Sonmoni Borah Durg Review: प्रभारी सचिव ने की विकास कार्यों की समीक्षा; नशे पर ₹10.88 करोड़ की कार्रवाई, सालभर पुराने राजस्व केस होंगे हल

Sonmoni Borah Durg Sonmoni Borah Durg

रायपुर, 16 अक्टूबर: दुर्ग जिले के समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करने के लिए शासन ने कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव तथा दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने जिला मुख्यालय दुर्ग में सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की मैराथन बैठक ली। Sonmoni Borah Durg Review (सोनमणि बोरा दुर्ग समीक्षा बैठक) के दौरान उन्होंने बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रधानमंत्री आवास योजना की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में पुलिस प्रशासन ने जानकारी दी कि जिले में नशे के नेटवर्क पर प्रहार करते हुए इस वर्ष रिकॉर्ड ₹10.88 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त कर 330 आरोपियों को जेल भेजा गया है। प्रभारी सचिव ने तहसीलों में 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने तथा शहरी रैनबसेरों की हालत सुधारने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Sonmoni Borah Durg Review’: प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने दुर्ग में ली सभी विभागों की संयुक्त उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक।
  • नशे के खिलाफ ऐतिहासिक कार्रवाई: एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया—एनडीपीएस में ₹10.88 करोड़ की जब्ती, 157 कार्रवाइयां और 330 तस्कर गिरफ्तार।
  • लंबित राजस्व प्रकरणों का निपटारा: तहसीलों और पंचायतों में एक वर्ष से अटके नामांतरण, बंटवारा और पट्टा प्रकरणों को तत्काल हल करने का आदेश।
  • तांदुला पार्क में नगर वन व हर्बल गार्डन: स्वामी आत्मानंद कॉलेज बोरी में सघन पौधरोपण और तांदुला में ईको-टूरिज्म पार्क का विकास।
  • शहरी आवास व रैनबसेरे: पीएम आवास कॉलोनियों में बुजुर्गों के लिए बेंच, बच्चों के पार्क, ड्रेनेज और रैनबसेरों में उच्चस्तरीय सुविधाएं अनिवार्य।
  • वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना कार्ड: 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के शत-प्रतिशत आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने में तेजी लाने के निर्देश।

Sonmoni Borah Durg Review: जवाबदेही और मानवीय संवेदनाओं के साथ विकास के निर्देश

दुर्ग जिला मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं का वास्तविक पैमाना अंतिम व्यक्ति की संतुष्टि है।

Sonmoni Borah Durg Review के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आधुनिक तकनीक और ई-ऑफिस टूल्स का उपयोग बढ़ाएं, लेकिन कार्यशैली में मानवीय संवेदनशीलता को सबसे ऊपर रखें। उन्होंने जिला पंचायत और नगरीय निकायों (दुर्ग, भिलाई, रिसाली) के बीच समन्वय की कमी को दूर करने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए इंटर-डिपार्टमेंटल स्टडी टूर और क्रॉस-लर्निंग विजिट आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि श्रेष्ठ प्रशासनिक मॉडल्स को आपस में साझा किया जा सके।

नारकोटिक्स पर पुलिस का कड़ा प्रहार: ₹10.88 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त, 330 तस्कर गिरफ्तार

बैठक में कानून-व्यवस्था और नारकोटिक्स नियंत्रण की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री विजय अग्रवाल ने चौंकाने वाले तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत किए:

  • जब्ती के मूल्य में 7 गुना उछाल: पिछले वर्ष जहां एनडीपीएस के तहत ₹1.40 करोड़ के मादक पदार्थ पकड़े गए थे, वहीं इस वर्ष यह जब्ती बढ़कर 10 करोड़ 88 लाख रुपये (₹10.88 करोड़) पहुंच गई है।
  • दर्ज मामले और गिरफ्तारियां: पिछले वर्ष 107 कार्रवाइयों में 262 आरोपी पकड़े गए थे, जबकि इस वर्ष 157 कार्रवाइयों में 330 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
  • कुम्हारी और भिलाई में सघन निगरानी: अंतरराज्यीय नशा तस्करों की सप्लाई लाइन तोड़ने के लिए कुम्हारी और भिलाई-दुर्ग के चिन्हित संवेदनशील मोहल्लों में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
  • टोल-फ्री नंबर 1933 का प्रचार: प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि नशा मुक्ति के लिए स्कूलों, कॉलेजों और बाजारों में टोल-फ्री हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार किया जाए और नुक्कड़ नाटकों व काउंसलिंग के जरिए युवाओं को पुनर्वास केंद्रों से जोड़ा जाए।

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राजस्व और पीएम आवास: 1 वर्ष से लंबित नामांतरण केस और रैनबसेरों की हालत सुधारने का आदेश

आम जनता के रोजमर्रा के राजस्व विवादों और शहरी गरीबों के आवास पर कड़े निर्देश जारी किए गए:

  • 1 वर्ष पुराने राजस्व केसों का निपटारा: तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, खाता विभाजन (बंटवारा) और सीमांकन के जो मामले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं, उनका शिविर लगाकर पारदर्शी निराकरण किया जाए।
  • पीएम आवास क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएं: नगर निगम आयुक्तों को निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री आवास योजना की बहुमंजिला इमारतों में केवल फ्लैट न दिए जाएं, बल्कि वहां बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंच, बच्चों के लिए सुरक्षित पार्क, सामुदायिक भवन और पक्की जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था हो।
  • रैनबसेरों का कायाकल्प: बेसहारा और निराश्रितों के लिए संचालित शहरी रैनबसेरों में साफ बिस्तर, शुद्ध पेयजल, सुरक्षा और स्वच्छता का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया।

तांदुला पार्क में नगर वन व हर्बल गार्डन: स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय अनिवार्य

पर्यावरण और स्कूली शिक्षा की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने कई अभिनव परियोजनाओं का जायजा लिया:

  • वन विभाग के नवाचार: वन मंडलाधिकारी (DFO) सी.पी. अग्रवाल ने बताया कि स्वामी आत्मानंद मॉडल कॉलेज बोरी में सघन पौधरोपण किया गया है और तांदुला पार्क में अत्याधुनिक ‘नगर वन’ तथा ‘हर्बल गार्डन’ की स्थापना की जा रही है।
  • पीएम-श्री और उत्कृष्ट स्कूल: जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी पीएम-श्री और सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग व स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित पेयजल, विद्युत आपूर्ति और डस्टबिन अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के दाखिले की समीक्षा की गई।
  • सड़क सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट्स: दुर्ग-भिलाई मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) पर साइन बोर्ड लगाने और 108 एम्बुलेंस की इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए।

70+ बुजुर्गों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड और स्वास्थ्य मिशन

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के **’आयुष्मान वय वंदना’ कार्ड** प्राथमिकता से बनाए जाएं ताकि उन्हें 5 लाख तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही जिले में कुष्ठ रोग (Leprosy), सिकलसेल एनीमिया और टीबी-मुक्त भारत अभियान के तहत चल रही जांच व दवा वितरण की प्रगति जांची गई।

“दुर्ग जिला प्रदेश की औद्योगिक और बौद्धिक राजधानी है। यहाँ प्रशासनिक अमले को केवल औपचारिकता पूरी नहीं करनी है, बल्कि समस्याओं की जड़ तक पहुंचकर समाधान निकालना है। नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इसे जन-आंदोलन बनाना होगा। 1 वर्ष से लंबित राजस्व प्रकरणों और पीएम आवास के अधूरे कार्यों को अधिकारी अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर पूरा करें।”— सोनमणि बोरा (IAS), प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं प्रभारी सचिव दुर्ग जिला

समीक्षा बैठक में उपस्थित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अमला

जिला मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे:

  • श्री सी.पी. अग्रवाल (वन मंडलाधिकारी – DFO)
  • श्री विजय अग्रवाल (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक – SSP, दुर्ग)
  • श्री विरेन्द्र सिंह (अपर कलेक्टर – ADM)
  • सुश्री सुरूचि सिंह (आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाई)
  • सुश्री लीना कोसम (आयुक्त, नगर पालिक निगम दुर्ग)
  • श्रीमती मोनिका वर्मा (आयुक्त, नगर पालिक निगम रिसाली)
  • श्री पुलक भट्टाचार्य (अपर संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग) सहित लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी।

दुर्ग जिला स्तरीय समीक्षा बैठक: एक नजर में

  • समीक्षा बैठक: जिला स्तरीय विकास कार्य, नागरिक सुविधाएं एवं कानून-व्यवस्था समीक्षा
  • अध्यक्षता: श्री सोनमणि बोरा (IAS), प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं प्रभारी सचिव दुर्ग
  • स्थान व तिथि: जिला कलेक्ट्रेट सभागार दुर्ग (16 अक्टूबर 2026)
  • नारकोटिक्स जब्ती उपलब्धि: ₹10.88 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त (157 मामले, 330 गिरफ्तारियां)
  • एंटी-ड्रग्स हेल्पलाइन: राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर 1933 का प्रचार-प्रसार
  • राजस्व निर्देश: 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित नामांतरण व बंटवारा मामलों का त्वरित निपटारा
  • शहरी अधोसंरचना: पीएम आवास कॉलोनियों में पार्क, बेंच, ड्रेनेज व रैनबसेरों का कायाकल्प
  • स्वास्थ्य व पर्यावरण: 70+ बुजुर्गों के लिए वय वंदना कार्ड, तांदुला पार्क में नगर वन व हर्बल गार्डन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Sonmoni Borah Durg Review बैठक में नारकोटिक्स को लेकर पुलिस ने क्या आंकड़े प्रस्तुत किए?

Sonmoni Borah Durg Review बैठक में एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष एनडीपीएस के 157 मामलों में 330 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल ₹10.88 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के ₹1.40 करोड़ से सात गुना अधिक है।

प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने राजस्व मामलों को लेकर क्या निर्देश दिए?

उन्होंने तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का शिविर लगाकर पारदर्शी और त्वरित निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए।

दुर्ग और भिलाई के शहरी प्रधानमंत्री आवास क्षेत्रों के लिए क्या सुविधाएं तय हुईं?

शहरी पीएम आवास परिसरों में वरिष्ठ नागरिकों के बैठने के लिए बेंच, बच्चों के लिए सुरक्षित पार्क, सामुदायिक भवन और उचित जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

नशे की रोकथाम के लिए किस हेल्पलाइन नंबर के प्रचार का निर्देश दिया गया?

प्रभारी सचिव ने स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर नशा नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

आधिकारिक स्रोत: जिला प्रशासन दुर्ग / नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग / जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन

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