Chhattisgarh Cabinet Decisions 11 October: पूर्व अग्निवीरों की पुलिस भर्ती को मंजूरी, बदला विभाग का नाम; मोदी के 25 साल पर अभिनंदन प्रस्ताव

Chhattisgarh Cabinet Decisions 11 October Chhattisgarh Cabinet Decisions 11 October

रायपुर, 11 अक्टूबर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के युवाओं, जनजातीय समाज और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने Chhattisgarh Cabinet Decisions 11 October (छत्तीसगढ़ कैबिनेट निर्णय 11 अक्टूबर) की विस्तृत जानकारी दी। कैबिनेट ने देश की रक्षा सेवा से लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों के अनुभवों का लाभ लेने के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। इसके साथ ही ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख (मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री) के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रिपरिषद ने एक आधिकारिक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया और पिछले 25 वर्षों में केंद्र के सहयोग से छत्तीसगढ़ में हुए आर्थिक, बुनियादी और सामाजिक कायाकल्प का संपूर्ण रिपोर्ट कार्ड देश के सामने रखा।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Chhattisgarh Cabinet Decisions 11 October’: पूर्व अग्निवीरों को राज्य पुलिस सेवा में आरक्षक के 36 पदों पर सीधी भर्ती को कैबिनेट की मंजूरी (10% आरक्षण पहले से लागू)।
  • विभाग का बदला नाम: छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन; अब ‘आदिम जाति विकास विभाग’ कहलाएगा ‘जनजातीय कार्य विभाग’।
  • पीएम मोदी के 25 साल पर अभिनंदन प्रस्ताव: 7 अक्टूबर 2001 से 2026 तक निरंतर सुशासन और राष्ट्र-निर्माण यात्रा के लिए कैबिनेट ने जताया आभार।
  • केंद्रीय करों में रिकॉर्ड 7.4 गुना हिस्सेदारी: पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों से मिले ₹3,46,806 करोड़ (2004-14 के ₹47,100 करोड़ के मुकाबले भारी बढ़ोतरी)।
  • 8.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम 2026, 450 प्रशासनिक सुधारों और डीम्ड अप्रूवल से 1.60 लाख नए रोजगार की राह खुली।
  • बस्तर नक्सल मुक्ति की ओर: ‘कंधे पर गन नहीं, कंधे पर हल’ विजन से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से निर्णायक मुक्ति का लक्ष्य; आत्मसमर्पितों के लिए 15,000 आवास स्वीकृत।

कैबिनेट के दो बड़े नीतिगत निर्णय: अग्निवीर भर्ती और विभाग का नया नाम

पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैबिनेट के दो प्रमुख प्रशासनिक निर्णयों की घोषणा की:

  • 1. पूर्व अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक भर्ती में अवसर: छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव, अनुशासन और उच्च दक्षता का लाभ राज्य की आंतरिक सुरक्षा सेवाओं में लेने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 रिक्त पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की अनुमति प्रदान की गई है। राज्य शासन पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान कर चुका है।
  • 2. ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदला: मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। केंद्र सरकार के ‘जनजातीय कार्य मंत्रालय’ की तर्ज पर अब राज्य के ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा, जिससे विभाग के कार्यक्षेत्र को अधिक गरिमा और स्पष्टता मिलेगी।

पीएम मोदी के 25 साल के नेतृत्व का छत्तीसगढ़ पर प्रभाव: संपूर्ण रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था और आज शासन प्रमुख के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि कैसे ‘गुजरात मॉडल’ से लेकर आज तक की मोदी नीतियों ने छत्तीसगढ़ को संवारा है:

1. गुजरात मॉडल, तकनीक और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB)

  • पीएम गतिशक्ति व जियो-रेफरेंसिंग: राज्य के लगभग 20 हजार गांवों में से करीब 14 हजार गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी हो चुकी है।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026: तय समय-सीमा में औद्योगिक अनुमतियों पर निर्णय न होने पर ‘डीम्ड अप्रूवल’ (स्वतः स्वीकृति) का क्रांतिकारी प्रावधान लागू किया गया। सिंगल विंडो सिस्टम और दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 279 गैर-जरूरी धाराओं को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया।
  • 24×7 संचालन व निवेश: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24×7 चलाने की अनुमति और 450 से अधिक प्रशासनिक सुधारों के बल पर राज्य को ₹8.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
  • जैम (JAM) व ड्रोन स्वामित्व: एग्रीस्टैक के तहत प्रदेश में 42 लाख किसानों की फार्मर आईडी बनी और ड्रोन आधारित स्वामित्व योजना से 7.51 लाख ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज मिले।

2. गरीब कल्याण, आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा

  • पीएम आवास योजना में देश में अव्वल: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण हुए हैं। पिछले पौने तीन वर्षों में ही 11.78 लाख आवास बने हैं और निर्माण की गति में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है।
  • स्वच्छ भारत व उज्ज्वला: ₹2,437 करोड़ की केंद्रीय सहायता से 36 लाख घरेलू व 14,970 सामुदायिक शौचालय बने तथा 18,653 गांव ओडीएफ प्लस घोषित हुए। उज्ज्वला योजना से 39.73 लाख बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिले।
  • आयुष्मान भारत व वय-वंदना: प्रदेश में 2.49 करोड़ (करीब 92% पात्र आबादी) आयुष्मान कार्ड बने हैं। 51.17 लाख हितग्राहियों को ₹11,877 करोड़ का मुफ्त इलाज मिला। 70 वर्ष से अधिक आयु के 6.21 लाख वरिष्ठ नागरिकों को ‘वय-वंदना’ कार्ड जारी किए गए।
  • मुफ्त राशन: पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना से राज्य के 73 लाख परिवारों (1.99 करोड़ लोगों) को मुफ्त राशन मिल रहा है, जिसके लिए केंद्र से ₹5,600 करोड़ की सब्सिडी मिली है।

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3. अन्नदाता किसान और मातृशक्ति का सशक्तिकरण

  • पीएम किसान व फसल बीमा: पीएम किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ 26.57 लाख किसानों को मिल रहा है। फसल बीमा योजना में ₹5,064 करोड़ का केंद्रांश प्रीमियम प्राप्त हुआ।
  • पंजीकृत किसान व ऐतिहासिक धान उपार्जन: वर्ष 2015 की तुलना में पंजीकृत किसान 13.17 लाख से बढ़कर 27.53 लाख और रकबा 21.26 लाख से बढ़कर 33 लाख हेक्टेयर हुआ। धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर रिकॉर्ड 141 लाख मीट्रिक टन पहुंचा। किसानों को एमएसपी से ₹33,431 करोड़ और इनपुट सहायता/बोनस के रूप में ₹10,292 करोड़ का भुगतान किया गया।
  • महतारी वंदन व लखपति दीदी: महतारी वंदन योजना में लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 (वार्षिक ₹12,000) दिए जा रहे हैं। राज्य में 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। ‘बिहान’ (NRLM) से 32.39 लाख परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़े हैं। 70,000 से अधिक महिलाएं वन धन विकास केंद्रों से लाभान्वित हैं।
  • खेलो इंडिया: 8 जिलों के लिए ₹48 करोड़, 33 खेलो इंडिया मिनी सेंटर और बिलासपुर में हॉकी, तीरंदाजी व एथलेटिक्स का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्वीकृत हुआ।

4. जनजातीय गौरव और बस्तर में शांति का नया सवेरा

  • आदिवासी विकास: भगवान बिरसा मुंडा जयंती को ‘राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित किया गया। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ से 6,000 से अधिक आदिवासी गांवों में अधोसंरचना का विकास हो रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत 18 जिलों की 5 विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के 56 हजार से अधिक परिवारों को पक्के घर, सड़क व नल-जल मिला। 26 जिलों में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। लघु वनोपज एमएसपी पर 6 लाख संग्राहकों को ₹500 करोड़ से अधिक का भुगतान हुआ। नवा रायपुर में देश का पहला डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय स्थापित हुआ।
  • नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार: सुरक्षाबलों के साहस से 31 मार्च 2026 तक दशकों पुरानी नक्सल समस्या से पूर्ण मुक्ति का लक्ष्य है। केंद्र से ₹2,080 करोड़ की विशेष सहायता मिली। आत्मसमर्पित नक्सलियों व पीड़ितों के लिए 15,000 पीएम आवास स्वीकृत हुए (5,671 निर्माणाधीन)।
  • बस्तर कनेक्टिविटी व शिक्षा: आरसीपीएलडब्ल्यूई (RCPLWEA) के तहत 267 सड़कें व 8 पुल बने। पीएमजीएसवाई-4 में ₹699 करोड़ से 228 सड़कें बन रही हैं। हिंसा से दशकों से बंद पड़े 421 स्कूल दोबारा खोले गए और ‘नियद नेल्लानार योजना’ से अंतिम गांवों तक राशन व दवाएं पहुंचाई गईं।

5. केंद्रीय करों की ऐतिहासिक हिस्सेदारी, खनिज व जीएसटी

  • सहकारी संघवाद में 7.4 गुना उछाल: 14वें वित्त आयोग से केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 32% से बढ़ाकर 42% की गई। इसके चलते पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों के अंश के रूप में ₹3,46,806 करोड़ मिले, जो 2004 से 2014 के दशक में मिले ₹47,100 करोड़ से 7.4 गुना अधिक हैं।
  • डीएमएफ व जीएसटी: डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) से राज्य को ₹17,887 करोड़ मिले, जिससे खनन क्षेत्रों में 81 हजार से अधिक विकास कार्य हुए। जीएसटी लागू होने से चेकपोस्ट खत्म हुए और राज्य को ₹22,600 करोड़ की अतिरिक्त क्षतिपूर्ति मिली।

6. सड़क, रेल, ऊर्जा, दूरसंचार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण

  • राजमार्ग व पूंजीगत व्यय: देश का कैपेक्स 2 लाख करोड़ से बढ़कर 12 लाख करोड़ हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ को लगभग ₹22,000 करोड़ मिले। राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए ₹35,766 करोड़ स्वीकृत हुए (37 परियोजनाओं में ₹18,215 करोड़ के कार्य प्रगति पर)। रायपुर-विशाखापट्टनम 6-लेन एक्सप्रेसवे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव 4-लेन (₹4,007 करोड़) और रायपुर-दुर्ग 6-लेन बाईपास (₹2,289 करोड़) का निर्माण जारी है। सभी जिला मुख्यालय एनएच से जुड़े।
  • रेलवे व 4G कनेक्टिविटी: रेल क्षेत्र में ₹54,000 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। ‘डिजिटल भारत निधि’ से वनांचल में 1,643 मोबाइल टावर स्वीकृत हुए।
  • ऊर्जा व सौर क्रांति: ऊर्जा क्षेत्र में ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल प्रोजेक्ट (रायगढ़) की क्षमता 4,000 से बढ़ाकर 4,800 मेगावाट की गई। ₹2,808 करोड़ की केंद्रीय मदद से 9.30 लाख घरों को नए बिजली कनेक्शन मिले। ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ से 1.16 लाख से अधिक घरों में सोलर प्लांट लगे, जिसके लिए ₹670 करोड़ की सब्सिडी मिली।
  • विरासत व पर्यटन: ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या यात्रा। ‘प्रसाद योजना’ से मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ का ₹48 करोड़ से विकास। स्वदेश दर्शन में ₹94 करोड़ का जनजातीय सर्किट स्वीकृत। स्वदेश दर्शन 2.0 में भोरमदेव कॉरिडोर (₹146 करोड़), मयाली-बगीचा जशपुर इको-टूरिज्म (₹10 करोड़) और चंपारण वल्लभाचार्य कॉम्प्लेक्स (₹73.42 करोड़) स्वीकृत हुए। रायपुर में ₹200 करोड़ से ‘पीएम एकता मॉल’ और नवा रायपुर में ‘निफ्ट’ (NIFT) की स्थापना को हरी झंडी मिली।

“आज छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने पर हृदय से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। जैम ट्रिनिटी से लेकर जीएसटी, धारा 370 की समाप्ति, राम मंदिर निर्माण से लेकर बस्तर को नक्सलमुक्त करने तक मोदी जी का नेतृत्व ऐतिहासिक रहा है। ‘कंधे पर गन नहीं, कंधे पर हल’ के विचार ने बस्तर में विकास की नई सुबह लाई है। मंत्रिपरिषद ने संकल्प लिया है कि ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के रोडमैप पर चलकर हम विकसित भारत के निर्माण में अपना सर्वोच्च योगदान देंगे।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (प्रेस वार्ता संबोधन)

छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक एवं प्रेस वार्ता: एक नजर में

  • तारीख व स्थल: 11 अक्टूबर 2026, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर
  • संबोधनकर्ता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा
  • कैबिनेट फैसला 1: पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर सीधी भर्ती की अनुमति
  • कैबिनेट फैसला 2: ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया गया
  • अभिनंदन प्रस्ताव: पीएम नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के 25 वर्ष (7 अक्टूबर 2001 – 2026) पूर्ण होने पर पारित
  • वित्तीय वृद्धि: केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़कर ₹3,46,806 करोड़ (7.4 गुना उछाल)
  • निवेश व अधोसंरचना: ₹8.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, ₹54,000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट्स, ₹35,766 करोड़ के राष्ट्रीय राजमार्ग
  • दीर्घकालिक विजन: छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

11 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए क्या निर्णय लिया गया?

कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक (कांस्टेबल) के कुल 36 पदों पर सीधी भर्ती की अनुमति दी है। राज्य में पहले से ही अग्निवीरों के लिए 10% श्रेणीवार आरक्षण लागू है।

छत्तीसगढ़ के किस सरकारी विभाग का नाम बदला गया है?

छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर केंद्र की तर्ज पर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ कर दिया गया है।

मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए क्या प्रस्ताव पारित किया?

मंत्रिपरिषद ने नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख (गुजरात मुख्यमंत्री व देश के प्रधानमंत्री) के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूरे होने पर उनके कर्मयोग, जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए आधिकारिक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया।

पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों से कुल कितनी राशि मिली है?

सहकारी संघवाद के तहत केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 32% से 42% होने के कारण छत्तीसगढ़ को पिछले 12 वर्षों में ₹3,46,806 करोड़ मिले हैं, जो 2004-14 के दशक से 7.4 गुना अधिक हैं।

आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / मंत्रिपरिषद बैठक प्रेस वार्ता / जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)

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