Published on 02 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) को सुरक्षित करने और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज 2 अगस्त 2026 को देशव्यापी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026 का शुभारंभ किया है। इस ऐतिहासिक वर्चुअल कार्यक्रम में देश के 28,000 से अधिक स्थानों से लगभग 1 करोड़ से अधिक युवा सीधे तौर पर जुड़े।
प्रधानमंत्री ने इस अभियान को केवल एक स्वास्थ्य पहल न मानकर, इसे राष्ट्र निर्माण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील संकल्प बताया है। उन्होंने जोर दिया कि एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए देश की युवा पीढ़ी का शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना, आत्मविश्वास से ओतप्रोत होना और नशीली दवाओं जैसी आत्मघाती आदतों से पूरी तरह मुक्त रहना अनिवार्य है।
| महत्वपूर्ण संकेतक | Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026 के प्रमुख तथ्य व कड़े आंकड़े |
|---|---|
| योजना का नाम | नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान (Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan) |
| लॉन्च की तिथि | 2 अगस्त 2026 |
| कुल लक्षित सहभागिता (पहले दिन) | 28,000 से अधिक स्थानों से 1 करोड़ से अधिक युवा नागरिक जुड़े |
| ऐतिहासिक उत्पत्ति (पायलट प्रोजेक्ट) | वर्ष 2025 में काशी (वाराणसी) की पावन भूमि से शुरुआत |
| वैधानिक/सांस्कृतिक घोषणा-पत्र | ‘काशी घोषणा-पत्र’ (Kashi Declaration) – 125 से अधिक आध्यात्मिक और गैर-सरकारी संगठन (NGOs) शामिल |
| अभियान की रूपरेखा (रोडमैप) | 100 सप्ताह का विशेष रोडमैप (100 संडे महा-अभियान) |
| मुख्य भागीदार समूह | मेरा युवा भारत (MY Bharat) के स्वयंसेवक, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के छात्र, और विश्वविद्यालय |
यह भी पढ़ें: Naxal Free India Campaign 2026: देश हुआ पूरी तरह नक्सल मुक्त, सरकार की एकीकृत रणनीति को मिली सफलता
Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026: काशी घोषणा-पत्र से राष्ट्रीय आंदोलन तक का सफर
इस राष्ट्रीय अभियान की नींव पिछले वर्ष रखी गई थी, जब इसे वाराणसी में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद ही Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026 को एक राष्ट्रीय अभियान के रूप में विस्तारित किया गया है।
- काशी घोषणा-पत्र (Kashi Declaration): वाराणसी में शुरू किए गए इस मिशन में वैज्ञानिक समझ, आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समर्पण का एक अनूठा समन्वय देखने को मिला था। काशी घोषणा-पत्र के तहत देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों और प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने एक साथ आकर युवाओं को नशे की गर्त से बाहर निकालने का कल्याणकारी संकल्प लिया था।
- राष्ट्रीय विस्तार: आध्यात्मिक और सामाजिक संगठनों के इसी संयुक्त मॉडल को अब पूरे देश में एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में लागू कर दिया गया है। देश के करोड़ों युवाओं ने इस अवसर पर ‘नशा मुक्त जीवन’ जीने और अपने शैक्षणिक संस्थानों व समुदायों में इस संदेश का प्रचार करने की शपथ ली है।
यह भी पढ़ें: Asmita Dey CWG Gold 2026: त्रिपुरा की अस्मिता डे ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को दिलाया पहला जूडो स्वर्ण
Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026: 100 हफ्तों का विशेष रोडमैप
इस आंदोलन को निरंतर सक्रिय बनाए रखने के लिए सरकार और नागरिक समाज ने मिलकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है:
- 100 संडे की संकल्पना: प्रधानमंत्री ने बताया कि इस अभियान के तहत 100 हफ्तों का एक विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत आने वाले प्रत्येक रविवार (Sunday) को देश भर के गांवों, कस्बों और शहरों में विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
- विविध रचनात्मक गतिविधियां: इन 100 रविवारों के दौरान युवाओं को कला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, संगीत, योग और ध्यान (Meditation) जैसी रचनात्मक विधाओं से जोड़ा जाएगा। यह दृष्टिकोण युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा और उन्हें नशे से दूर रखेगा।
- MY Bharat स्वयंसेवकों की भूमिका: इस महा-अभियान में ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) पोर्टल के पंजीकृत स्वयंसेवकों और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के छात्रों को मुख्य एंबेसडर बनाया गया है, जो सीधे जमीनी स्तर पर परिवारों से संपर्क स्थापित करेंगे।
पारिवारिक खुला संवाद और सामाजिक स्वीकार्यता पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में नशे की समस्या से निपटने के लिए पारंपरिक और चिकित्सीय दोनों दृष्टिकोणों को अपनाने पर विशेष बल दिया:
- सामाजिक प्रतिष्ठा बनाम चिकित्सीय सहायता: प्रधानमंत्री ने परिवारों से अपील की कि यदि घर का कोई बच्चा अनजाने में नशे की लत का शिकार हो जाता है, तो उसे ‘सामाजिक प्रतिष्ठा’ या लोक-लाज के डर से छिपाने की कोशिश न करें। इसके विपरीत, डॉक्टरों, मनोचिकित्सकों और पुनर्वास केंद्रों (Rehabilitation Centers) की मदद लेकर उसे जल्द से जल्द इस चक्रव्यूह से बाहर निकालें।
- खुले संवाद की संस्कृति (Open Communication): परिवारों में माता-पिता और बच्चों के बीच एक ऐसा दोस्ताना माहौल होना चाहिए जहाँ बच्चे अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें। खुला संवाद बच्चों को नशे के दलदल में गिरने से पहले ही बचा सकता है।
- विश्वविद्यालयों और प्राध्यापकों से अपील: प्रधानमंत्री ने देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रोफेसरों से आग्रह किया कि वे अपने नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्रों के साथ नशीली दवाओं के नुकसान पर नियमित चर्चा करें और परिसरों (Campuses) को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के लिए आंदोलनों का नेतृत्व करें।
- योद्धा के रूप में स्वीकार्यता: नशे की लत से लड़कर बाहर आने वाले युवाओं को समाज में हेय दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, “जो युवा नशे की लत को हराकर बाहर आते हैं, वे कमजोर नहीं होते; वे वास्तविक योद्धा (Warriors) होते हैं, जिनका असाधारण साहस ही उनकी असली पहचान है।”
UPSC Prelims Fact Box: MY Bharat & Nasha Mukt Bharat Initiatives
- मेरा युवा भारत (MY Bharat) पोर्टल: इसे 31 अक्टूबर 2023 को केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किया गया था। यह एक स्वायत्त निकाय (Autonomous Body) है जो 15-29 वर्ष के युवाओं के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करता है, ताकि वे नेतृत्व कौशल सीख सकें और सामाजिक विकास के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
- नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA): सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा देश के सबसे संवेदनशील जिलों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए 15 अगस्त 2020 को शुरू किया गया एक व्यापक अभियान है।
- संस्थागत समन्वय: नया ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ गृह मंत्रालय, सामाजिक न्याय मंत्रालय और खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय के साझा प्रयासों और एनजीओ के सहयोग से चलाया जा रहा है।
UPSC & State PCS Mains Analysis: जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) और सामाजिक सुरक्षा
सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026 को केवल एक स्वास्थ्य पहल के रूप में नहीं, बल्कि भारत की ‘मानव पूंजी’ (Human Capital) को सुरक्षित रखने की एक आवश्यक आर्थिक और सामाजिक रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए।
भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक है, जिसे ‘अमृत पीढ़ी’ कहा जाता है। हालांकि, यदि यह युवा पीढ़ी नशीली दवाओं के चंगुल में फंसती है, तो भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश देश के लिए एक गंभीर ‘जनसांख्यिकीय आपदा’ (Demographic Disaster) में बदल सकता है। नशा न केवल व्यक्ति की कार्यक्षमता को नष्ट करता है, बल्कि यह परिवारों के आर्थिक विघटन और अपराध दरों में वृद्धि का कारण भी बनता है।
इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार द्वारा अपनाई जा रही ‘मल्टी-स्टेकहोल्डर अप्रोच’ (जिसमें सरकारी एजेंसियां, आध्यात्मिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और परिवार एक साथ शामिल हैं) न्यूनतम शासन-अधिकतम सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति पक्ष (Supply Side) पर सरकार द्वारा ड्रग तस्करों के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई (हजारों करोड़ की जब्ती और गिरफ्तारियां) और मांग पक्ष (Demand Side) पर योग, ध्यान और पुनर्वास के एकीकरण से भारत में एक व्यापक नशा-विरोधी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो रहा है, जो विकसित भारत @ 2047 के सपने को साकार करने की रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक अभियान पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में 2 अगस्त 2026 को लॉन्च किए गए Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026 का पायलट प्रोजेक्ट पूर्व में किस ऐतिहासिक स्थान से शुरू किया गया था?
(A) केदारनाथ, उत्तराखंड
(B) काशी (वाराणसी), उत्तर प्रदेश
(C) उज्जैन, मध्य प्रदेश
(D) पुरी, ओडिशा
उत्तर: (B) काशी (वाराणसी), उत्तर प्रदेश
व्याख्या: प्रधानमंत्री के संबोधन के अनुसार, इस राष्ट्रीय अभियान का पायलट प्रोजेक्ट पिछले वर्ष ‘काशी’ की पावन भूमि से शुरू किया गया था, जहाँ 125 से अधिक आध्यात्मिक और स्वयंसेवी संगठनों ने ‘काशी घोषणा-पत्र’ के तहत इस पर अपनी सहमति दी थी।
प्रश्न 2: ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) पोर्टल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित एक स्वायत्त निकाय है।
2. यह मुख्य रूप से 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के युवाओं के विकास और देश के निर्माण में उनकी भागीदारी पर केंद्रित है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों
व्याख्या: दोनों कथन सत्य हैं। MY Bharat पोर्टल को 31 अक्टूबर 2023 को लॉन्च किया गया था, जो देश की युवा शक्ति (15-29 वर्ष) को सशक्त बनाने और उन्हें विभिन्न जन-कल्याणकारी आंदोलनों (जैसे नशा मुक्ति अभियान) में सक्रिय स्वयंसेवक के रूप में जोड़ने का काम करता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026 क्या है और इसकी रूपरेखा क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अगस्त 2026 को शुरू किया गया एक राष्ट्रीय जन-आंदोलन है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को नशे की लत से पूरी तरह मुक्त बनाना है। इसके तहत 100 सप्ताह का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें प्रत्येक रविवार को रचनात्मक, खेल और योग से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
Q2. इस अभियान में ‘काशी घोषणा-पत्र’ (Kashi Declaration) की क्या प्रासंगिकता है?
‘काशी घोषणा-पत्र’ वाराणसी में शुरू किए गए इस अभियान के पायलट प्रोजेक्ट का मूल आधार था। इसके तहत देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों और NGOs ने एक साथ आकर वैज्ञानिक, सामाजिक और आध्यात्मिक तरीकों से युवाओं को नशे के चंगुल से बाहर निकालने का साझा संकल्प लिया था, जिसे अब पूरे देश में विस्तारित किया गया है।
Q3. नशे से पीड़ित बच्चों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री ने परिवारों को क्या कूटनीतिक सलाह दी है?
प्रधानमंत्री ने सलाह दी है कि सामाजिक प्रतिष्ठा या लोक-लाज के भय से बच्चों की इस समस्या को छिपाना नहीं चाहिए। इसके बजाय, परिवारों को बच्चों के साथ खुलकर संवाद स्थापित करना चाहिए और समय पर डॉक्टरों तथा आधुनिक पुनर्वास केंद्रों (Rehabilitation Centers) की चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- विशाल जन-भागीदारी और 100 संडे अभियान: Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026 के पहले दिन 28,000 से अधिक स्थानों से 1 करोड़ से अधिक युवा जुड़े। आगामी 100 हफ्तों तक प्रत्येक रविवार को रचनात्मक और आध्यात्मिक गतिविधियों के जरिए इस आंदोलन को जीवंत रखा जाएगा।
- आध्यात्मिक और वैज्ञानिक समन्वय: काशी घोषणा-पत्र के तहत 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों और NGOs की भागीदारी से तैयार इस मॉडल को अब राष्ट्रीय परियोजना के रूप में लागू किया गया है।
- सहानुभूतिपूर्ण और व्यावहारिक दृष्टिकोण: सरकार ने नशे से मुक्त होकर मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को ‘योद्धा’ (Warriors) बताया है और समाज से उन्हें बिना किसी कलंक (Stigma) के सहर्ष स्वीकार करने की अपील की है।
UPSC Relevance (यूपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सामान्य अध्ययन पेपर-2 (कमजोर और संवेदनशील वर्गों के सामाजिक कल्याण से जुड़ी सरकारी नीतियां, स्वास्थ्य और मानव संसाधन विकास) और सामान्य अध्ययन पेपर-4 (नैतिक मूल्य, सामाजिक व्यवहार और निर्णय क्षमता) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, और पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi) द्वारा 2 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक शिखर संबोधन विवरण पर आधारित है।
2 thoughts on “Nasha Mukt Yuva Sankalp Abhiyan 2026: पीएम मोदी ने लॉन्च किया ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’; काशी घोषणा-पत्र का हुआ राष्ट्रीय विस्तार, 100 हफ्तों का रोडमैप तैयार”