WRS Ground Raipur Ravan Dahan: ऐतिहासिक मैदान में सीएम विष्णु देव साय ने किया रावण दहन; श्रीराम के ननिहाल में गूंजे जयकारे

WRS Ground Raipur Ravan Dahan WRS Ground Raipur Ravan Dahan

रायपुर, 20 अक्टूबर: असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अंधकार पर प्रकाश की विजय का शाश्वत महापर्व विजयादशमी राजधानी रायपुर में अपार जन-उत्साह और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। रायपुर के पांच दशक से भी अधिक पुराने ऐतिहासिक रेलवे ग्राउंड में आयोजित WRS Ground Raipur Ravan Dahan (डब्ल्यूआरएस मैदान रायपुर रावण दहन) समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। प्रभु श्रीराम के गगनभेदी जयकारों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजन के उपरांत प्रतिकात्मक धनुष-बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। सत्य, न्याय और मानवता के पक्ष में अडिग खड़े रहना ही भगवान श्रीराम के जीवन मूल्यों का सच्चा अनुसरण है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘WRS Ground Raipur Ravan Dahan’: रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में सीएम विष्णु देव साय ने किया रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन।
  • पांच दशकों से अधिक पुरानी परंपरा: 50 वर्षों से अधिक समय से सामाजिक समरसता और धर्म विजय का प्रतीक बना हुआ है डब्ल्यूआरएस मैदान।
  • माता कौशल्या का मायका है छत्तीसगढ़: सीएम ने कहा—’प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था और माटी में रचे-बसे हैं मर्यादा पुरुषोत्तम।’
  • ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद पर प्रहार: पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता; बस्तर में माओवाद के अंत की ओर बढ़ते कदम।
  • 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन: ‘श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ से छत्तीसगढ़ के भक्तों को मिल रहा सौभाग्य।
  • प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित: राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा व जी. स्वामी रहे मौजूद।

WRS Ground Raipur Ravan Dahan: पांच दशकों की गौरवशाली परंपरा और बुराई पर अच्छाई की विजय

राजधानी रायपुर का डब्ल्यूआरएस मैदान पिछले 50 वर्षों से मध्य भारत के सबसे बड़े और भव्य दशहरा उत्सवों का साक्षी रहा है।

WRS Ground Raipur Ravan Dahan समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विजयादशमी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना को जगाने वाला महापर्व है। रावण दहन हमें याद दिलाता है कि अहंकार, अन्याय और अनीति का साम्राज्य चाहे कितना भी विशाल क्यों न हो, सत्य और धर्म के आगे उसका अंत निश्चित होता है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूआरएस मैदान की यह परंपरा नई पीढ़ी को सनातन जीवन मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का एक मजबूत सेतु है।

माता कौशल्या का मायका और श्रीराम का ननिहाल: लोकजीवन में रचे-बसे हैं राघव

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़वासियों के प्रभु श्रीराम के साथ अनूठे और आत्मीय रिश्ते का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पावन धरा पूरे भारतवर्ष में विशिष्ट स्थान रखती है:

  • ननिहाल की पावन माटी: छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि (मायका) होने के कारण भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यहाँ राम को भगवान के साथ-साथ ‘भांजा’ मानकर सम्मान दिया जाता है।
  • दंडकारण्य में वनवास का समय: 14 वर्षों के वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ अपने जीवन का सबसे लंबा समय छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य और वनांचलों में ऋषि-मुनियों की रक्षा करते हुए बिताया था। इसलिए छत्तीसगढ़ के कण-कण और लोकगीतों में राम रचे-बसे हैं।

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संसाधनों से बड़ा है सत्य का सामर्थ्य: वनवासी सेना के संगठित पुरुषार्थ की सीख

मुख्यमंत्री ने रामायण के ऐतिहासिक प्रसंग का दार्शनिक विश्लेषण करते हुए कहा कि रावण के पास सोने की लंका, अपार सैन्य बल और अस्त्र-शस्त्रों से लैस महाबली योद्धाओं की सेना थी:

दूसरी ओर, प्रभु श्रीराम एक साधारण वनवासी की तरह जंगलों में थे। उन्होंने किसी बड़े साम्राज्य की सेना बुलाने के बजाय वनों में रहने वाले वनवासियों और वानर सेना को संगठित किया। यह प्रसंग सिद्ध करता है कि धनबल, बाहुबल और आधुनिक हथियारों से कहीं बड़ी ताकत सत्य, नैतिक संकल्प और संगठित जनशक्ति की होती है। उन्होंने कहा कि रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद का दहन यह चेतावनी देता है कि जो भी व्यक्ति अधर्म और अन्याय का साथ देगा, वह कितना भी पराक्रमी हो, विनाश से बच नहीं सकता।

ऑपरेशन सिंदूर और नक्सलवाद पर प्रहार: आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति

विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक शांति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की:

  • ऑपरेशन सिंदूर का पराक्रम: मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के खिलाफ आंख उठाने वालों को घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा।
  • बस्तर में माओवाद का खात्मा: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और केंद्र-राज्य के समन्वित प्रयासों से बस्तर में दशकों पुराने नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और अब वनांचल के अंतिम छोर तक विकास, शांति और विश्वास की रोशनी पहुंच रही है।

श्रीरामलला दर्शन योजना: 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को मिला अयोध्या का सौभाग्य

22 जनवरी 2024 को अयोध्या धाम में नवनिर्मित भव्य मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 500 वर्षों के संघर्ष और करोड़ों भारतीयों की आस्था की सिद्धि का दिन था:

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के तहत अब तक प्रदेश के 49 हजार से अधिक रामभक्तों को विशेष आस्था ट्रेनों के जरिए पूर्णतः निःशुल्क अयोध्या धाम ले जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं। सरकार तीर्थयात्रियों के भोजन, आवास और सुगम दर्शन की पूरी व्यवस्था कर रही है।

“विजयादशमी का पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि अपने अंतर्मन की बुराइयों को जलाकर सत्य और न्याय के पक्ष में अडिग खड़े रहने का संकल्प है। प्रभु श्रीराम हमारे भांजे हैं और छत्तीसगढ़ उनका ननिहाल है। 49 हजार श्रद्धालुओं का अयोध्या दर्शन और बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा यह सिद्ध करता है कि राम के आदर्शों पर चलकर ही समृद्ध और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है। आइए, हम सब मिलकर एक शांतिपूर्ण और विकसित छत्तीसगढ़ बनाएं।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (डब्ल्यूआरएस मैदान संबोधन)

समारोह में उपस्थित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक

कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और रायपुर नगर उत्तर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित करते हुए विजयादशमी की बधाई दी।

इस ऐतिहासिक आयोजन में पूर्व विधायक श्री कुलदीप सिंह जुनेजा, श्री जयंती भाई पटेल, श्री सूर्यकांत राठौर, डब्ल्यूआरएस दशहरा आयोजन समिति एवं नेशनल क्लब के प्रमुख श्री जी. स्वामी सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और भारी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे।

डब्ल्यूआरएस मैदान विजयादशमी महोत्सव 2026: एक नजर में

  • उत्सव का नाम: ऐतिहासिक विजयादशमी रावण दहन महोत्सव (WRS Ground Raipur Ravan Dahan)
  • आयोजन स्थल: रेलवे डब्ल्यूआरएस (WRS) कॉलोनी मैदान, रायपुर
  • परंपरा की अवधि: पांच दशकों (50+ वर्ष) से अधिक समय से निरंतर
  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय (धनुष-बाण से किया पुतला दहन)
  • दहन किए गए पुतले: रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतले
  • सांस्कृतिक गौरव: माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल (छत्तीसगढ़)
  • धार्मिक योजना उपलब्धि: ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ से 49,000+ श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या दर्शन
  • राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लेख: आतंकवाद के विरुद्ध ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और बस्तर में माओवाद का खात्मा
  • प्रमुख अतिथिगण: सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, जी. स्वामी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

WRS Ground Raipur Ravan Dahan कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौन थे?

WRS Ground Raipur Ravan Dahan कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय थे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया।

रायपुर के डब्ल्यूआरएस मैदान के विजयादशमी उत्सव का क्या इतिहास है?

रायपुर का डब्ल्यूआरएस मैदान पिछले पांच दशकों (50 वर्षों) से अधिक समय से रावण दहन की ऐतिहासिक और भव्य परंपरा का गवाह रहा है, जहाँ हर साल हजारों लोग बुराई पर अच्छाई की विजय देखने जुटते हैं।

श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ से अब तक कितने लोग अयोध्या जा चुके हैं?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, राज्य सरकार की ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ के तहत अब तक छत्तीसगढ़ के 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या धाम ले जाकर दर्शन कराए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने भाषण में प्रभु श्रीराम और छत्तीसगढ़ के किस विशेष संबंध का उल्लेख किया?

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का पावन ननिहाल है, और प्रभु श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का लंबा समय छत्तीसगढ़ के वनांचलों में व्यतीत किया था।

आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन / डब्ल्यूआरएस दशहरा उत्सव समिति

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