Published on 14 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
ग्लासगो में हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक 18 पदक जीतने वाले जांबाजों के सम्मान में आयोजित भारतीय सेना राष्ट्रमंडल खेल अलंकरण समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य एथलीटों को सम्मानित किया। आज 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ स्थित सेना मुख्यालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने रक्षा बलों के खिलाड़ियों का अभिनंदन किया और उन्हें देश का ‘सच्चा नायक’ बताया।
ग्लासगो 2026 में भारत द्वारा जीते गए कुल 39 पदकों (13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य) में से रक्षा बलों के जांबाजों ने अकेले 18 पदकों (16 भारतीय सेना और 2 भारतीय नौसेना द्वारा) पर कब्जा जमाया है। इस समारोह में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और रक्षा विभाग के सभी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित थे।
| महत्वपूर्ण संकेतक | भारतीय सेना के राष्ट्रमंडल खेल विजेताओं के प्रमुख तथ्य व आंकड़े |
|---|---|
| समारोह का नाम | सैन्य राष्ट्रमंडल खेल विजेता अभिनंदन समारोह – 2026 |
| आयोजन की तिथि और स्थान | 14 अगस्त 2026, कर्तव्य पथ, नई दिल्ली |
| रक्षा बलों के कुल पदक | कुल 18 पदक (16 भारतीय सेना और 2 भारतीय नौसेना द्वारा जीते गए) |
| भारतीय सेना का पदक वर्गीकरण | 16 पदक: 8 स्वर्ण (Gold), 7 रजत (Silver) and 1 कांस्य (Bronze) |
| मुक्केबाजी में ऐतिहासिक रिकॉर्ड | भारत के 7 स्वर्णों में से सेना के मुक्केबाजों ने 6 स्वर्ण और 2 रजत जीते |
| ऐतिहासिक ‘फर्स्ट्स’ (Firsts) | जूडो का पहला स्वर्ण (हर्ष सिंह), ऊंची कूद का पहला रजत (सर्वेश कुसारे) |
| नारी शक्ति का परचम | सेना की महिला मुक्केबाजों ने भारत के 6 स्वर्णों में से 4 पर जमाया कब्जा |
| मुख्य सैन्य अधिकारी उपस्थित | थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ (Chief of the Army Staff General Dhiraj Seth) |
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भारतीय सेना के राष्ट्रमंडल खेल विजेताओं की संपूर्ण एवं विस्तृत सूची
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का मस्तक ऊंचा करने वाले भारतीय सेना (Indian Army) और नौसेना (Indian Navy) के वीर पदक विजेताओं की नामवार विस्तृत सूची निम्नलिखित है:
क. स्वर्ण पदक विजेता (Gold Medal Winners – कुल 8 खिलाड़ी)
- हवलदार साक्षी (Hav Sakshi): महिला मुक्केबाजी (51 किलोग्राम), भारतीय सेना
- नायब सूबेदार प्रीति (Nb Sub Preeti): महिला मुक्केबाजी (54 किलोग्राम), भारतीय सेना
- नायब सूबेदार जैस्मीन (Nb Sub Jasmine): महिला मुक्केबाजी (67 किलोग्राम), भारतीय सेना
- हवलदार अरुंधति चौधरी (Hav Arundhati Choudhary): महिला मुक्केबाजी (70 किलोग्राम), भारतीय सेना
- हवलदार सचिन सिवाच (Hav Sachin Siwach): पुरुष मुक्केबाजी (60 किलोग्राम), भारतीय सेना
- हवलदार अंकुश (Hav Ankush): पुरुष मुक्केबाजी (80 किलोग्राम), भारतीय सेना
- हवलदार हर्ष सिंह (Hav Harsh Singh): जूडो (60 किलोग्राम), भारतीय सेना (जूडो में भारत का पहला ऐतिहासिक स्वर्ण)
- सूबेदार सोमन राणा (Sub Soman Rana): पैरा शॉट पुट (F-57), भारतीय सेना
ख. रजत पदक विजेता (Silver Medal Winners – कुल 9 खिलाड़ी)
- लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा [Lt Col (Hony) Neeraj Chopra]: भाला फेंक (Javelin Throw), भारतीय सेना
- नायब सूबेदार सर्वेश कुसारे (Nb Sub Sarvesh Kushare): ऊंची कूद (High Jump), भारतीय सेना (ऊंची कूद में भारत का पहला रजत)
- नायब सूबेदार गुलवीर सिंह (Nb Sub Gulveer Singh): एथलेटिक्स (10,000 मीटर दौड़), भारतीय सेना
- लांस नायक शुभम जुयाल (L/Nk Shubham Juyal): पैरा शॉट पुट (F-57), भारतीय सेना
- हवलदार जदुमणी सिंह (Hav Jadumani Singh): पुरुष मुक्केबाजी (55 किलोग्राम), भारतीय सेना
- सूबेदार नरिंदर (Sub Narinder): पुरुष मुक्केबाजी (90 किलोग्राम), भारतीय सेना
- हवलदार वल्लूरी अजय बाबू (Hav Ajaya Babu): भारोत्तोलन (79 किलोग्राम), भारतीय सेना (149 किग्रा स्नैच का रिकॉर्ड)
- चीफ पेटी ऑफिसर लवप्रीत सिंह [CPO Lovepreet Singh]: भारोत्तोलन (+110 किलोग्राम), भारतीय नौसेना
- चीफ पेटी ऑफिसर चनंबम ऋषिकांत सिंह [CPO Chanambam Rishikanta Singh]: भारोत्तोलन (60 किलोग्राम), भारतीय नौसेना
ग. कांस्य पदक विजेता (Bronze Medal Winner – कुल 1 खिलाड़ी)
- नायब सूबेदार गुलवीर सिंह (Nb Sub Gulveer Singh): एथलेटिक्स (5,000 मीटर दौड़), भारतीय सेना
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ऐतिहासिक ‘फर्स्ट्स’ (Firsts) और टूटे हुए कीर्तिमान
इस वर्ष का राष्ट्रमंडल खेल अभियान भारतीय सेना के खेल इतिहास में कई नए मील के पत्थरों और असाधारण रिकॉर्डों का साक्षी बना:
- गुलवीर सिंह का दोहरा कारनामा: नायब सूबेदार गुलवीर सिंह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दो एथलेटिक्स पदक जीतने वाले भारत के पहले धावक बने हैं।
- 100 वर्ष पुराना अंग्रेजी रिकॉर्ड टूटा: भारतीय सेना के मुक्केबाजों (बॉक्सर्स) ने मुक्केबाजी रिंग में ऐतिहासिक पंच लगाते हुए 100 वर्ष पुराने ब्रिटिश रिकॉर्ड को तोड़ दिया। भारत ने कुल 7 स्वर्ण पदक जीते (किसी भी देश द्वारा बॉक्सिंग में जीते गए सर्वाधिक स्वर्ण), जिसमें से 6 स्वर्ण और 2 रजत अकेले सेना के मुक्केबाजों ने हासिल किए।
- जूडो का पहला स्वर्ण: हवलदार हर्ष सिंह ने 60 किग्रा वर्ग में देश को जूडो का पहला राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक दिलाकर एक नया अध्याय शुरू किया।
- पैरा शॉट पुट में ऐतिहासिक पदक: सूबेदार सोमन राणा और लांस नायक शुभम जुयाल ने क्रमशः स्वर्ण और रजत जीतकर देश को पैरा शॉट पुट (F-57) का पहला पदक दिलाया।
- अजय बाबू का गेम्स रिकॉर्ड: हवलदार वल्लूरी अजय बाबू ने भारोत्तोलन (79 किग्रा वर्ग) में स्नैच में 149 किग्रा उठाया नया ‘गेम्स रिकॉर्ड’ बनाया और कुल 330 किग्रा वजन उठाया।
UPSC & CGPSC Prelims Fact Box: Mission Olympic Wing (MOW) & Army Sports Institute
- मिशन ओलंपिक विंग (MOW): इसकी स्थापना भारतीय सेना द्वारा वर्ष 2001 में ओलिंपिक, राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों जैसी प्रमुख बहु-खेल प्रतियोगिताओं में देश की पदक संभावनाओं को बढ़ाने के लिए की गई थी। इसके तहत पांच प्रमुख ‘हाई परफॉर्मेंस नोड्स’ (जैसे पुणे का आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट) काम करते हैं।
- आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) पुणे: सेना का एक विश्वस्तरीय खेल प्रशिक्षण संस्थान है, जो विशेष रूप से एथलेटिक्स, तीरंदाजी, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, कुश्ती और जूडो जैसे खेलों में विशिष्ट तकनीकों और खेल विज्ञान (Sports Science) के माध्यम से सैनिकों को चैंपियन के रूप में तैयार करता है।
- थल सेनाध्यक्ष (Chief of the Army Staff): भारतीय थल सेना का सर्वोच्च कमान अधिकारी। वर्तमान में (वर्ष 2026) इस पद पर जनरल धीरज सेठ (General Dhiraj Seth) आसीन हैं।
UPSC & State PCS Mains Analysis: सैन्य खेल अवसंरचना, मिशन ओलंपिक विंग और सॉफ्ट पावर कूटनीति
मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से, भारतीय सेना के राष्ट्रमंडल खेल विजेताओं का सम्मान 2026 के इन शानदार परिणामों को देश की खेल नीति (National Sports Policy), सैन्य संसाधन अनुकूलन और भारत की वैश्विक ‘सॉफ्ट पावर’ (Soft Power) कूटनीति के रूप में विश्लेषणात्मक रूप से देखा जाना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह कथन कि “ये खिलाड़ी एक सैनिक और चैंपियन का बेजोड़ संगम हैं”, हमारी सैन्य खेल व्यवस्था के मूल चरित्र को दर्शाता है। भारतीय सेना का ‘मिशन ओलंपिक विंग’ (MOW) देश का सबसे सफल ‘स्पोर्ट्स इनक्यूबेटर’ साबित हुआ है, जो कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण को वैज्ञानिक खेल प्रणालियों (Sports Science) से एकीकृत करता है। युद्ध क्षेत्र में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जांबाज सैनिक आज खेल के मैदान पर भी अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और अनुशासन के बल पर देश का मस्तक ऊंचा कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, मुक्केबाजी में 100 वर्ष पुराने ब्रिटिश रिकॉर्ड को तोड़ना और जूडो व पैरा-शॉट पुट जैसे गैर-पारंपरिक खेलों में ऐतिहासिक प्रथम पदक हासिल करना यह साबित करता है कि देश में खेलों का लोकतांत्रिकरण (Democratisation of Sports) हुआ है। अब पदक केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के विभिन्न दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से आने वाले हमारे जांबाज सैनिक राष्ट्रीय गौरव के सबसे बड़े प्रतीक बन रहे हैं। सेना की महिला मुक्केबाजों द्वारा जीते गए 4 स्वर्ण पदक सीधे तौर पर सैन्य बलों के भीतर ‘नारी शक्ति’ के बढ़ते सांगठनिक कद और सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) को रेखांकित करते हैं। यह बहुआयामी कूटनीति अंततः ‘सैनिक से संप्रभुता’ और ‘चैंपियन से सॉफ्ट पावर’ के सिद्धांतों को जोड़कर वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने की सबसे मजबूत राष्ट्रीय और प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण सैन्य खेल और प्रशासनिक विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में संपन्न हुए ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय रक्षा बलों (सेना और नौसेना) के जांबाजों ने भारत द्वारा जीते गए कुल 39 पदकों में से कितने पदक हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है?
(A) 10 पदक
(B) 16 पदक
(C) 18 पदक (18 Medals)
(D) 22 पदक
उत्तर: (C) 18 पदक (18 Medals)
व्याख्या: ग्लासगो 2026 में भारत द्वारा जीते गए कुल 39 पदकों में से रक्षा बलों के खिलाड़ियों ने 18 पदकों पर कब्जा किया, जिसमें 16 पदक भारतीय सेना ने (08 स्वर्ण, 07 रजत, 01 कांस्य) और 2 रजत पदक भारतीय नौसेना के खिलाड़ियों ने जीते।
प्रश्न 2: भारतीय सेना द्वारा वर्ष 2001 में ओलिंपिक और राष्ट्रमंडल जैसे प्रमुख खेलों में पदक जीतने वाले एथलीटों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण और सहायता देने के लिए स्थापित किए गए विशेष विंग का क्या नाम है?
(A) राष्ट्रीय खेल संवर्धन विंग
(B) मिशन ओलंपिक विंग (Mission Olympic Wing – MOW)
(C) थल सेना स्पोर्ट्स अकादमी
(D) फिट इंडिया आर्मी मिशन
उत्तर: (B) मिशन ओलंपिक विंग (Mission Olympic Wing – MOW)
व्याख्या: भारतीय सेना ने वर्ष 2001 में ‘मिशन ओलंपिक विंग’ (MOW) की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के जांबाज सैनिकों की खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं के रूप में प्रशिक्षित करना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. इस अलंकरण समारोह में रक्षा मंत्री ने हमारे सेना के खिलाड़ियों को किस रूप में परिभाषित किया है?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्लासगो के 18 पदक विजेता सैन्य जांबाजों का अभिनंदन करते हुए कहा कि ये खिलाड़ी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत हैं क्योंकि वे एक “सैनिक और चैंपियन का बेजोड़ संगम” (Perfect blend of a soldier and a champion) हैं।
Q2. ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सेना के किन मुक्केबाजों (बॉक्सर्स) ने देश के लिए स्वर्ण पदक जीते?
सेना के मुक्केबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 6 स्वर्ण पदक जीते, जिनमें—हवलदार साक्षी (51 किग्रा), नायक सूबेदार प्रीति (54 किग्रा), नायक सूबेदार जैस्मीन (67 किग्रा), हवलदार अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), हवलदार सचिन सिवाच (60 किग्रा) और हवलदार अंकुश (80 किग्रा) शामिल हैं।
Q3. इस वर्ष के खेलों में एथलेटिक्स के क्षेत्र में नायक बनकर उभरे नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने क्या नया इतिहास रचा है?
नायब सूबेदार गुलवीर सिंह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दो एथलेटिक्स पदक जीतने वाले भारत के पहले धावक बन गए हैं। उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- सैन्य बल के 18 ऐतिहासिक पदक: भारतीय सेना के राष्ट्रमंडल खेल विजेताओं का सम्मान 2026 के कड़े क्रियान्वयन के तहत कुल 18 पदक (16 सेना, 2 नौसेना) प्राप्त कर देश की सुरक्षा सेनाओं ने खेल के मैदान पर भी अपनी धाक जमाई है।
- 100 वर्ष पुराना बॉक्सिंग रिकॉर्ड ध्वस्त: भारतीय सेना के मुक्केबाजों ने ऐतिहासिक पंच लगाते हुए ब्रिटिश रिकॉर्ड को तोड़ा और कुल 7 स्वर्ण पदकों में से 6 स्वर्ण अकेले सेना के खाते में डाले।
- मिशन ओलंपिक विंग (MOW) की सफलता: पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट जैसी उच्च प्रदर्शन नोड्स की वैज्ञानिक ट्रेनिंग और कड़े सैन्य अनुशासन ने देश को जूडो और पैरा-शॉट पुट में पहले ऐतिहासिक पदक दिलाए हैं।
UPSC Relevance (यूपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-3 (राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां, सुरक्षा बल और उनकी संस्थाएं, रक्षा आधुनिकीकरण) और सामान्य अध्ययन पेपर-2 (कमजोर और संवेदनशील वर्गों—विशेष रूप से जनजातीय व महिला सशक्तिकरण नीतियों, मानव संसाधन विकास) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक मुद्दा है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय (MoD), भारतीय थल सेना (Indian Army), मिशन ओलंपिक विंग (MOW), और पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi) द्वारा 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित अलंकरण समारोह की आधिकारिक रिपोर्ट और रक्षा मंत्री के भाषण पर आधारित है।
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