छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30: वर्ल्ड लीडर्स फोरम में सीएम विष्णुदेव साय ने रखा ‘युवा-केंद्रित अर्थव्यवस्था’ का रोडमैप; ₹8 लाख करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव, 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024 30 छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024 30

रायपुर | 21 अगस्त 2026


छत्तीसगढ़ को पारंपरिक खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से बाहर निकालकर तकनीकी नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 (New Industrial Policy) के तहत दूरगामी सुधारों को लागू किया गया है। आज 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय प्रतिष्ठित ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वैश्विक आर्थिक जगत की शीर्ष हस्तियों के समक्ष नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने फोरम में उपस्थित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन जैसी वैश्विक कड़ियों के सामने छत्तीसगढ़ की बदलती आर्थिक तस्वीर का विवरण साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत सरकार का मुख्य विजन राज्य के युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि अपने हुनर और नवाचार के बल पर रोजगार देने वाला ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है।

महत्वपूर्ण संकेतकछत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 एवं नवीन विकास रोडमैप के कड़े आंकड़े
नीति का नामछत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 (प्रगति रिपोर्ट)
कुल प्राप्त निवेश प्रस्ताव₹8 लाख करोड़ (₹8,00,000 Crore) से अधिक के निवेश एमओयू
राज्य की जीएसडीपी (2025-26)लगभग ₹6.31 लाख करोड़ (आर्थिक विकास दर: 11.57 प्रतिशत)
प्रति व्यक्ति आय (2025-26)₹1,79,244 (एक लाख उनासी हजार दो सौ चौवालिस रुपये)
स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र लक्ष्यवर्ष 2030 तक 5,000 नवीन स्टार्टअप्स की स्थापना (₹10 लाख तक का सीड फंड)
राज्य एआई मिशन (AI Mission)₹500 करोड़ का बजट (100 एआई लैब, 300+ स्टार्टअप का लक्ष्य)
नवा रायपुर एआई पार्क बजट₹1,000 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर पार्क का विकास
नवीन विनिर्माण क्लस्टर्सराजनंदगांव में स्पेस विनिर्माण क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मा पार्क व टेक्सटाइल पार्क

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छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30: ₹8 लाख करोड़ के रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों का रणनीतिक विश्लेषण

नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 के क्रियान्वयन के बाद से राज्य को अब तक ₹8 लाख करोड़ से अधिक के भारी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। यह भारी पूंजी प्रवाह राज्य में किए गए निम्नलिखित विनियामक सुधारों का प्रत्यक्ष परिणाम है:

  • विनियामक प्रक्रियाओं का सरलीकरण: पिछले दो वर्षों में औद्योगिक स्थापना से जुड़ी 450 से अधिक जटिल प्रक्रियाओं को पूरी तरह सरल और सुगम बनाया गया है। इसमें ‘वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0’ (One-Click Single Window 2.0) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
  • भविष्य की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन: इस नीति के तहत राज्य में अब केवल पारंपरिक कोयला, सीमेंट और स्टील उद्योगों पर निर्भरता को कम किया जा रहा है। इसके स्थान पर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, हरित ऊर्जा (Green Energy) और आईटी जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों को नए विकास इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम 2026 और ‘वन क्लिक सिंगल विंडो 2.0’ का सुदृढ़ ढांचा

उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ को भारत का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाने के उद्देश्य से सरकार ने ऐतिहासिक विधायी सुधार किए हैं। इसके अतिरिक्त, विनियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ लागू किया गया है, जिसके तहत 15 लाख एमएसएमई को सीधा लाभ मिलेगा:

  • स्वतः अनुमति (Deemed Approval) का ऐतिहासिक प्रावधान: इस नए अधिनियम के अंतर्गत कम जोखिम वाले उद्योगों के मामलों में यदि संबंधित आठ विभागों की 43 विनिर्दिष्ट सेवाओं में निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्णय नहीं लिया जाता है, तो उसे ‘स्वतः स्वीकृत’ (Deemed Approved) मान लिया जाएगा। इससे लालफीताशाही का पूरी तरह अंत होगा।
  • स्टार्टअप्स को सीड फंड की कूटनीति: राज्य के युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2030 तक 5,000 स्टार्टअप स्थापित करने का कड़ा रोडमैप तैयार किया गया है। नए विचारों को व्यावसायिक रूप देने के लिए राज्य सरकार ₹10 लाख तक की ‘सीड फंड सहायता’ (Seed Fund Assistance) सीधे उपलब्ध करा रही है।

राज्य एआई मिशन और नवा रायपुर में ₹1,000 करोड़ का डेटा सेंटर पार्क

चौथी औद्योगिक क्रांति (Industry 4.0) की तकनीकों को सीधे राज्य के विकास और नागरिक सुविधाओं से जोड़ना साय सरकार के कड़े संकल्पों का हिस्सा है। तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत ₹500 करोड़ का ‘राज्य एआई मिशन’ प्रारंभ किया गया है, जिसमें 6 लाख छात्रों को एआई का कड़ा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा:

  • कड़ा एआई प्रशिक्षण और सरकारी सेवाएं: इस दूरदर्शी कार्यक्रम के तहत राज्य के 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का कड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, सुशासन को पारदर्शी बनाने के लिए 50 से अधिक एआई-आधारित नागरिक सेवाएं विकसित की जा रही हैं।
  • ढांचागत आधुनिकीकरण: ₹500 करोड़ के इस एआई मिशन के तहत राज्य भर में 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इसके पूरक के रूप में, नवा रायपुर में ₹1,000 करोड़ की अनुमानित लागत से देश का सबसे आधुनिक ‘एआई डेटा सेंटर पार्क’ (AI Data Center Park) विकसित किया जा रहा है।

बस्तर बनेगा नई अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार: ₹4,824 करोड़ की आजीविका योजना

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का विजन तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक कि बस्तर संभाग को सीधे विकास की मुख्यधारा से न जोड़ा जाए। उन्होंने बस्तर के सामाजिक और आर्थिक पुनरोद्धार के लिए साय सरकार की बड़ी योजनाओं को साझा किया:

  • आजीविका उन्नयन और शिक्षा की पुनर्बहाली: बस्तर सहित राज्य के वनांचलों के लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4,824 करोड़ की कड़क ‘आजीविका उन्नयन योजना’ को धरातल पर उतारा जा रहा है। साथ ही, बस्तर के अंदरूनी इलाकों में माओवादी हिंसा के कारण बंद हो चुके 421 स्कूलों को पुनः सक्रिय किया गया है।
  • जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना: ₹3,513 करोड़ की लागत से बनने वाली यह रेल लाइन बस्तर के प्रचुर लौह अयस्क और वन संसाधनों को सीधे राज्य के बड़े उद्योगों (जैसे भिलाई इस्पात संयंत्र) से जोड़ेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
  • पर्यटन को उद्योग का दर्जा: चित्रकोट, तीरथगढ़, और सिरपुर जैसे ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थलों को विश्व स्तरीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए छत्तीसगढ़ में ‘पर्यटन को उद्योग का दर्जा’ (Industry Status to Tourism) प्रदान किया गया है, जिससे निजी निवेश को गति मिलेगी।

UPSC & CGPSC Economic & Industrial Planning Fact Box: CG Industrial Policy, EoDB & CCTS

  • छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30: यह नीति राज्य के कोर सेक्टर्स (सीमेंट, स्टील, बिजली) में मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ावा देने के साथ-साथ न्यू-एज सेक्टर्स (सेमीकंडक्टर, फार्मा, स्पेस क्लस्टर, एआई, और डेटा सेंटर) में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित यह कानून उद्योगों को लाइसेंस और विनियामक स्वीकृतियां देने की प्रक्रिया में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। इसमें निर्दिष्ट समय में निर्णय न होने पर ‘स्वतः अनुमति’ का क्रांतिकारी प्रावधान शामिल है।
  • जगदलपुर-रावघाट रेल लाइन (3513 करोड़): यह बस्तर के रावघाट लौह अयस्क खदानों को भिलाई स्टील प्लांट से जोड़ने के लिए मार्कफेड, एनएमडीसी, सेल, और छत्तीसगढ़ सरकार की एक अत्यंत रणनीतिक संयुक्त परियोजना है।

UPSC & State PCS Mains Analysis: संसाधन-आधारित अर्थव्यवस्था से ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण

मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र, औद्योगिक भूगोल और लोक कल्याणकारी आर्थिक नियोजन के दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 का यह नया संरेखण राज्य के विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) को ‘हरित संक्रांति’ की ओर ले जाने वाला एक अभूतपूर्व कूटनीतिक प्रयास है। ऐतिहासिक रूप से, छत्तीसगढ़ भारत का एक समृद्ध खनिज उत्पादक राज्य रहा है, लेकिन इसकी अर्थव्यवस्था केवल कच्चे माल के निष्कर्षण (Primary Resource Extraction) पर टिकी थी, जिससे स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन नहीं हो पाता था और रोजगार के अवसर सीमित थे।

इस संरचनात्मक विसंगति को दूर करने के लिए, साय सरकार द्वारा ‘कच्चे माल से मूल्य संवर्धन’ (Value Addition from Raw Materials) की नीति अपनाना और राजनंदगांव में ‘स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ व 142 एकड़ के ‘फार्मा पार्क’ की स्थापना करना ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था (Knowledge-based Economy) की ओर संक्रमण का बेहतरीन उदाहरण है। इसके अतिरिक्त, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 के माध्यम से 15 लाख एमएसएमई को स्वतः अनुमति का कानूनी अधिकार देना स्थानीय विनिर्माण (MSMEs Ecosystem) को संबल प्रदान करता है। यह कड़ा नीतिगत दृष्टिकोण सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-9: उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, तथा SDG-8: सम्मानजनक कार्य और आर्थिक विकास) के समयबद्ध लक्ष्यों को पूरा करने में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की सबसे मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण औद्योगिक नीति और छत्तीसगढ़ के आर्थिक सामान्य ज्ञान पर अपनी समझ का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रस्तुत विवरणों के अनुसार, छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 के कड़े क्रियान्वयन के बाद राज्य को अब तक कुल कितने लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं?

(A) ₹3.50 लाख करोड़
(B) ₹8.00 लाख करोड़ (Over ₹8 Lakh Crore Investment Proposals)
(C) ₹12.50 लाख करोड़
(D) ₹1.72 लाख करोड़

उत्तर: (B) ₹8.00 लाख करोड़ (Over ₹8 Lakh Crore Investment Proposals)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के लागू होने के बाद से राज्य में निवेश के अनुकूल पारदर्शी सुशासन के कारण ₹8 लाख करोड़ से अधिक के भारी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ के किस जिले के ‘कटघोरा’ क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में लिथियम (Lithium) के भंडार की खोज की गई है, जिसे नई औद्योगिक नीति के तहत बैटरी निर्माण और ऊर्जा भंडारण के लिए एक प्रमुख खनिज संसाधन के रूप में चिन्हित किया गया है?

(A) दंतेवाड़ा जिला
(B) कोरबा जिला (Korba District – Katghora)
(C) सरगुजा जिला
(D) राजनंदगांव जिला

उत्तर: (B) कोरबा जिला (Korba District – Katghora)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा में लिथियम के बड़े भंडार की खोज की गई है, जो राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी विनिर्माण और नवीन ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए एक रणनीतिक आधार प्रदान करता है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत वर्ष 2030 तक राज्य में कितने स्टार्टअप स्थापित करने का विनियामक लक्ष्य रखा गया है?

छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत राज्य के युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के स्थान पर ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने के लिए वर्ष 2030 तक 5,000 नए स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए ₹10 लाख तक की सीड फंड वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।

Q2. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ में कम जोखिम वाले उद्योगों के लिए क्या विशेष विनियामक प्रावधान किया गया है?

इस अधिनियम के तहत कम जोखिम वाले उद्योगों के प्रकरणों में यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभाग द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो उसे ‘स्वतः अनुमति’ (Deemed Approval) मान लिया जाएगा। यह कानून 8 विभागों की 43 सेवाओं को कवर करता है और 15 लाख एमएसएमई को लाभान्वित करता है।

Q3. राज्य के नवीन ‘एआई मिशन’ (State AI Mission) का कुल वित्तीय बजट कितना है और इसके तहत क्या ढांचागत विकास किया जा रहा है?

छत्तीसगढ़ में ₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन पर काम किया जा रहा है, जिसके तहत 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इसके पूरक के रूप में, नवा रायपुर में ₹1,000 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • हरित और न्यू-एज सेक्टर्स पर ध्यान: छत्तीसगढ़ नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत राज्य में पहली बार सेमीकंडक्टर, एआई, डेटा सेंटर, फार्मा और ग्रीन एनर्जी को नई अर्थव्यवस्था के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में चिन्हित किया गया है, जिसके तहत ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
  • तकनीकी और एआई क्रांति: ₹500 करोड़ के ‘राज्य एआई मिशन’ के तहत 6 लाख छात्रों और 1.5 लाख कर्मचारियों को कड़ा तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा सुशासन को पारदर्शी बनाने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित नागरिक सेवाएं लागू की जाएंगी।
  • बस्तर का संतुलित विकास: बंद हो चुके 421 स्कूलों को पुनः सक्रिय करने के साथ ही ₹4,824 करोड़ की ‘बस्तर आजीविका उन्नयन योजना’ और ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल लाइन के माध्यम से बस्तर को राज्य के औद्योगिक विनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का औद्योगिक विकास, आर्थिक नियोजन, खनिज नीति एवं बजट), पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, जनजातीय कल्याण योजनाएं, और बस्तर का विकास), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी नीतियां और उनका क्रियान्वयन, ई-गवर्नेंस के अनुप्रयोग, लोक सेवा की भूमिका और सुशासन सुधार) और सामान्य अध्ययन पेपर-3 (भारतीय अर्थव्यवस्था – औद्योगिक नीति, एमएसएमई क्षेत्र, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक समसामयिक नीति व उद्योग विषय है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं खनिज साधन विभाग, पत्र सूचना कार्यालय (PIB/DPRCG), वर्ल्ड लीडर्स फोरम नई दिल्ली सचिवालय, और मुख्यमंत्री सचिवालय छत्तीसगढ़ द्वारा 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के उपरांत जारी की गई आधिकारिक उपलब्धियों और कड़े रणनीतिक भाषण प्रतिवेदनों के आंकड़ों पर आधारित है।

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