BHASHINI AI Shrutlekh NCGG: मसूरी में 9 देशों के सिविल सेवकों के लिए लाइव ट्रांसलेशन; ‘श्रुतलेख’ प्लेटफॉर्म से भाषिणी एआई ने मिटाई भाषा की दीवार

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नई दिल्ली/मसूरी, 13 अक्टूबर: भारत का स्वदेशी बहुभाषी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल अब देश की सीमाओं को पार कर वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक सहयोग का सबसे सशक्त माध्यम बन गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) ने BHASHINI AI Shrutlekh NCGG (भाषिणी एआई श्रुतलेख एनसीजीजी) के तहत मसूरी में 9 देशों के विदेशी सिविल सेवकों के लिए रीयल-टाइम बहुभाषी अनुवाद की सफल शुरुआत की है। नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) में 12 से 23 अक्टूबर 2026 तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में भाषिणी के अत्याधुनिक ‘श्रुतलेख’ (Shrutlekh) प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप ने स्पैनिश और अंग्रेजी भाषा के बीच दोतरफा लाइव वाक्-अनुवाद (Speech-to-Speech Translation) कर विदेशी राजनयिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘BHASHINI AI Shrutlekh NCGG’: मसूरी में अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवकों के बीच लाइव संवाद के लिए भाषिणी का एआई टूल ‘श्रुतलेख’ तैनात।
  • 9 देशों के प्रतिनिधि शामिल: पेरू, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, फिलिस्तीन, लेबनान, गाम्बिया, इक्वाडोर और स्पेन के सिविल सेवकों ने किया उपयोग।
  • अंग्रेजी-स्पैनिश में रीयल-टाइम अनुवाद: ‘श्रुतलेख’ ने अंग्रेजी से स्पैनिश और स्पैनिश से अंग्रेजी में निर्बाध दोतरफा अनुवाद उपलब्ध कराया।
  • आईटीईसी (ITEC) व विदेश मंत्रालय की पहल: प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) और विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा आयोजित कार्यक्रम।
  • भाषिणी का विशाल प्रभाव: देश भर के 2,353 सरकारी पोर्टल्स और 800+ वेबसाइटों से जुड़ी भाषिणी; रोजाना 2.4 करोड़ से अधिक एआई इन्फरेंस।
  • 36 भारतीय व 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं: टेक्स्ट में 36 और वॉयस में 23 भारतीय भाषाओं के साथ 35 विदेशी भाषाओं को सपोर्ट करता है मॉडल।

BHASHINI AI Shrutlekh NCGG: 9 देशों के सिविल सेवकों के बीच मिटाई भाषा की सीमा

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रतिष्ठित ‘भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग’ (ITEC) कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के तत्वावधान में नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) मसूरी में 12 से 23 अक्टूबर 2026 तक ‘अर्बन सर्विस डिलीवरी’ पर अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।

BHASHINI AI Shrutlekh NCGG की इस तैनाती में जब पेरू, इक्वाडोर और स्पेन जैसे स्पैनिश भाषी देशों के सिविल सेवक नाइजीरिया, केन्या, कंबोडिया, फिलिस्तीन, लेबनान और गाम्बिया के अंग्रेजी भाषी अधिकारियों के साथ आइस-ब्रेकिंग सत्र में बैठे, तो भाषा उनके संवाद में बाधा बन रही थी। भारत के ‘श्रुतलेख’ प्लेटफॉर्म ने चंद मिलीसेकंड्स में उनकी आवाज को पहचानकर सटीक दोतरफा अनुवाद स्क्रीन और ऑडियो में प्रस्तुत किया, जिससे सभी प्रतिनिधि सहजता से विचारों का आदान-प्रदान कर सके।

‘श्रुतलेख’ (Shrutlekh) टूल का कमाल: अंग्रेजी और स्पैनिश में दोतरफा लाइव अनुवाद

भाषिणी की टीम ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को ‘श्रुतलेख’ और भाषिणी मोबाइल ऐप की कार्यप्रणाली से परिचित कराया। इस टूल की सबसे बड़ी खासियत इसका वॉइस-फर्स्ट (Voice-First Multilingual AI) दृष्टिकोण है:

  • द्विदिशीय अनुवाद (Two-Way Translation): मंच पर स्पैनिश में बोले गए भाषण को तात्कालिक रूप से अंग्रेजी में और अंग्रेजी में बोले गए प्रश्नों को तुरंत स्पैनिश में बदला गया।
  • 23 अक्टूबर तक सेवा उपलब्ध: पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ‘श्रुतलेख’ सिस्टम सक्रिय रहेगा ताकि केस स्टडीज और नीतिगत चर्चाओं में विदेशी प्रतिनिधियों को किसी मानवीय दुभाषिए (Human Interpreter) की आवश्यकता न पड़े।

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भाषिणी का वॉइस-फर्स्ट विजन: स्वास्थ्य, वित्त और कृषि में बहुभाषी एआई का विस्तार

कार्यक्रम के दौरान भाषिणी टीम ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को भारत के भाषा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Language DPI) की व्यापक क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

प्रतिनिधियों को बताया गया कि कैसे भारत में यह तकनीक केवल सम्मेलनों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन (UPI), कृषि परामर्श और आम नागरिक सेवाओं (Public Service Delivery) में अनपढ़ या केवल स्थानीय बोली बोलने वाले नागरिकों को अपनी ही भाषा में डिजिटल सेवाएं लेने में सक्षम बना रही है। विदेशी प्रतिनिधियों ने भारत के इस मॉडल को अपने-अपने देशों के सार्वजनिक प्रशासन में लागू करने की गहरी इच्छा जताई।

डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) का विशाल प्रभाव: 9 बिलियन एआई इन्फरेंस

डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत कार्य कर रही डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) आज दुनिया के सबसे बड़े भाषा एआई पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक बन चुकी है:

  • सरकारी सेवाओं से एकीकरण: भाषिणी की भाषा तकनीक देश भर के 2,353 सरकारी प्लेटफॉर्म्स और 800 से अधिक आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों में सफलतापूर्वक एकीकृत (Integrate) की जा चुकी है।
  • बहुभाषी दायरा: यह प्लेटफॉर्म टेक्स्ट में 36 भारतीय भाषाओं, आवाज (Voice) में 23 भारतीय भाषाओं और विश्व की 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है।
  • अभूतपूर्व पैमाना: भाषिणी अब तक 9 अरब (9 Billion+) से अधिक संचयी एआई इन्फरेंस प्रोसेस कर चुकी है, और वर्तमान में इस पर प्रतिदिन 2.4 करोड़ (24 Million+) से अधिक एआई इन्फरेंस दर्ज किए जा रहे हैं।

“भारत की भाषा एआई तकनीक केवल अपने नागरिकों को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल साउथ और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के बीच संवाद को सुगम बनाने का वैश्विक माध्यम बन चुकी है। मसूरी में एनसीजीजी के अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘श्रुतलेख’ की सफलता यह सिद्ध करती है कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने में पूरी तरह सक्षम है।”— डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार

वैश्विक कूटनीति और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • ग्लोबल साउथ के लिए सस्ता समाधान: विकासशील देशों को महंगे पश्चिमी अनुवाद सॉफ्टवेयर और मानवीय दुभाषियों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी; भारत का ओपन एआई मॉडल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों को सुगम बनाएगा।
  • प्रशासनिक क्षमता निर्माण: विदेशी सिविल सेवक भारत से लौटकर अपने देशों में ई-गवर्नेंस को बहुभाषी बनाने के लिए भारतीय एआई मॉडल्स को अपनाएंगे।
  • भारत का तकनीकी नेतृत्व: यूपीआई (UPI) और कोविन (CoWIN) के बाद ‘भाषिणी’ भारत का अगला वैश्विक डिजिटल उत्पाद बनकर उभर रहा है।

भाषिणी एआई ‘श्रुतलेख’ मसूरी डिप्लॉयमेंट: एक नजर में

  • पहल का नाम: वॉइस-फर्स्ट मल्टीलिंगुअल एआई डिप्लॉयमेंट (श्रुतलेख)
  • क्रियान्वयन एजेंसी: डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD), MeitY, भारत सरकार
  • कार्यक्रम स्थल: नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG), मसूरी, उत्तराखंड
  • कार्यक्रम अवधि: 12 से 23 अक्टूबर 2026 (अर्बन सर्विस डिलीवरी क्षमता निर्माण)
  • सहभागी 9 देश: पेरू, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, फिलिस्तीन, लेबनान, गाम्बिया, इक्वाडोर और स्पेन
  • प्रयुक्त एआई टूल: ‘श्रुतलेख’ (Shrutlekh) एवं भाषिणी मोबाइल ऐप
  • अनुवादित भाषा युग्म: अंग्रेजी से स्पैनिश एवं स्पैनिश से अंग्रेजी (दोतरफा रीयल-टाइम स्पीच)
  • भाषिणी नेटवर्क पैमाना: 2,353 सरकारी प्लेटफॉर्म्स, 36 भारतीय व 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं, 9 अरब+ एआई इन्फरेंस

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

BHASHINI AI Shrutlekh NCGG मसूरी में किस उद्देश्य के लिए तैनात किया गया?

BHASHINI AI Shrutlekh NCGG का उपयोग मसूरी में 9 देशों के विदेशी सिविल सेवकों के बीच अंग्रेजी और स्पैनिश भाषा में रीयल-टाइम वाक्-अनुवाद कर भाषा की बाधा दूर करने के लिए किया गया।

भाषिणी का ‘श्रुतलेख’ (Shrutlekh) प्लेटफॉर्म क्या कार्य करता है?

‘श्रुतलेख’ एक वॉइस-फर्स्ट एआई प्लेटफॉर्म है, जो भाषण को सीधे सुनकर दूसरी भाषा में रीयल-टाइम ऑडियो और टेक्स्ट अनुवाद उपलब्ध कराता है, जिससे बहुभाषी बैठकों में सीधा संवाद संभव होता है।

मसूरी कार्यक्रम में किन 9 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं?

इस कार्यक्रम में पेरू, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, फिलिस्तीन, लेबनान, गाम्बिया, इक्वाडोर और स्पेन के सिविल सेवक और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) का राष्ट्रीय स्तर पर क्या पैमाना है?

भाषिणी 2,353 सरकारी पोर्टल्स और 800+ वेबसाइटों पर एकीकृत है। यह 36 भारतीय और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करती है और अब तक 9 अरब से अधिक एआई इन्फरेंस प्रोसेस कर चुकी है।

आधिकारिक स्रोत: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) / पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi), भारत सरकार

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