Published on 15 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस भाषण 2026 के माध्यम से देश के 140 करोड़ नागरिकों के समक्ष ‘सप्तधारा’ या ‘सप्तशक्ति’ का एक क्रांतिकारी राष्ट्रीय ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया गया है। आज 15 अगस्त 2026 को देश भर में तिरंगे के गौरव और वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष के उल्लास के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को नमन करते हुए ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को गति देने वाली ऐतिहासिक योजनाओं की घोषणा की।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति राष्ट्र की गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी राष्ट्र तभी महान बनता है जब वह अपने कड़े संकल्पों, अपनी आकांक्षाओं और स्वदेशी क्षमताओं के बल पर आगे बढ़ता है।
| महत्वपूर्ण संकेतक | पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस भाषण 2026 के प्रमुख तथ्य व कड़े आंकड़े |
|---|---|
| ऐतिहासिक अवसर व तिथि | 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह – 15 अगस्त 2026 (वन्दे मातरम् का 150वां वर्ष) |
| मुख्य राष्ट्रीय विज़न | वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करना |
| घोषित मुख्य रणनीतिक ढांचा | सप्तधारा या सप्तशक्ति (Saptadhara/Saptashakti – 7-stream strategy) |
| ऐतिहासिक गरीबी उन्मूलन | पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ नागरिक बहुआयामी गरीबी से मुक्त हुए |
| परमाणु ऊर्जा सुधार लक्ष्य | वर्ष 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य |
| सेमीकंडक्टर विनिर्माण प्रगति | 3 घरेलू प्लांट चालू; आगामी 1-2 वर्षों में 7 से 8 नए प्लांट शुरू होंगे |
| पीएम सूर्य घर योजना प्रगति | मुफ़्त बिजली योजना 50 लाख से अधिक घरों तक पहुँची (₹80,000 की वित्तीय सहायता) |
| डिजिटल जनगणना (Digital Census) | देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ शुरू; युवाओं से स्व-पंजीकरण की अपील |
| नवीन शिक्षा व खेल योजनाएं | 1 करोड़ युवाओं को एआई (AI) प्रशिक्षण, फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क, और टैलेंट हंट |
पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस भाषण 2026: विकास और विरासत की ‘सप्तशक्ति’ (Saptadharas)
प्रधानमंत्री ने देश को नई गति और विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सात प्रमुख धाराओं (सप्तधारा) के एक समेकित मॉडल को राष्ट्र के सामने रखा है, जो हमारे युवाओं की क्षमता पर आधारित है:
- 1. विनिर्माण शक्ति (Manufacturing Power): इसके तहत भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का एक विश्वसनीय केंद्र बनाया जाएगा। डिजाइन से लेकर अंतिम विनिर्माण तक, ‘जीरो-डिफेक्ट’ और वैश्विक गुणवत्ता मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- 2. कृषि और खाद्य प्रसंस्करण (Agriculture & Food Processing): देश में पूरी तरह से ‘रसायन मुक्त खेती’ (Chemical-free farming) को बढ़ावा दिया जाएगा, तथा खेत-से-निर्यात तक की सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला स्थापित कर भारतीय जैविक उत्पादों को वैश्विक बाजारों में पहुँचाया जाएगा।
- 3. तकनीक और नवाचार (Technology & Innovation): भारत को केवल एक उपभोक्ता बाजार न रखकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस, रोबोटिक्स, और मेड-इन-इंडिया 6G के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा नवाचार हब बनाया जाएगा।
- 4. गति शक्ति (Gati Shakti): इसके तहत हाई-स्पीड रेल, एक्सप्रेसवे, अंतर्देशीय जलमार्गों का विकास और हमारे बंदरगाहों को ‘पोर्ट-नेतृत्व विकास’ (Port-led development) के बड़े केंद्रों के रूप में स्थापित किया जाएगा।
- 5. रक्षा शक्ति (Defence Shakti): रक्षा क्षेत्र में पूर्ण ‘आत्मनिर्भरता’ स्थापित की जाएगी। भारत को ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और हाइपरसोनिक्स जैसी उन्नत सैन्य तकनीकों का एक वैश्विक निर्यातक (Net Exporter) बनाया जाएगा।
- 6. हरित और नीली अर्थव्यवस्था (Green & Blue Economy): ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल्स, ऊर्जा भंडारण (Battery Storage), महासागरीय संसाधनों के टिकाऊ दोहन और तटीय पर्यटन के माध्यम से बड़े पैमाने पर पर्यावरण-अनुकूल हरित रोजगार (Green Jobs) पैदा किए जाएंगे।
- 7. सॉफ्ट पावर (Soft Power): योग, आयुर्वेद, वन्यजीव पर्यटन, और एनीमेशन, वीएफएक्स (VFX) व गेमिंग (WAVES Summit) जैसे क्रिएटिव उद्योगों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को वैश्विक पहचान दी जाएगी। साथ ही, 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भारत की मजबूत दावेदारी पेश की जाएगी।
पिछले 12 वर्षों का ऐतिहासिक प्रगति रिपोर्ट कार्ड
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में भारत की विनिर्माण, डिजिटल विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की तुलनात्मक प्रगति के कड़े आंकड़े प्रस्तुत किए:
- विनिर्माण क्षेत्र में क्रांतिकारी उछाल: पिछले 12 वर्षों में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 4 गुना, खादी और ग्रामोद्योग का टर्नओवर 5 गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण लगभग 7 गुना, रेलवे कोच उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन विनिर्माण रिकॉर्ड 33 गुना बढ़ा है।
- डिजिटल और नवाचार क्रांति: देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 4 गुना, पेटेंट स्वीकृतियों की दर 4 गुना और डिजिटल लेनदेन की मात्रा 100 गुना बढ़ चुकी है। 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से स्कूली स्तर से ही तकनीकी सोच विकसित की जा रही है।
- मूलभूत सुविधाओं में तेजी: पूर्व की तुलना में अब ग्रामीण घरों तक नल का पानी 15 गुना तेजी से, रसोई गैस (LPG) 6 गुना तेजी से, शौचालयों का निर्माण 4 गुना तेजी से और पक्के घरों का निर्माण 3 गुना तेजी से हो रहा है। इसके साथ ही सैकड़ों पुराने अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर दिया गया है।
उभरती प्रौद्योगिकियां, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी नीतिगत घोषणाएं
प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान राष्ट्र को आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से सुदृढ़ बनाने वाली कई महत्वपूर्ण विनियामक घोषणाएं कीं:
- परमाणु ऊर्जा (SHANTI Act): परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से ‘शांति अधिनियम’ (SHANTI Act) के तहत वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट (GW) परमाणु क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत अगले 6 से 7 वर्षों में 5 नए परमाणु रिएक्टर क्रियाशील किए जाएंगे।
- मेड-इन-इंडिया हाइड्रोजन ट्रेन: भारत ने अपनी पहली ‘मेड-इन-इंडिया’ हाइड्रोजन ट्रेन पर काम शुरू कर दिया है, जो दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन के रूप में भारत का झंडा वैश्विक पटल पर गाड़ेगी।
- 1 करोड़ युवाओं को एआई (AI) कौशल प्रशिक्षण: देश के युवाओं को भविष्य की तकनीक में विश्व का नेतृत्व करने योग्य बनाने के लिए आगामी एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को एआई (Artificial Intelligence) कौशलों का कड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के बच्चों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के माध्यम से देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों द्वारा ‘निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग’ की एक राष्ट्रीय प्रणाली विकसित की जाएगी।
- नेशनल स्पोर्ट्स टैलेंट हंट: ग्रामीण और स्कूली स्तर पर छिपी प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए एक राष्ट्रीय स्पोर्ट्स टैलेंट हंट (National Sports Talent Hunt) शुरू किया जाएगा, ताकि वे देश के लिए ओलिंपिक पदक जीत सकें।
- कृषि उर्वरक सब्सिडी में कड़ा योगदान: वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के बावजूद सरकार ने किसानों को सुरक्षित रखने के लिए भारी वित्तीय बोझ स्वयं वहन किया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ₹3,000 में मिलने वाले यूरिया को भारतीय किसानों को ₹300 से भी कम में और ₹5,000 की लागत वाले डीएपी (DAP) को मात्र ₹1,350 में उपलब्ध कराया जा रहा है।
- नशामुक्ति जन-आंदोलन: देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए सभी परिवारों, गैर-सरकारी संगठनों और आध्यात्मिक संस्थाओं को एकजुट कर 100-सप्ताह का देशव्यापी ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ चलाया जाएगा।
- सुरक्षा और सिविल डिफेंस का विस्तार: राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य में आ रहे हाइब्रिड खतरों का मुकाबला करने के लिए देश भर में एक आधुनिक और स्वैच्छिक ‘सिविल डिफेंस’ (Civil Defense) नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा।
- महिला सशक्तिकरण का नया मील का पत्थर: ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 3 करोड़ महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण के ऐतिहासिक लक्ष्य को पार कर लिया गया है, और अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य रखा है।
UPSC & State PCS Prelims Fact Box: National Critical Minerals, PM Surya Ghar & SVAMITVA
- राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल्स मिशन: देश में सेमीकंडक्टर, रक्षा और हरित ऊर्जा उद्योगों के लिए आवश्यक रणनीतिक खनिजों (जैसे लिथियम, कोबाल्ट, सिलिकॉन) की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए बजटीय घोषणा के तहत शुरू किया गया मिशन, जिसने भारत को वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय साझेदार बनाया है।
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: देश के मध्यमवर्गीय परिवारों के बिजली बिल को शून्य करने और उन्हें ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई करने का अवसर देने वाली योजना, जो अब तक 50 लाख से अधिक घरों को कवर कर चुकी है। इसके तहत ₹80,000 प्रति परिवार तक की कल्पवृक्ष सब्सिडी दी जाती है।
- स्वामित्व (SVAMITVA) योजना: ग्रामीण विकास मंत्रालय की ड्रोन-आधारित संपत्ति मानचित्रण योजना, जिसने देश के 3.25 करोड़ ग्रामीण परिवारों की संपत्तियों का डिजिटल नक्शा तैयार कर ग्रामीण क्षेत्र में ₹140 लाख करोड़ की संपत्ति मूल्य को अनलॉक किया है, जिससे ग्रामीणों को बैंकों से आसान ऋण मिल रहा है।
UPSC & State PCS Mains Analysis: ‘सप्तशक्ति’ मॉडल, बहु-क्षेत्रीय विकास और विकसित भारत @ 2047 का संकल्प
मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से, पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस भाषण 2026 के माध्यम से लाल किले की प्राचीर से घोषित किया गया ‘सप्तशक्ति’ या ‘सप्तधारा’ मॉडल भारत की बहु-आयामी विकास कूटनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा एकीकरण और राजकोषीय आत्मनिर्भरता का एक अद्वितीय और समेकित विज़न प्रस्तुत करता है।
यह ढांचा स्पष्ट करता है कि भारत अब केवल आयात-प्रतिस्थापन (Import Substitution) के पुराने दृष्टिकोण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह ‘सिखने वाले’ से बढ़कर ‘वैश्विक निर्यात’ (Net Exporter) का नेतृत्व करने वाली एक अग्रणी महाशक्ति बनेगा। सेमीकंडक्टर विनिर्माण में 3 प्लांटों का सफल संचालन और 7-8 नए प्लांटों को शुरू करने का रोडमैप हमारी औद्योगिक रीढ़ को अभूतपूर्व रूप से सुदृढ़ करता है। इसके साथ ही, ‘शांति अधिनियम’ (SHANTI Act) के तहत परमाणु ऊर्जा क्षमता को वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट करने की नीतिगत प्रतिबद्धता देश के पर्यावरण अनुकूल विकास (SDG-7: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा) के प्रति भारत के गंभीर संकल्प को दर्शाती है।
इसके अतिरिक्त, सामाजिक क्षेत्र में लाए जा रहे सुधार—जैसे 1 करोड़ युवाओं को एआई (AI) का कड़ा प्रशिक्षण देना और देश के गरीब व मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए ‘निःशुल्क डिजिटल ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क’ का निर्माण करना—हमारे जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का राष्ट्रीय हित में इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करेगा। बस्तर और सरगुजा संभाग में नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे (31 मार्च 2026) के बाद पूर्व-नक्सल कैंपों को ‘सेवाडेरा’ केंद्रों में बदलना और बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में तिरंगा फहराना यह दर्शाता है कि राज्य ने कड़े सुरक्षा ग्रिड के माध्यम से अपने भौगोलिक वैक्यूम को भरकर सुशासन की स्थापना की है। यह तकनीक-आधारित, संवेदनशील और समावेशी शासन मॉडल अंततः ‘राष्ट्र सर्वप्रथम’ (Nation First) के संवैधानिक कर्तव्यों (Article 51A) को समयबद्ध धरातल पर साकार करने की सबसे मजबूत प्रशासनिक और आर्थिक रीढ़ साबित होगा।

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और संवैधानिक भाषण पर आधारित अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में घोषित पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस भाषण 2026 के दौरान, देश के औद्योगिक और तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए घोषित ‘सप्तधारा’ या ‘सप्तशक्ति’ विज़न के तहत निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र शामिल नहीं है?
(A) विनिर्माण शक्ति (Manufacturing Power)
(B) रक्षा शक्ति और साइबर सुरक्षा (Defence & Cyber Shakti)
(C) केवल कोयला और जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली का सघन विस्तार
(D) हरित और नीली अर्थव्यवस्था (Green & Blue Economy)
उत्तर: (C) केवल कोयला और जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली का सघन विस्तार
व्याख्या: सप्तशक्ति विज़न के तहत पर्यावरण संरक्षण और शून्य कार्बन उत्सर्जन को ध्यान में रखते हुए हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था, ग्रीन हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया है, न कि कोयला आधारित जीवाश्म ईंधन के विस्तार पर।
प्रश्न 2: भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के ड्रोन-आधारित डिजिटल मानचित्रण और मालिकाना हक के पट्टे प्रदान करने के लिए शुरू की गई उस बहुप्रशंसित योजना का क्या नाम है, जिसने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में ₹140 लाख करोड़ की संपत्ति मूल्य को अनलॉक किया है?
(A) स्वामित्व (SVAMITVA) योजना
(B) पीएम सूर्य घर योजना
(C) नियद नेल्लानार योजना
(D) एकलव्य आदर्श आवासीय योजना
उत्तर: (A) स्वामित्व (SVAMITVA) योजना
व्याख्या: स्वामित्व (SVAMITVA – Survey of Villages Abadi and Mapping with Improvised Technology in Village Areas) योजना ने ड्रोन के माध्यम से देश के 3.25 करोड़ ग्रामीण परिवारों की संपत्तियों का डिजिटल नक्शा तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व वित्तीय मजबूती प्रदान की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस भाषण 2026 के दौरान घोषित की गई ‘सप्तशक्ति’ (Saptadharas) की क्या उपयोगिता है?
‘सप्तशक्ति’ या ‘सप्तधारा’ भारत को वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए घोषित एक समेकित बहु-क्षेत्रीय विकास मॉडल है। इसके सात मुख्य स्तंभ हैं—विनिर्माण शक्ति, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और नवाचार, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित और नीली अर्थव्यवस्था, तथा देश की सॉफ्ट पावर कूटनीति।
Q2. देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ (Digital Census) के सफल संचालन के लिए प्रधानमंत्री ने युवाओं से क्या कड़ा अनुरोध किया है?
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश की पहली डिजिटल जनगणना वर्तमान में क्रियाशील है। उन्होंने देश के युवाओं और परिवारों से अपील की कि वे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से इसमें डिजिटल स्व-पंजीकरण (Self-registration) करें और बिना किसी मानवीय त्रुटि के सटीक भौगोलिक और पारिवारिक डेटा अपलोड कर राष्ट्रीय नीतियों के निर्माण में मदद करें।
Q3. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले मध्यमवर्गीय और गरीब छात्रों के लिए लाल किले से क्या बड़ी घोषणा की गई है?
प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि देश के उन मेधावी छात्रों पर वित्तीय और मानसिक बोझ कम करने के लिए, जो महंगी कोचिंग नहीं ले सकते, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और देश के सबसे उत्कृष्ट शिक्षकों के समन्वय से एक राष्ट्रव्यापी ‘निःशुल्क डिजिटल ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क’ (Free Online Coaching) स्थापित किया जाएगा।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- विकसित भारत @ 2047 के लिए ‘सप्तशक्ति’: पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस भाषण 2026 के माध्यम से रक्षा, विनिर्माण, कृषि, पर्यावरण, गति शक्ति, तकनीक और सॉफ्ट पावर के रूप में सात मजबूत रणनीतिक धाराओं (सप्तधारा) का विज़न प्रस्तुत किया गया है।
- उभरती हुई प्रौद्योगिकियों में वैश्विक नेतृत्व: भारत ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में 3 प्लांट चालू कर दिए हैं, और आगामी वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कौशलों का कड़ा प्रशिक्षण देकर विश्व का नेतृत्व करने योग्य बनाया जाएगा।
- छात्रों और खेल प्रतिभाओं के लिए कड़े सुधार: मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए निःशुल्क डिजिटल कोचिंग नेटवर्क की शुरुआत और देश की भावी ओलिंपिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए ‘नेशनल स्पोर्ट्स टैलेंट हंट’ का ऐतिहासिक शंखनाद।
UPSC Relevance (यूपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी नीतियां और विकास हस्तक्षेप, सुशासन सुधार, डिजिटल अवसंरचना, महिला और युवा कल्याण), सामान्य अध्ययन पेपर-3 (भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विनिर्माण, पर्यावरण संरक्षण, रक्षा स्वदेशीकरण, स्पेस और आईटी का अनुप्रयोग) और राज्य लोक सेवा आयोगों (State PCS) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक मुद्दा है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, और पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi) द्वारा 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से दिए गए ऐतिहासिक 80वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन के मूल मसौदों पर आधारित है।