अमित शाह का बस्तर पर बयान ‘झूठ का पुलिंदा’, भूपेश बघेल और चरणदास महंत का तीखा पलटवार

भूपेश बघेल और चरणदास महंत प्रेस वार्ता

By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर, 20 मई 2026


छत्तीसगढ़ में राजनीतिक पारा एक बार फिर चरम पर है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे और वहां किए गए दावों को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय ‘राजीव भवन’ में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने अमित शाह के बस्तर संबंधी बयानों को “सिर्फ झूठ का पुलिंदा” करार दिया।

भूपेश बघेल का सीधा हमला: “साय सरकार ने शाह को गुमराह किया”

प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिंदुवार तरीके से अमित शाह और छत्तीसगढ़ की साय सरकार पर निशाना साधा। बघेल ने कहा कि अमित शाह ने बस्तर से नक्सलवाद खत्म होने की जो बात कही है, वह स्वागत योग्य है, लेकिन इसके पीछे कांग्रेस सरकार की 5 साल की मेहनत है, जिसे छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।

बघेल ने आरोप लगाया कि:

“अमित शाह को राज्य की साय सरकार ने गलत आंकड़े देकर गुमराह किया है। शाह अपना 2022 का वह बयान भूल गए, जब उन्होंने खुद माना था कि वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) अब छत्तीसगढ़ के एक छोटे से हिस्से तक सीमित रह गया है।”

‘सच क्या है?’ बघेल ने गिनाए अपनी सरकार के काम

पूर्व सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार ने ही नक्सल उन्मूलन का ठोस आधार तैयार किया था:

  • स्कूलों का खुलना: अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के कारण स्कूल बंद हुए, लेकिन वे यह बताना भूल गए कि 400 स्कूल रमन सिंह सरकार में बंद हुए थे। कांग्रेस सरकार ने बस्तर में 275 बंद स्कूल फिर से खोले।
  • राशन की व्यवस्था: यह सरासर झूठ है कि बस्तर के लोगों को राशन नहीं मिलता था। 2023 के अंत तक बस्तर संभाग के 7 जिलों में 1538 राशन दुकानें चल रही थीं, जहाँ से 21,200 मीट्रिक टन चावल हर महीने बंट रहा था।
  • आरक्षण की सच्चाई: अमित शाह 15% आरक्षण देने की बात कर रहे हैं, जबकि बस्तर में आदिवासियों को स्थानीय स्तर पर 32 से 50 प्रतिशत तक आरक्षण पहले से मिल रहा है।

“जो बातें अमित शाह कहना भूल गए…”

भूपेश बघेल ने भाजपा के 15 साल के पिछले शासनकाल (रमन सिंह सरकार) की याद दिलाते हुए अमित शाह को कटघरे में खड़ा किया:

  1. फर्जी एनकाउंटर: 15 साल की रमन सरकार में आदिवासियों को भीषण पीड़ा झेलनी पड़ी, फर्जी एनकाउंटर हुए और हजारों मासूम आदिवासियों को जेल भेजा गया।
  2. गांव हुए खाली: रमन सिंह के समय में ही बस्तर के 700 गांव खाली करवाने पड़े थे।
  3. झीरम घाटी कांड: भाजपा शासनकाल में ही कांग्रेस नेताओं की एक पूरी पीढ़ी को नक्सली हमले (झीरम घाटी) में खत्म कर दिया गया, जिसकी सही जांच आज तक नहीं होने दी गई।

बघेल ने सख्त लहजे में कहा, “अमित शाह जी श्रेय जरूर लें, लेकिन कांग्रेस सरकार के कंधे पर पैर रखकर ऊंचा दिखने की कोशिश न करें।”


🔗 इसे भी पढ़ें: Bastar Naxal Free Declaration: भारत हुआ ‘नक्सल-मुक्त’, अमित शाह ने जगदलपुर में किया बड़ा ऐलान, सुरक्षा कैंप अब बनेंगे “वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा”


महंत का तंज: “रमन सिंह को बनाएं गाय-भैंस योजना का सलाहकार”

प्रेस वार्ता के दूसरे हिस्से में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अमित शाह की उस घोषणा पर तीखा तंज कसा, जिसमें शाह ने बस्तर के हर आदिवासी परिवार को एक गाय और भैंस देने की बात कही है।

डॉ. महंत ने इतिहास याद दिलाते हुए कहा:

“2003 में रमन सिंह सरकार ने भी हर आदिवासी को एक दुधारू गाय देने की योजना शुरू की थी। नतीजा यह हुआ कि पूरे देश से बीमार और बिना दूध वाली गायें छत्तीसगढ़ लाई गईं, जो कुछ ही महीनों में मर गईं। यह सैकड़ों करोड़ का घोटाला था। अब अगर शाह जी फिर से गाय-भैंस बांट रहे हैं, तो उन्हें डॉ. रमन सिंह जी को इस योजना की सलाहकार समिति का अध्यक्ष बना देना चाहिए, ताकि उनके ‘कटु अनुभवों’ का लाभ मिल सके।”

डॉ. महंत ने यह भी याद दिलाया कि अमित शाह जिस गुजरात के ‘अमूल’ (आनंद दुग्ध संगठन) का उदाहरण दे रहे हैं, वह पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और डॉ. वर्गीज कुरियन की ही देन है।

निष्कर्ष:
कांग्रेस की इस आक्रामक प्रेस वार्ता ने स्पष्ट कर दिया है कि बस्तर और नक्सलवाद के मुद्दे पर वह बैकफुट पर जाने को तैयार नहीं है। राज्य सरकार और केंद्र के दावों को झूठा साबित करने के लिए कांग्रेस ने आंकड़ों की पूरी झड़ी लगा दी है।

इस महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, अमितेश शुक्ल, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, विधायक अनिला भेड़िया, अंबिका मरकाम, जनक ध्रुव, सावित्री मंडावी, गुरुमुख सिंह होरा, महामंत्री सकलेन कामदार, संयुक्त महामंत्री अशोक राज आहूजा, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा, प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह उपस्थित थे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *