उत्कृष्ट कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्माता या कृषि-उद्यमी (Agri-entrepreneurs) नहीं मिल सकते।
  • रोजगार चाहने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें: उन्होंने कृषि छात्रों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल नौकरी पाने तक सीमित न रखें। भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को कृषि स्टार्ट-अप, नवीन वैज्ञानिक खोजों और कृषि उद्यमिता में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
  • ‘हरियाली अमावस्या’ पर वृक्षारोपण का आह्वान: हाल ही में संपन्न हुई ‘हरियाली अमावस्या’ (Sawan Amavasya) के पावन अवसर का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने देश भर के सभी आईसीएआर (ICAR) संस्थानों के छात्रों से अपील की कि वे अपने-अपने परिसरों में एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखरेख का संकल्प लें।

UPSC Prelims Fact Box: NSP, ICAR & National Food Security Core Metrics

  • नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP): इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा विकसित किया गया एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की छात्रवृत्ति योजनाओं के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन, पारदर्शी सत्यापन और सीधे बैंक खातों में भुगतान (DBT) को सक्षम बनाता है।
  • ICAR-IARI पूसा: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधीन संचालित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) देश का अग्रणी कृषि अनुसंधान और शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना मूल रूप से वर्ष 1905 में पूसा (बिहार) में हुई थी, जिसे बाद में वर्ष 1936 में नई दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया गया। इसे “पूसा संस्थान” (Pusa Institute) के नाम से भी जाना जाता है।
  • खाद्य सुरक्षा के स्तंभ: केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार—खेत, किसान और विज्ञान (Fields, Farmers and Science) का त्रिकोण ही देश की खाद्य सुरक्षा, पोषण स्तर और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के मुख्य स्तंभ हैं।

UPSC & State PCS Mains Analysis: कृषि शिक्षा का आधुनिकीकरण, खाद्य सुरक्षा और जनसांख्यिकीय लाभांश

मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से शिवराज सिंह चौहान कृषि छात्रवृत्ति के रणनीतिक क्रियान्वयन को देश की मानव पूंजी विकास (Human Capital Development), अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश और कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के रूप में विश्लेषणात्मक रूप से देखा जाना चाहिए।

भारत वर्तमान में खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, लेकिन जलवायु परिवर्तन (Climate Change), घटती जोत सीमा और मिट्टी की घटती उर्वरता के कारण भविष्य की खाद्य सुरक्षा (Food Security) के समक्ष गंभीर चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए देश को ऐसे युवा कृषि शोधकर्ताओं की आवश्यकता है जो पारंपरिक कृषि तकनीकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और नैनो-प्रौद्योगिकी जैसी आधुनिक विधाओं से जोड़ सकें।

नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल को डीबीटी (DBT) से जोड़कर मासिक भुगतान सुनिश्चित करना शोधकर्ताओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे वे बिना किसी मानसिक तनाव के अपने प्रयोगशाला और क्षेत्रीय शोधों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कृषि मंत्री का यह बयान कि “कृषि केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है”, भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के व्यावसायिक और कौशल-आधारित प्रशिक्षण के दृष्टिकोण के बिल्कुल अनुकूल है। जब हमारे कृषि छात्र केवल नौकरी चाहने वाले (Job Seekers) के बजाय कृषि स्टार्ट-अप के माध्यम से रोजगार निर्माता (Job Creators) बनेंगे, तभी ग्रामीण क्षेत्रों में विविवधीकरण को बढ़ावा मिलेगा। यह कड़ा और संवेदनशील दृष्टिकोण अंततः देश के कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाकर सतत विकास लक्ष्य-2 (SDG-2: Zero Hunger) और विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय विज़न को समयबद्ध धरातल पर साकार करने की सबसे मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण कृषि-नीति विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में घोषित शिवराज सिंह चौहान कृषि छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत, केंद्रीय कृषि मंत्री ने देश भर के 6,000 से अधिक कृषि छात्रों के लिए कुल कितनी धनराशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में जारी की है?

(A) ₹10.50 करोड़
(B) ₹15.00 करोड़
(C) ₹21.35 करोड़
(D) ₹50.00 करोड़

उत्तर: (C) ₹21.35 करोड़
व्याख्या: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से देश भर के कृषि छात्रों के लिए ₹21.35 करोड़ की छात्रवृत्ति और फेलोशिप राशि को सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया है।

प्रश्न 2: भारत के प्रसिद्ध ‘भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान’ (IARI), जिसे “पूसा संस्थान” भी कहा जाता है, की मूल स्थापना वर्ष 1905 में निम्नलिखित में से किस राज्य के पूसा में की गई थी?

(A) उत्तर प्रदेश
(B) मध्य प्रदेश
(C) बिहार
(D) हरियाणा

उत्तर: (C) बिहार
व्याख्या: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) की स्थापना मूल रूप से वर्ष 1905 में पूसा, बिहार में की गई थी। वर्ष 1934 के विनाशकारी भूकंप में इसके क्षतिग्रस्त होने के बाद, इसे वर्ष 1936 में नई दिल्ली स्थित पूसा रोड परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया था।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. शिवराज सिंह चौहान कृषि छात्रवृत्ति पहल क्या है और इसके तहत क्या बड़ी घोषणा की गई है?

यह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 11 अगस्त 2026 को ICAR-IARI पूसा में शुरू की गई एक डिजिटल छात्रवृत्ति संवर्धन पहल है। इसके तहत नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) को सीधे डीबीटी (DBT) से जोड़ा गया है, जिससे देश के 6,000 से अधिक कृषि छात्रों के खातों में ₹21.35 करोड़ की राशि समय पर और सीधे प्रति माह ट्रांसफर की जा सकेगी।

Q2. कृषि मंत्री ने कृषि शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) को क्यों आवश्यक बताया है?

उन्होंने कहा कि केवल कक्षा-आधारित शिक्षा से अच्छे किसान या वैज्ञानिक तैयार नहीं किए जा सकते। छात्रों को खेतों में जाकर वास्तविक चुनौतियों को समझना होगा, जिससे उनमें व्यावहारिक कौशल, स्टार्ट-अप शुरू करने का आत्मविश्वास और कृषि क्षेत्र की जरूरतों के प्रति गहरी समझ विकसित हो सकें।

Q3. इस ऐतिहासिक समारोह के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने छात्रों से किस विशेष पर्यावरणीय पहल से जुड़ने की अपील की है?

केंद्रीय मंत्री ने देश भर के सभी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संस्थानों के छात्रों और वैज्ञानिकों से अपील की कि वे हाल ही में संपन्न हुई ‘हरियाली अमावस्या’ के उपलक्ष्य में अपने-अपने परिसरों में सघन वृक्षारोपण अभियान (Plantation Drive) चलाएं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • मासिक डीबीटी आधारित वित्तीय सुरक्षा: शिवराज सिंह चौहान कृषि छात्रवृत्ति के कड़े क्रियान्वयन से अब देश के 6,000 से अधिक कृषि छात्रों को प्रत्येक माह बिना किसी प्रशासनिक देरी के सीधे उनके खातों में छात्रवृत्ति और फेलोशिप राशि मिलेगी।
  • व्यावहारिक कृषि शिक्षा पर जोर: केंद्रीय कृषि मंत्री ने केवल क्लासरूम आधारित शिक्षा के स्थान पर खेतों में जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) प्राप्त करने और युवाओं को नए कृषि स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए प्रेरित किया है।
  • हरियाली अमावस्या पर पर्यावरण संकल्प: देश की खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए आईसीएआर (ICAR) के देश भर के संस्थानों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का कड़ा संकल्प लिया गया है।

UPSC Relevance (यूपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-3 (भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता, अनुसंधान एवं विकास), सामान्य अध्ययन पेपर-2 (कमजोर और मेधावी छात्रों के कल्याण के लिए सरकारी नीतियां और योजनाएं, मानव संसाधन का विकास) और राज्य लोक सेवा आयोग (State PCS) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक मुद्दा है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), और पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi) द्वारा 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल शुभारंभ समारोह की आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट और केंद्रीय मंत्री के भाषण पर आधारित है।

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