रायपुर | 21 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को सुशासन का मुख्य स्तंभ बनाते हुए और ‘महतारी गौरव वर्ष 2026’ के संकल्प को पूरा करने के लिए महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ (Mahtari Vandan Yojana) ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज 21 अगस्त 2026 को महिला एवं बाल विकास विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर द्वारा जारी विशेष आलेख के अनुसार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के कुशल मार्गदर्शन में संचालित योजनाएं आज राज्य की लाखों महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य स्तर में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।
किसी भी प्रगतिशील समाज का विकास उसकी आधी आबादी की सशक्त भागीदारी पर निर्भर करता है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी दूरगामी सोच के साथ वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में घोषित किया है, जिसके तहत महिलाओं की सुरक्षा, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार और पोषण सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व वित्तीय बजट आबंटित किया गया है। इस कड़े विन्यास में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ महिलाओं को साहूकारी ऋण और अनिश्चितता के जाल से मुक्त कर आत्मनिर्भर बनाने का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है।
| महत्वपूर्ण संकेतक | महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ एवं महिला सशक्तिकरण के मुख्य वित्तीय आंकड़े |
|---|---|
| योजना का नाम | महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ (आधिकारिक वित्तीय प्रगति) |
| संबद्ध पंजीकृत लाभार्थी | 66 लाख से अधिक विवाहित महिलाएं सीधे योजना से लाभांवित |
| संवितरित कुल राशि एवं किस्तें | 30 किस्तों के माध्यम से कुल ₹19,444 करोड़ से अधिक का डीबीटी (DBT) |
| बजटीय प्रावधान (2026-27) | ₹8,200 करोड़ का ऐतिहासिक वित्तीय बजट आबंटित |
| लखपति दीदी उपलब्धि (छत्तीसगढ़) | पीएम के राष्ट्रीय लक्ष्य के तहत राज्य में 10,43,000 से अधिक लखपति दीदी तैयार |
| नया बालिका सुरक्षा कार्यक्रम | रानी दुर्गावती योजना (18 वर्ष पूर्ण होने पर बालिकाओं को ₹1.50 लाख की सहायता) |
| सुरक्षा नवाचार (सखी वन-स्टॉप) | देश का पहला राज्य जिसने सखी केंद्रों के लिए ‘डिजिटल एसओपी’ (Digital SOP) लागू की |
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़: 66 लाख से अधिक हितग्राहियों को ₹19,444 करोड़ का प्रत्यक्ष हस्तांतरण
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को प्रारंभ की गई यह योजना आज राज्य की विवाहित महिलाओं के लिए सम्मान और सुरक्षा की गारंटी बन चुकी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ आज ग्रामीण और शहरी महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन का सबसे बड़ा माध्यम बन चुकी है:
- मासिक वित्तीय सुरक्षा: योजना के तहत राज्य की 66 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। अब तक 30 किस्तों के माध्यम से कुल ₹19,444 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के हाथों में पहुँच चुकी है।
- विशाल बजटीय समर्थन: महिलाओं के इस प्रत्यक्ष वित्तीय सुरक्षा कवच को अक्षुण्ण रखने के लिए साय सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ₹8,200 करोड़ का विशाल प्रावधान किया है, जो महिला-केंद्रित नीतियों के प्रति सरकार की कड़वाहट को प्रदर्शित करता है।
रानी दुर्गावती योजना और सखी वन-स्टॉप सेंटर की अभिनव डिजिटल एसओपी
बेटियों के सुरक्षित और स्वर्णिम भविष्य के निर्माण के साथ-साथ पीड़ित महिलाओं के त्वरित संकट समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कानून और सुरक्षा के स्तर पर कई क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं। इसके अतिरिक्त, महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ के सामाजिक प्रभाव को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बालिकाओं के 18 वर्ष पूरा होने पर ₹1.5 लाख की सहायता राशि प्रदान करने वाली ‘रानी दुर्गावती योजना’ को भी मंजूरी दी है:
- रानी दुर्गावती योजना का बजटीय संबल: इस नवीन योजना के लिए चालू वर्ष के बजट में ₹15 करोड़ का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है, जो उच्च शिक्षा और बालिकाओं के विवाह के समय वित्तीय आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही, पीएम मातृ वंदना योजना के लिए ₹120 करोड़ और मिशन वात्सल्य के लिए ₹80 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- देश की पहली डिजिटल एसओपी (Digital SOP): महिलाओं के त्वरित संकट निवारण के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में 34 ‘सखी वन-स्टॉप सेंटर’ (Sakhi One-Stop Centre) चलाए जा रहे हैं। घरेलू हिंसा और उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सकीय और अस्थायी आश्रय देने वाले इन सखी केंद्रों के कुशल और पारदर्शी संचालन के लिए ‘डिजिटल एसओपी’ लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। ये केंद्र 181 महिला हेल्पलाइन और आपातकालीन सेवा 112 से पूरी तरह एकीकृत हैं।
- महतारी सदन और पोषण बजट: राज्य में अब तक 368 ‘महतारी सदनों’ (Mahtari Sadan) को मंजूरी दी गई है (137 पूर्ण), जो महिलाओं के कौशल विकास और सामाजिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र हैं। वर्ष 2026-27 में 250 नए सदनों के लिए ₹75 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही, आंगनबाड़ियों के लिए ₹800 करोड़ और पूरक पोषण आहार के लिए ₹650 करोड़ का प्रावधान है।
10 लाख से अधिक लखपति दीदियां, बिहान मिशन और यूनिटी मॉल की स्थापना
ग्रामीण अंचलों में महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधे उत्पादन, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक विपणन (Value Addition) से जोड़कर उनकी वार्षिक आय को बढ़ाने के कड़े प्रयास किए जा रहे हैं। इस व्यापक आर्थिक परिवर्तन में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ के पूरक के रूप में काम कर रहे ‘बिहान मिशन’ ने भी अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है:
- लखपति दीदी का कीर्तिमान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi) बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य के तहत छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अब तक कुल 10 लाख 43 हजार से अधिक लखपति दीदियां तैयार कर ली हैं। ये ग्रामीण महिलाएं रेडी-टू-ईट निर्माण, जैविक खेती, पशुपालन, और हस्तशिल्प से प्रतिवर्ष ₹1 लाख से अधिक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं।
- वैश्विक पहचान और यूनिटी मॉल: महिला समूहों के जैविक उत्पादों (जैसे जशपुर की जनजातीय महिलाओं का ‘जशप्योर’ – Jashpyor ब्रांड, सखी साड़ी और मिलेट्स कैफे) को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ₹200 करोड़ की लागत से एक भव्य ‘यूनिटी मॉल’ (Unity Mall) का निर्माण कर रही है। साथ ही सफल महिला उद्यमियों को देश-विदेश के अध्ययन दौरे के लिए ‘लखपति दीदी भ्रमण योजना’ शुरू की गई है।
- श्रमिक महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा: महिला निर्माण श्रमिकों के लिए ‘मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना’ के तहत ₹20,000, सिलाई मशीन के लिए ₹7,900, दीदी ई-रिक्शा सहायता अनुदान, और गर्भवती महिला श्रमिकों के लिए ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ के तहत ₹20,000 की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही, सुशिक्षा योजना के तहत 2.18 लाख छात्राओं को ₹500 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति और ‘शुचिता योजना’ के तहत 2 हजार स्कूलों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं।
UPSC & CGPSC Social Sector Fact Box: PMAY-G, PESA, Sakhi & Lakhpati Didi
- महतारी वंदन योजना: 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 (वार्षिक ₹12,000) की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके स्वास्थ्य, पोषण और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करना है।
- लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi): यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक संयुक्त राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को कौशल विकास और वित्तीय साक्षरता प्रदान कर उनकी वार्षिक आय को न्यूनतम ₹1 लाख (₹1 Lakh per annum) तक पहुँचाना है।
- सखी वन-स्टॉप सेंटर (Sakhi One-Stop): यह हिंसा से पीड़ित महिलाओं को निजी और सार्वजनिक दोनों स्थानों पर एक ही छत के नीचे एकीकृत सहायता (विधिक, चिकित्सा, परामर्श और आश्रय) प्रदान करने वाली केंद्र प्रायोजित योजना है। छत्तीसगढ़ इसके डिजिटल एसओपी (Standard Operating Procedure) क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य है।
UPSC & State PCS Mains Analysis: जेंडर-रेस्पॉन्सिव बजटिंग (Gender-Responsive Budgeting), आस्ति निर्माण और वित्तीय स्वायत्तता
मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र, लोक नीति, लिंग-संवेदी बजट (Gender-Responsive Budgeting), महिला उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के दृष्टिकोण से महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ का यह बहु-विषयक ढांचा छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन से समृद्धि’ की ओर संक्रमण का सबसे मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करता है। किसी भी विकासशील अर्थव्यवस्था में केवल ‘नकद हस्तांतरण’ (Unconditional Cash Transfers) अक्सर ‘निर्भरता जाल’ (Dependency Trap) को जन्म देता है।
इस चुनौती के वैज्ञानिक समाधान के रूप में, छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना के नकद हस्तांतरण को ‘बिहान’ (NRLM) के माध्यम से आस्ति-निर्माण (Asset Creation – जैसे दीदी ई-रिक्शा, मिलेट कैफे, जशप्योर ब्रांड) और कौशल विकास (Lakhpati Didi) के साथ एकीकृत किया है। यह कड़ा कूटनीतिक संयोजन महिलाओं को केवल उपभोक्ता से बदलकर ‘सक्रिय उत्पादक और उद्यमी’ बनाता है, जिससे उनके घरेलू निर्णय लेने की मोलतोल शक्ति (Bargaining Power) में तीव्र वृद्धि होती है। यह पारदर्शी सुशासन सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-5: लैंगिक समानता, SDG-1: शून्य गरीबी, और SDG-8: सम्मानजनक कार्य और आर्थिक विकास) के समयबद्ध लक्ष्यों को पूरा करने में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को पूरा करने की सबसे मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण महिला कल्याणकारी रिपोर्ट और छत्तीसगढ़ की योजनाओं पर अपनी समझ का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में ‘महतारी गौरव वर्ष 2026’ के अंतर्गत घोषित प्रगति के अनुसार, महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ के तहत अब तक राज्य की 66 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल कितने करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की जा चुकी है?
(A) ₹5,200 करोड़ से अधिक
(B) ₹19,444 करोड़ से अधिक (Over ₹19,444 Crore via DBT)
(C) ₹10,500 करोड़ से अधिक
(D) ₹8,200 करोड़ से अधिक
उत्तर: (B) ₹19,444 करोड़ से अधिक (Over ₹19,444 Crore via DBT)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ में इस योजना के सफल संचालन के तहत अब तक 30 किस्तों के माध्यम से 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में ₹19,444 करोड़ से अधिक की राशि सीधे भेजी जा चुकी है। चालू बजट में इसके लिए ₹8,200 करोड़ का प्रावधान है।
प्रश्न 2: हिंसा और उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं को त्वरित कानूनी और चिकित्सीय सहायता देने वाले ‘सखी वन-स्टॉप सेंटर’ (Sakhi) के पारदर्शी संचालन के लिए ‘डिजिटल एसओपी’ (Digital SOP) लागू करने वाला देश का पहला राज्य कौन-सा बन गया है?
(A) मध्य प्रदेश
(B) छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh – First in India)
(C) राजस्थान
(D) उत्तर प्रदेश
उत्तर: (B) छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh – First in India)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसने सभी 33 जिलों में संचालित 34 सखी वन-स्टॉप सेंटरों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग और प्रबंधन के लिए पूर्णतः ‘डिजिटल एसओपी’ लागू की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ क्या है और इसे कब शुरू किया गया था?
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को प्रारंभ किया गया था। इसके तहत राज्य की 66 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं को उनके पोषण और आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रतिमाह ₹1,000 (वार्षिक ₹12,000) की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता दी जाती है।
Q2. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए शुरू की जा रही ‘रानी दुर्गावती योजना’ का क्या मुख्य प्रावधान है?
‘रानी दुर्गावती योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की गरीब बेटियों के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर उनकी उच्च शिक्षा और विवाह के लिए ₹1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये) की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिसके लिए चालू बजट में ₹15 करोड़ का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है।
Q3. ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर क्या विशेष कीर्तिमान स्थापित किया है?
प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप, छत्तीसगढ़ ने बिहान (NRLM) मिशन के तहत असाधारण प्रगति करते हुए राज्य में 10 लाख 43 हजार से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ (वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक) के रूप में विकसित करने में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- डीबीटी (DBT) का ऐतिहासिक कीर्तिमान: महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ के तहत अब तक 30 किस्तों के माध्यम से 66 लाख से अधिक महिलाओं को कुल ₹19,444 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया है, जो उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है।
- रानी दुर्गावती योजना और सुरक्षा नवाचार: बालिकाओं के लिए ₹1.5 लाख की ‘रानी दुर्गावती योजना’ और सखी वन-स्टॉप सेंटर के कुशल संचालन के लिए देश की पहली ‘डिजिटल एसओपी’ का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ के संवेदनशील सुशासन को दर्शाता है।
- लखपति दीदी और वैश्विक ब्रांडिंग: 10.43 लाख से अधिक लखपति दीदियों के माध्यम से जशप्योर (Jashpyor) जैसे स्थानीय जनजातीय उत्पादों और मिलेट कैफे को ₹200 करोड़ के नवनिर्मित ‘यूनिटी मॉल’ के जरिए वैश्विक बाजार प्रदान किया जा रहा है।
UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, महिला एवं बाल विकास कल्याण योजनाएं – महतारी वंदन, लखपति दीदी, सखी वन-स्टॉप), पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का बजट और आर्थिक नियोजन), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी कल्याणकारी नीतियां, लैंगिक संवेदी बजटिंग, महिला संगठनों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका, सामाजिक न्याय) और सामान्य अध्ययन पेपर-3 (भारतीय अर्थव्यवस्था – महिला श्रम बल भागीदारी, वित्तीय समावेशन और समावेशी विकास) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक समसामयिक सामाजिक व नीति विषय है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह विशेष आलेख छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग, पत्र सूचना कार्यालय (PIB/DPRCG), राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), और महिला एवं बाल विकास विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर द्वारा 21 अगस्त 2026 को जारी किए गए आधिकारिक ‘महतारी गौरव वर्ष’ प्रगति प्रतिवेदनों और सांख्यिकीय बजटीय आंकड़ों पर आधारित है।
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