By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर | 25 मई
पेट्रोल-डीजल के दाम एक बार फिर से आसमान छूने लगे हैं। देश में 12 दिनों के भीतर तीसरी बार ईंधन की कीमतों में की गई बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। इसे लेकर राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मूल्य वृद्धि को जनता पर ‘अत्याचार’ करार देते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा और करारा हमला बोला है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सोमवार को बयान जारी करते हुए सरकार की नीयत और पेट्रोलियम कंपनियों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेट्रोल और डीजल का कृत्रिम संकट (Artificial Crisis) पैदा करके जानबूझकर इसके दाम बढ़ा रही है।
पेट्रोल-डीजल के दाम: कितनी हुई है अब तक बढ़ोतरी?
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि मोदी सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां लगातार दाम बढ़ा रही हैं। ताजा बढ़ोतरी में:
- पेट्रोल के दामों में 87 पैसे का इजाफा किया गया है।
- डीजल के दामों में 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने पुराने आंकड़े याद दिलाते हुए कहा कि इससे पहले भी दो बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं:
- पहली बार: 3.30 रुपए की बढ़ोत्तरी।
- दूसरी बार: 95 पैसे की बढ़ोत्तरी।
- अब: इस बार पेट्रोल में 2.61 रुपए और डीजल में 2.71 रुपए के टैक्स/कीमतों को मिलाकर लगातार जनता की जेब काटी जा रही है।
शुक्ला ने दावा किया कि अब तक कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल के दामों में 8.50 रुपए से अधिक की भारी वृद्धि की जा चुकी है।
“20 रुपए तक दाम बढ़ाने की फिराक में है सरकार”
कांग्रेस ने एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम में सीधे 20 रुपए तक की भारी बढ़ोतरी करना चाह रही है। इसी छिपे हुए एजेंडे को अंजाम देने के लिए देश और प्रदेश में डीजल-पेट्रोल का एक ‘कृत्रिम संकट’ (Artificial Shortage) पैदा किया गया।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा:
“पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के साथ ही पूरे दिन प्रदेश के अधिकांश पेट्रोल पंपों से डीजल गायब कर दिया गया था। यह कृत्रिम संकट इसलिए पैदा किया गया ताकि जनता परेशान हो जाए और दाम बढ़ाने के फैसले को मजबूरी में सही मान ले।”
कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि मोदी सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों को जनता को लूटने की खुली छूट दे दी है। जब सरकार जनता के बजाय कंपनियों के नफे-नुकसान की चिंता करने लगे, तो देश की आम जनता महंगाई के भारी बोझ तले दबती चली जाएगी।
पेट्रोल पंपों पर लाइनें: ‘कमी का ड्रामा कर बढ़ाए रेट’
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी की ‘अदूरदर्शी अपील’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार को पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने थे, इसीलिए पहले ईंधन की कमी का एक सुनियोजित ड्रामा रचा गया।
शुक्ला ने आरोप लगाया:
- “प्रधानमंत्री की अपील के कारण पूरे देश में एक भय और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।”
- “लोग भविष्य में पेट्रोल-डीजल के भारी संकट के डर से ग्रसित होकर पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी लाइनें लगाने लगे।”
- “आज भी हालत यह है कि शहरों के आउटर (बाहरी इलाकों) के पेट्रोल पंपों पर डीजल नहीं मिल रहा है।”
कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने पहले संकट का यह पूरा ‘माया जाल’ रचा, जनता को लाइनों में खड़ा करके परेशान किया और अब धीरे-धीरे करके पेट्रोल-डीजल के दाम मनमाफिक तरीके से बढ़ाए जा रहे हैं।
निष्कर्ष: जनता पर दोहरी मार
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया को मोदी सरकार का ‘जन विरोधी निर्णय’ बताया है। एक तरफ आम आदमी पहले ही बढ़ती महंगाई और खाद्य पदार्थों की कीमतों से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों ने ट्रांसपोर्टेशन और रोजमर्रा की चीजों को और अधिक महंगा कर दिया है। कांग्रेस ने इस मूल्य वृद्धि का कड़ा विरोध करते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।