रायपुर, 22 अक्टूबर: कृषि संस्कृति, श्रम के सम्मान और सनातन परंपराओं के पावन पर्व नुआखाई के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर का माहौल राष्ट्रीय चेतना और युवा ऊर्जा से सराबोर हो उठा। राजधानी के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवा बड़े सपने देखें, अपने विचारों को संकीर्णता से मुक्त कर व्यापक बनाएं और अपनी व्यक्तिगत सफलता को समाज तथा राष्ट्र की सेवा से जोड़ें। Droupadi Murmu Raipur Visit (द्रौपदी मुर्मु रायपुर दौरा) के दौरान राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए देश की आधी आबादी यानी महिलाओं की समान भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ के जिन क्षेत्रों में कभी आतंक का अंधेरा था, वहां विकास का नया सवेरा हो रहा है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Droupadi Murmu Raipur Visit’: सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई पर्व पर आयोजित युवा प्रबोधन को राष्ट्रपति ने किया संबोधित।
- सफलता का त्रिवेणी सूत्र: राष्ट्रपति ने कहा—’ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव को जोड़ें युवा।’
- रक्तदान महाकुंभ का कीर्तिमान: सेवा संकल्प अभियान के तहत 2,548 नागरिकों ने किया रक्तदान; 1,188 महिलाओं ने पेश की मानवीय मिसाल।
- नारी शक्ति की अनिवार्य भागीदारी: 2047 के विकसित भारत के लिए महिलाओं को आगे बढ़ाना आवश्यक; पुरुषों से बेटियों को बाधा-मुक्त वातावरण देने का आह्वान।
- नक्सलवाद से मुक्ति पर राष्ट्रपति का बयान: ‘जहाँ कभी आतंक का अंधेरा था, वहाँ आज शिक्षा और अधोसंरचना का उजियारा फैल रहा है।’
- युवाओं के लिए सीएम साय का रोडमैप: 5 नए मेडिकल कॉलेज, ₹100 करोड़ का स्टार्टअप फंड, 6 लाख छात्रों के लिए एआई मिशन और अग्निवीरों को 10% आरक्षण।
Droupadi Murmu Raipur Visit: ज्ञान, नैतिकता और सेवा का राष्ट्रपति ने दिया संदेश
इंडोर स्टेडियम में उपस्थित हजारों युवाओं, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और महिलाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जीवन में निरंतर सीखते रहने का आह्वान किया।
Droupadi Murmu Raipur Visit के दौरान अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में सीखना कभी बंद न करें—पुस्तकालय जाएं, अच्छी पुस्तकें पढ़ें, तार्किक सवाल पूछें और अपनी कौशल क्षमता को निखारें। असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए; असफलता केवल यह बताती है कि सफलता का प्रयास पूरे मन से नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, “यदि आपका ज्ञान किसी पीड़ित के आंसू न पोंछ सके, आपकी प्रतिभा किसी वंचित की समस्या न सुलझा सके, तो उस सफलता का कोई सामाजिक मूल्य नहीं है। राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े सरकारी निर्णयों से नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है।”
नुआखाई अन्नदाता के पसीने का सम्मान: प्रकृति और किसानों के प्रति कृतज्ञता
राष्ट्रपति ने नुआखाई जुहार की बधाई देते हुए इस पर्व के गहरे दार्शनिक और सामाजिक मर्म को समझाया:
- अन्न की बर्बादी रोकें: उन्होंने कहा कि अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं है, बल्कि यह धरती माता की उदारता और हमारे किसान भाई-बहनों के पसीने का पवित्र प्रतीक है। भोजन का सम्मान करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है।
- ओडिशा-छत्तीसगढ़ का आत्मीय नाता: नुआखाई मिलन समारोह हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों से सामाजिक, पारिवारिक और सांस्कृतिक एकात्मता रही है, जो देश की विविधता में एकता को मजबूत करती है।
विकसित भारत के लिए महिलाओं की बराबरी जरूरी: 1,188 महिला रक्तदाताओं की सराहना
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं का अभिनंदन करते हुए राष्ट्रपति ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश की आधी आबादी को पीछे छोड़कर कोई भी राष्ट्र महाशक्ति नहीं बन सकता:
- महिलाओं का सम्मान आचरण में दिखे: राष्ट्रपति ने पुरुषों और विशेष रूप से युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा भयमुक्त और अनुकूल वातावरण दें जहाँ वे अपने सपनों को बिना किसी रुकावट के पूरा कर सकें। सम्मान केवल भाषणों में नहीं, बल्कि दैनिक व्यवहार में दिखना चाहिए।
- रक्तदान महाकुंभ का कीर्तिमान: सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित राज्यव्यापी रक्तदान शिविर में 2,548 लोगों ने रक्तदान किया। इसमें सबसे गौरवशाली बात यह रही कि 1,188 महिलाओं ने रक्तदान कर मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाई, जिसकी राष्ट्रपति और राज्यपाल ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
‘जहाँ कभी आतंक का अंधेरा था, वहाँ आज विकास का उजियारा’: राष्ट्रपति मुर्मु
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे और वनांचल में आई शांति का विशेष उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह बदलाव ऐतिहासिक है:
उन्होंने कहा कि बस्तर और दूरस्थ क्षेत्रों के युवा अब भटकाव और हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा की शिक्षा, खेल और तकनीकी कौशल से जुड़ रहे हैं। जिस बस्तर में कभी गोलियों और बारूद का भय था, आज वहां स्कूल, पक्की सड़कें, बिजली और स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। यह सकारात्मक परिवर्तन न केवल छत्तीसगढ़ के लिए बल्कि पूरे भारत के संघीय ढांचे के लिए अत्यंत सुखद और संतोषजनक है।
राज्यपाल रमेन डेका: ‘स्वस्थ और संस्कारित युवा ही राष्ट्र की आधारशिला’
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि नुआखाई पर्व धरती माता के प्रति कृतज्ञता और सामाजिक समरसता की सीख देता है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की सादगी, संघर्ष और सेवाभाव को पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर तकनीकी नवाचार और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पेश किया युवाओं के लिए बड़ा विजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि ओडिशा के एक साधारण गांव से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा देश की हर बेटी के लिए हौसले की मिसाल है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए बड़े कदमों का ब्योरा दिया:
- 5 नए मेडिकल कॉलेज: चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं।
- नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI): नवा रायपुर में स्थापित हो रहे संस्थान में प्रतिवर्ष 4,000 युवाओं को एडवांस्ड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग मिलेगी।
- छत्तीसगढ़ एआई मिशन: राज्य के 6 लाख स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दक्ष बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- ₹100 करोड़ का स्टार्टअप फंड: युवा उद्यमियों के नवाचारों को पंख देने के लिए नई स्टार्टअप नीति में ₹100 करोड़ का वेंचर फंड बनाया गया है।
- अग्निवीरों को 10% आरक्षण: 4 वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी भर्ती में 10% आरक्षण देने का ऐतिहासिक कानून लागू किया गया है। साथ ही फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी (NFSU), निफ्ट और नाइलिट के कैंपस खोले जा रहे हैं।
“युवा बड़े सपने देखें और अपनी सफलता को समाज के अंतिम व्यक्ति के आंसुओं को पोंछने से जोड़ें। परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, आत्मबल और संस्कारों से हर शिखर को छुआ जा सकता है। नुआखाई हमें अपनी माटी से जोड़े रखती है। जब हमारी बेटियां सशक्त होंगी और युवा नैतिकता के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी 2047 का विकसित भारत साकार होगा।”— श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति, भारत गणराज्य (रायपुर युवा प्रबोधन संबोधन)
समारोह में उपस्थित वरिष्ठ मंत्रिमंडल एवं जनप्रतिनिधि
इंडोर स्टेडियम के इस भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के शीर्ष नीति-निर्माता उपस्थित रहे:
- उप मुख्यमंत्रीगण: श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा।
- केंद्रीय व राज्य मंत्रिमंडल: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब।
- जनप्रतिनिधि: राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख और हजारों की संख्या में युवा व मातृशक्ति।
राष्ट्रपति का रायपुर युवा प्रबोधन कार्यक्रम: एक नजर में
- कार्यक्रम का नाम: नुआखाई जुहार सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन
- मुख्य अतिथि: महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु
- आयोजन स्थल व तिथि: सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, रायपुर (22 अक्टूबर 2026)
- विशिष्ट अतिथि: राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- रक्तदान महाकुंभ उपलब्धि: 2,548 कुल रक्तदाता (जिनमें 1,188 महिला रक्तदाता शामिल)
- राष्ट्रपति का मुख्य संदेश: बड़े सपने देखें, असफलता से सीखें, ज्ञान में विनम्रता व सेवाभाव जोड़ें
- युवा कल्याण घोषणाएं: 5 नए मेडिकल कॉलेज, ₹100 करोड़ स्टार्टअप फंड, 6 लाख छात्रों का AI मिशन, अग्निवीरों को 10% आरक्षण
- सांस्कृतिक संदर्भ: नुआखाई कृषि महापर्व (अन्न व किसान सम्मान)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Droupadi Murmu Raipur Visit के दौरान राष्ट्रपति ने किस प्रमुख कार्यक्रम को संबोधित किया?
Droupadi Murmu Raipur Visit के दौरान राष्ट्रपति ने सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।
कार्यक्रम में सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान को लेकर क्या कीर्तिमान बना?
अभियान के तहत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में कुल 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जिसमें रिकॉर्ड 1,188 महिलाओं ने सहभागिता कर नारी शक्ति की मिसाल पेश की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विकसित भारत 2047 के लिए क्या अनिवार्य शर्त बताई?
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए देश की आधी आबादी यानी महिलाओं की समान और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है; उन्हें बिना किसी बाधा के आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं के लिए किन बड़ी योजनाओं का उल्लेख किया?
मुख्यमंत्री ने 5 नए मेडिकल कॉलेज, 6 लाख छात्रों के लिए एआई मिशन, ₹100 करोड़ का स्टार्टअप फंड, नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और अग्निवीरों के लिए पुलिस-वनरक्षक भर्ती में 10% आरक्षण का उल्लेख किया।
आधिकारिक स्रोत: राष्ट्रपति सचिवालय / मुख्यमंत्री सचिवालय / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन