PM-SETU Yojana Chhattisgarh: ₹1,446 करोड़ से संवरेंगे 30 सरकारी आईटीआई; भिलाई स्टील और NMDC संग हुआ बड़ा करार

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रायपुर, 13 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के युवाओं को बहुराष्ट्रीय कंपनियों और भारी उद्योगों की आधुनिक तकनीकी जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करने की दिशा में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मंत्रालय महानदी भवन में PM-SETU Yojana Chhattisgarh (पीएम-सेतु योजना छत्तीसगढ़) के अंतर्गत दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए क्रमशः भिलाई स्टील प्लांट (SAIL-BSP) और एनएमडीसी लिमिटेड (NMDC) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए गए। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 6 प्रमुख क्लस्टरों में 6 हब और 24 स्पोक आईटीआई सहित कुल 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) का ₹1,446 करोड़ की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। इस साझेदारी से आईटीआई केवल पारंपरिक प्रमाण-पत्र बांटने वाले संस्थान नहीं, बल्कि रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आधुनिक वेल्डिंग और उन्नत खनन तकनीक के विश्वस्तरीय कौशल केंद्र बनेंगे।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘PM-SETU Yojana Chhattisgarh’: 5 वर्षों में ₹1,446 करोड़ के निवेश से अपग्रेड होंगे प्रदेश के 30 शासकीय आईटीआई।
  • देशव्यापी संदर्भ: पीएम मोदी की पहल पर देशभर के 1,000 आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए ₹60,000 करोड़ का प्रावधान।
  • भिलाई स्टील और एनएमडीसी बने एंकर पार्टनर: दुर्ग क्लस्टर के लिए बीएसपी और बस्तर क्लस्टर के लिए एनएमडीसी के साथ एमओयू संपन्न।
  • हब एवं स्पोक मॉडल: प्रत्येक क्लस्टर में ₹241 करोड़ का निवेश; हब आईटीआई को ₹81 करोड़ तथा प्रत्येक स्पोक आईटीआई को मिलेंगे ₹40 करोड़।
  • वित्तीय भागीदारी का फॉर्मूला: केंद्र सरकार 50%, राज्य सरकार 33% और संबंधित औद्योगिक भागीदार वहन करेंगे 17% खर्च।
  • अन्य क्लस्टर्स की प्रगति: सरगुजा के लिए SECL और टाटा IIS, कोरबा के लिए NTPC, जबकि रायपुर व रायगढ़ के लिए टेंडर जारी।

PM-SETU Yojana Chhattisgarh: 6 क्लस्टरों में ₹1,446 करोड़ से 30 आईटीआई का कायाकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई’ (PM-SETU) योजना के तहत देशभर के 1,000 आईटीआई के लिए लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

PM-SETU Yojana Chhattisgarh के अंतर्गत राज्य में 6 रणनीतिक क्लस्टरों का चयन किया गया है—दुर्ग, बस्तर, कोरबा, सरगुजा, रायपुर और रायगढ़। इन सभी 6 क्लस्टरों में आगामी 5 वर्षों के दौरान लगभग 1,446 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर में औसतन ₹241 करोड़ की लागत से आधुनिक वर्कशॉप्स, सिमुलेटर लैब्स, सीएनसी मशीनें और स्मार्ट क्लासरूम्स स्थापित किए जाएंगे।

वित्तीय मॉडल और शेयरिंग फॉर्मूला: 50% केंद्र, 33% राज्य और 17% उद्योग भागीदारी

योजना की सबसे अनूठी विशेषता इसका त्रिपक्षीय वित्तीय ढांचा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि उद्योग केवल सीएसआर (CSR) के रूप में नहीं, बल्कि सीधे हितधारक के रूप में जुड़ें:

  • केंद्र सरकार का अंशदान: कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत।
  • छत्तीसगढ़ सरकार का अंशदान: कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत।
  • एंकर इंडस्ट्री पार्टनर का अंशदान: कुल परियोजना लागत का 17 प्रतिशत।

इस पूंजी निवेश से आईटीआई में वही अत्याधुनिक मशीनें और तकनीकें लगाई जाएंगी, जिनका उपयोग वर्तमान में सेल (SAIL), एनएमडीसी और एनटीपीसी के आधुनिक प्लांट्स में हो रहा है।


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दुर्ग क्लस्टर: भिलाई स्टील प्लांट (SAIL-BSP) बना एंकर पार्टनर

दुर्ग क्लस्टर के लिए देश की नवरत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की प्रमुख इकाई भिलाई स्टील प्लांट (BSP) एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बनी है:

  • हब आईटीआई (Hub ITI): शासकीय आईटीआई दुर्ग (इसे ₹81 करोड़ से मेगा हब बनाया जाएगा)।
  • स्पोक आईटीआई (4 Spoke ITIs): शासकीय आईटीआई भिलाई, शासकीय महिला आईटीआई भिलाई, शासकीय आईटीआई राजनांदगांव और शासकीय आईटीआई डौंडीलोहारा (प्रत्येक को ₹40 करोड़)।

भिलाई इस्पात संयंत्र के अनुभवी इंजीनियर और मास्टर ट्रेनर आईटीआई के छात्रों को व्यावहारिक मेटलर्जी, हैवी मशीनरी ऑपरेशन और ऑटोमेशन का लाइव इंडस्ट्रियल अनुभव देंगे।

बस्तर क्लस्टर: एनएमडीसी (NMDC) के साथ एमओयू, जनजातीय युवाओं को आधुनिक तकनीक

बस्तर के जनजातीय और दूरस्थ अंचल के युवाओं को विश्वस्तरीय खनन और मैकेनिकल इंजीनियरिंग से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC Limited) ने जिम्मेदारी ली है:

  • हब आईटीआई (Hub ITI): शासकीय आईटीआई बस्तर (₹81 करोड़ की लागत से विकसित)।
  • स्पोक आईटीआई (4 Spoke ITIs): शासकीय आईटीआई जगदलपुर, शासकीय आईटीआई गीदम (दंतेवाड़ा), शासकीय आईटीआई कोंडागांव और शासकीय आईटीआई नारायणपुर (प्रत्येक को ₹40 करोड़)।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बैलाडीला की खदानों और स्थानीय उद्योगों में लगने वाले तकनीकी पदों पर बस्तर के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिले, इसके लिए एनएमडीसी की यह ट्रेनिंग मील का पत्थर साबित होगी।

सरगुजा, कोरबा, रायपुर और रायगढ़ क्लस्टरों की स्थिति

बैठक में शेष 4 क्लस्टरों की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई:

  • सरगुजा क्लस्टर: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एंकर पार्टनर बनने की सहमति दे दी है। इसके लिए टाटा आईआईएस (Tata IIS) को ऑपरेटिंग पार्टनर चुना गया है और संशोधित एमओयू ड्राफ्ट एसईसीएल को भेजा गया है।
  • कोरबा क्लस्टर: बिजली नगरी कोरबा के लिए एनटीपीसी कोरबा (NTPC) एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बना है। यहाँ ऑपरेटिंग पार्टनर चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
  • रायपुर क्लस्टर: राज्य के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल से निविदा जारी की गई है; हीरा ग्रुप (Hira Group) से प्राप्त तकनीकी प्रश्नों का समाधान कर लिया गया है।
  • रायगढ़ क्लस्टर: टेंडर जारी हो चुका है और एनटीपीसी लारा (NTPC Lara) के साथ एंकर पार्टनरशिप के लिए प्रारंभिक चर्चाएं चल रही हैं।

हब-स्पोक मॉडल का विज्ञान: हब को ₹81 करोड़ और प्रत्येक स्पोक को ₹40 करोड़

इस योजना में ‘हब एवं स्पोक’ (Hub and Spoke) मॉडल लागू किया गया है। इसके तहत केंद्रीय हब आईटीआई में सुपर-स्पेशियलिटी लैब्स और उच्च-मूल्य वाली भारी मशीनें होंगी, जिनका उपयोग आसपास के चारों स्पोक आईटीआई के छात्र और प्रशिक्षक भी रोटेशन के आधार पर कर सकेंगे। इससे संसाधनों की बर्बादी रुकेगी और वनांचल के छोटे कस्बों तक उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा पहुंचेगी।

“उद्योगों में निवेश आने से कारखाने तो खुल जाते हैं, लेकिन अगर हमारे युवाओं के पास उन मशीनों को चलाने का हुनर नहीं होगा तो वे रोजगार से वंचित रह जाएंगे। पीएम-सेतु योजना इसी खाई को पाटने का काम करेगी। भिलाई स्टील प्लांट और एनएमडीसी का आगे आना यह साबित करता है कि अब छत्तीसगढ़ का युवा सीधे ग्लोबल इंडस्ट्री स्टैंडर्ड पर ट्रेनिंग लेगा। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि अपने हुनर से कल का सफल उद्यमी बने।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

समारोह में उपस्थित नेतृत्व और औद्योगिक प्रतिनिधि

इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा सचिव बसव राजू, संचालक हेमंत नंदनवार, एनएमडीसी के कार्यपालक निदेशक संजीव साही, सेल-बीएसपी के पवन कुमार सहित दोनों औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।

पीएम-सेतु योजना छत्तीसगढ़ (क्लस्टरवार विवरण): एक नजर में

  • योजना का नाम: PM-SETU (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई)
  • राज्यव्यापी निवेश: ₹1,446 करोड़ (5 वर्षों में 6 क्लस्टरों के लिए)
  • कुल संस्थान: 30 शासकीय आईटीआई (6 हब आईटीआई + 24 स्पोक आईटीआई)
  • प्रति क्लस्टर आवंटन: ₹241 करोड़ (हब आईटीआई: ₹81 करोड़ | स्पोक आईटीआई: ₹40 करोड़)
  • वित्तीय शेयरिंग अनुपात: केंद्र सरकार 50% : राज्य सरकार 33% : उद्योग भागीदार 17%
  • हस्ताक्षरित एमओयू: दुर्ग क्लस्टर (SAIL-भिलाई स्टील प्लांट) एवं बस्तर क्लस्टर (NMDC लिमिटेड)
  • सहमति प्राप्त क्लस्टर्स: सरगुजा (SECL व Tata IIS) एवं कोरबा (NTPC कोरबा)
  • प्रक्रियाधीन क्लस्टर्स: रायपुर (हीरा ग्रुप) एवं रायगढ़ (NTPC लारा)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

PM-SETU Yojana Chhattisgarh के तहत कुल कितना बजट और कितने आईटीआई शामिल हैं?

PM-SETU Yojana Chhattisgarh के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों में ₹1,446 करोड़ के निवेश से राज्य के 6 क्लस्टरों में 6 हब और 24 स्पोक सहित कुल 30 शासकीय आईटीआई का कायाकल्प किया जाएगा।

दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए किन कंपनियों के साथ एमओयू हुआ है?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में दुर्ग क्लस्टर के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की इकाई भिलाई स्टील प्लांट (SAIL-BSP) और बस्तर क्लस्टर के लिए एनएमडीसी लिमिटेड (NMDC) के साथ एमओयू हुआ है।

पीएम-सेतु योजना में वित्तीय खर्च का अनुपात (Sharing Ratio) क्या है?

इस योजना में कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत केंद्र सरकार, 33 प्रतिशत छत्तीसगढ़ सरकार और 17 प्रतिशत संबंधित एंकर उद्योग भागीदार (Industry Partner) द्वारा वहन किया जाएगा।

हब और स्पोक आईटीआई के लिए कितना-कितना बजट निर्धारित है?

प्रत्येक क्लस्टर के कुल ₹241 करोड़ के बजट में से मुख्य हब आईटीआई के लिए ₹81 करोड़ और उससे संबद्ध प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए ₹40-40 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

आधिकारिक स्रोत: तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग / जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)

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