महतारी वंदन योजना: रक्षाबंधन से पहले बहनों को सीएम विष्णु देव साय का उपहार, खातों में पहुंचे ₹1,000

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रायपुर, 22 अगस्त। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के चेहरे पर उस वक्त दोहरी खुशी छा गई, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार जारी किया। राज्य सरकार द्वारा जारी 30वीं किस्त के साथ ही प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में अब तक कुल 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक पहले बैंक खाते में पहुंची इस आर्थिक सहायता ने बहनों के उत्साह और पारिवारिक खुशियों को दोगुना कर दिया है।


महतारी वंदन योजना से महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन को नई उड़ान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं के स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की रीढ़ बन चुकी है। योजना के तहत हर महीने ₹1,000 की निश्चित सहायता राशि सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा रही है।

“महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर रहने की मजबूरी से मुक्त किया है। रक्षाबंधन से पहले खाते में आई यह राशि बहनों के प्रति हमारी सरकार के अटूट विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।”

— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

सूरजपुर जिले की मेनका रजवाड़े, गणेश्वरी प्रजापति (रामनगर) और शहनाज बेगम (सोहागपुर) का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु भैया ने त्योहार से पहले यह राशि देकर बहनों को सबसे बड़ा रक्षाबंधन उपहार दिया है। इससे वे राखी, मिठाई और नए कपड़े खरीदने के साथ ही घर की आवश्यक जरूरतों को बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरा कर रही हैं।


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बचत से स्वरोजगार: महतारी वंदन योजना की राशि से खुली आत्मनिर्भरता की राह

राज्यभर में महतारी वंदन योजना का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव बेहद व्यापक देखने को मिल रहा है। प्रदेश की कई जागरूक महिलाओं ने हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि को जोड़कर छोटे-छोटे स्वरोजगार स्थापित कर लिए हैं:

  • मुंगेली की अनीता गंधर्व: मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई की दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक कमा रही हैं और बच्चों की बेहतर पढ़ाई का खर्च उठा रही हैं।
  • जांजगीर-चांपा की शबीना बेगम: ग्राम सरखों की शबीना ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया माल भरा, जिससे उनकी बिक्री और मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
  • मनेन्द्रगढ़ की गायत्री श्रीवास्तव: इन्होंने किस्तों की बचत से सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी और अब सिलाई कार्य से परिवार को आर्थिक मजबूती दे रही हैं।
  • रायगढ़ की राशी कँवर: योजना के पैसे से नई सिलाई मशीन खरीदकर आजीविका का स्थायी साधन तैयार किया।

भविष्य की सुरक्षा: सुकन्या समृद्धि और बच्चों की उच्च शिक्षा में निवेश

कोरबा की श्रीमती शकुंतला कुर्रे ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का सदुपयोग करते हुए अपनी बेटी ध्रीयांशी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवाया है। वे हर महीने मिलने वाली राशि का एक हिस्सा बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए जमा कर रही हैं।

इसी तरह सक्ती जिले की श्रीमती हेमंत बंजारे, मोहला की श्रीमती देवकी निषाद और एमसीबी जिले की श्रीमती अनीता गुप्ता ने बताया कि योजना ने उन्हें पारिवारिक निर्णयों में भागीदारी और बच्चों के बेहतर पोषण पर खर्च करने की ताकत दी है।


30 किस्तों की निरंतरता ने स्थापित किया अटूट भरोसा

1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों ने प्रदेश में आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत चक्र तैयार किया है। नियमित रूप से हर माह ₹1,000 की गारंटी मिलने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं का वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) तेजी से बढ़ा है। राज्य की मातृशक्ति अब अपनी बचत और खर्च की योजनाएं खुद बना रही हैं।


Official Source (आधिकारिक स्रोत): यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPRCG) द्वारा 22 अगस्त 2026 को रायपुर में जारी आधिकारिक प्रगति प्रतिवेदनों और लाभार्थी विवरणों पर आधारित है।

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