रायपुर, 16 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में केवल भारी पूंजी निवेश ही नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी औद्योगिक शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में Yash Fans Nawa Raipur (यश फैन्स नवा रायपुर) की प्रस्तावित अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का विधिवत भूमिपूजन किया। यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड द्वारा स्थापित की जा रही इस परियोजना में 150 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत निवेश होगा, जिससे साढ़े तीन हजार (3,500) से अधिक स्थानीय लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कंपनी में नवचयनित स्थानीय युवाओं को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र प्रदान किए और कहा कि जब उद्योग स्थानीय युवाओं को रोजगार देते हैं, तभी ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ का वास्तविक सपना साकार होता है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Yash Fans Nawa Raipur’: नवा रायपुर में 150 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से स्थापित होगी यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की नई इकाई।
- 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां: श्रम आधारित विनिर्माण को बढ़ावा; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं को मंच पर सौंपे नियुक्ति पत्र।
- औद्योगिक सब्सिडी में भारी उछाल: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया—उद्योगों के लिए सब्सिडी बजट ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ से अधिक किया गया।
- 8.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 से उद्योग लगाने की राह आसान; 279 गैर-जरूरी कानूनी धाराएं अपराधमुक्त।
- ढाई साल में 3,000 उद्योग स्थापित: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया—50 हजार लोगों को मिला रोजगार, आगामी प्रोजेक्ट्स से 1.5 लाख नए अवसर।
- शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति: सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, यश ग्रुप चेयरमैन रितेश नरेडी, सीईओ ए.एन. रविचंद्रन और उद्योग सचिव रजत कुमार रहे मौजूद।
Yash Fans Nawa Raipur: श्रम आधारित उद्योगों से रोजगार सृजन का नया मॉडल
छत्तीसगढ़ में अब तक लौह इस्पात, सीमेंट और एल्युमीनियम जैसे भारी पूंजी प्रधान उद्योगों का दबदबा रहा है, जहाँ अरबों रुपये के निवेश के बावजूद रोजगार के अवसर सीमित होते थे।
Yash Fans Nawa Raipur परियोजना इस सोच में आए ऐतिहासिक बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे श्रम आधारित (Labor-Intensive) उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। यश ग्रुप की इस नई इकाई में देश-विदेश की प्रतिष्ठित ब्रांडेड कंपनियों के लिए पंखों और आधुनिक घरेलू उपकरणों का निर्माण होगा। इसमें कम पूंजी निवेश में 3,500 युवाओं और महिलाओं को सीधे कारखाने में तकनीकी व असेंबलिंग का रोजगार मिलेगा।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी: सब्सिडी बजट ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ पार
समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 के आर्थिक दर्शन को विस्तार से साझा किया:
- पूंजी बनाम रोजगार का मूल्यांकन: वित्त मंत्री ने कहा कि अब सरकार किसी भी निवेश का मूल्यांकन केवल ‘कितने करोड़ का एमओयू हुआ’ इससे नहीं करती, बल्कि ‘उससे कितने स्थानीय युवाओं को नौकरी मिली’ इस आधार पर प्रोत्साहन देती है।
- सब्सिडी बजट में पांच गुना वृद्धि: रोजगार देने वाले उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने औद्योगिक सब्सिडी के बजटीय प्रावधान को लगभग ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ से अधिक कर दिया है।
- ‘ज्ञान’ और ‘गति’ का बजट: उन्होंने बताया कि राज्य का पहला बजट ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) को समर्पित था, जबकि दूसरा बजट ‘गति’ (सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और उद्योग) को समर्पित रहा।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन: ढाई साल में 3,000 नए उद्योग और 50 हजार रोजगार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का आधिकारिक रिपोर्ट कार्ड पेश किया:
- 50,000 लोगों को मिला काम: पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ में छोटे, मध्यम और बड़े मिलाकर 3,000 से अधिक नए उद्योग स्थापित हो चुके हैं, जिनमें 50 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
- डेढ़ लाख नई नौकरियों की तैयारी: पाइपलाइन में मौजूद आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से राज्य में 1.5 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: 279 प्रावधान अपराधमुक्त और ₹8.50 लाख करोड़ के प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों को लालफीताशाही और अनावश्यक जटिलताओं से मुक्ति दिलाने के लिए जन विश्वास सुधारों के तहत 279 कानूनी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर (Decriminalize) किया गया है।
सिंगल विंडो सिस्टम, डीम्ड अप्रूवल और 24×7 संचालन की अनुमति के चलते देश-विदेश के निवेशकों ने छत्तीसगढ़ पर भरोसा जताया है। परिणामस्वरूप, राज्य को अब तक ₹8.50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें तेजी से जमीन पर उतारने के लिए संबंधित विभाग सिंगल-प्लेटफॉर्म समन्वय कर रहे हैं।
यश ग्रुप का आभार और मंच पर उपस्थित प्रमुख हस्तियां
यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड के सीईओ श्री ए.एन. रविचंद्रन ने नवा रायपुर में स्थापित हो रही यूनिट के तकनीकी लेआउट और उत्पादन क्षमता की जानकारी दी। उन्होंने राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों और त्वरित सहयोग की सराहना की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, यश ग्रुप के चेयरमैन श्री रितेश नरेडी, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री चंदन कुमार, विभिन्न व्यापारिक चैंबर्स के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय युवा उपस्थित थे।
“एक रोजगार केवल एक व्यक्ति को वेतन नहीं देता, बल्कि वह पूरे परिवार के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नए सपनों की नींव रखता है। यश ग्रुप द्वारा नवा रायपुर में ₹150 करोड़ के निवेश से 3,500 युवाओं को रोजगार देना हमारी नई औद्योगिक नीति की सबसे बड़ी सफलता है। हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का युवा अब रोजगार की तलाश में बाहर न भटके, बल्कि अपने ही घर में स्वाभिमान से आजीविका कमाए। हम निवेशकों को हर कदम पर सहयोग देंगे।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (भूमिपूजन समारोह संबोधन)
छत्तीसगढ़ के युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए इसके क्या मायने हैं?
- नवा रायपुर बनेगा नया मैन्युफैक्चरिंग हब: प्रशासनिक शहर के रूप में जाने जाने वाले नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंसेज क्लस्टर विकसित होगा।
- महिलाओं को असेंबलिंग में प्राथमिकता: होम अप्लायंसेज और पंखों की वाइंडिंग, टेस्टिंग और पैकेजिंग में सैकड़ों स्थानीय युवतियों को सुरक्षित और सम्मानजनक काम मिलेगा।
- स्थानीय वेंडरों और एमएसएमई को आर्डर: प्लास्टिक मोल्डिंग, पैकेजिंग बॉक्स, कॉपर वायर और ट्रांसपोर्टेशन के लिए नवा रायपुर व दुर्ग-भिलाई के छोटे उद्योगों को करोड़ों का नया व्यापार मिलेगा।
यश फैन्स नवा रायपुर औद्योगिक परियोजना: एक नजर में
- कंपनी का नाम: यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड (Yash Fans & Appliances Limited)
- इकाई स्थल: नवा रायपुर (अटल नगर), छत्तीसगढ़
- प्रस्तावित पूंजी निवेश: ₹150 करोड़ से अधिक
- प्रत्यक्ष रोजगार सृजन: 3,500 से अधिक लोगों को नौकरियां
- उत्पाद श्रेणी: आधुनिक सीलिंग फैन्स, टेबल फैन्स एवं होम अप्लायंसेज
- मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन
- राज्य औद्योगिक नीति 2024-2030: श्रम आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन, सब्सिडी ₹1,000 करोड़ पार
- संबंधित संस्थाएं: CSIDC, NRDA एवं वाणिज्य व उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Yash Fans Nawa Raipur परियोजना में कुल कितना निवेश और कितने रोजगार सृजित होंगे?
Yash Fans Nawa Raipur परियोजना के तहत 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और इससे साढ़े तीन हजार (3,500) से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक सब्सिडी बजट में क्या बड़ा बदलाव किया है?
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के अनुसार, रोजगार देने वाले उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक सब्सिडी के बजटीय प्रावधान को लगभग ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ से अधिक कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में कितने नए उद्योग स्थापित हुए हैं?
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के अनुसार, राज्य में पिछले ढाई वर्षों में 3,000 से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके माध्यम से 50,000 से अधिक लोगों को सीधा रोजगार मिला है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत राज्य में कितने कानूनी प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया है?
उद्यमियों को अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से बचाने के लिए जन विश्वास सुधारों के अंतर्गत 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर (Decriminalize) किया गया है।
आधिकारिक स्रोत: वाणिज्य एवं उद्योग विभाग / छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) / जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन